कोरोना के खौफ से घरों में बंद थे गांव वाले, 30 लीटर वाइन पीकर सो गये हाथी, जानें पूरा सच

चीन में कोरोना वायरस (Corona Virus) के कारण्‍ण हाहाकार मचा हुआ है. ऐसे में लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों में लॉकडाउन हो चुके हैं. इस बीच सोशल मीडिया पर एक फोटो काफी वायरल हो रहा है. इस फोटो में हाथी के दो बच्‍चों को खेत में सोते हुए देखा जा सकता है

चीन में कोरोना वायरस (Corona Virus) के कारण हाहाकार मचा हुआ है. ऐसे में लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों में लॉकडाउन हो चुके हैं. इस बीच सोशल मीडिया पर एक फोटो काफी वायरल हो रहा है. इस फोटो में हाथी के दो बच्‍चों को खेत में सोते हुए देखा जा सकता है, जबकि एक और फोटो में हाथियों का एक झुंड खेत में मौजूद है. दावा किया जा रहा है कि ये फोटो Yunnan के हैं.

सोशल मीडिया पर इन तस्‍वीरों के साथ एक मैसेज भी वायरल हो रहा है. मैसेज में दावा किया गया है कि कोरोना के डर से एक लॉकडाउन गांव में हाथियों को झुंड घुस गया और खाने की तलाश में इधर-उधर भटकने लगा. झुंड में कुल 14 हाथी थे. हाथियों ने पहले फसलें खायी और बाद में वहा रखे 30 लीटर कॉर्न वाइन पी गये. इतना ही नहीं वाइन पीने के बाद हाथी नशे में मस्‍त हो गये और वहीं खेत में सो गये.

भारत में आईपीएस अधिकारी एचजीएस धालीवाल द्वारा सोशल मीडिया पर हाथियों का फोटो पोस्ट किया गया. उसके बाद भारत में ये तस्‍वीरें काफी शेयर की गयी. चीन में Corono she better don’t के ट्विटर पेज के मुताबिक, यह वाकया चीन के Yunnan के एक गांव में हुआ. 14 हाथियों का एक झुंड यहां घुस गया और उन्होंने तबाही मचा थी. पहले तो वो कॉर्न और खाने के लिए कुछ खोजते रहे लेकिन लास्ट में वाइन पी गये. यहां तक कि आईएफएस प्रवीन कासवान ने भी इस फोटो को ट्विटर पर शेयर किया है.

क्‍या है सच्‍चाई

सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद चीन के एक मीडिया हाउस ‘द पेपर’ के इस ट्वीट के मुताबिक, हाथियों ने गांव में तबाही मचायी. यह बात तो सच्ची है, लेकिन वो 30 किलो वाइन पीकर खेतों में जाकर सो गये, यह सच नहीं है. साथ ही Shanghaiist की खबर के अनुसार भी हाथियों की वाइन पीने वाली बात झूठी है. यहां तक कि वन अधिकारियों ने भी इस खबर को गलत करार दिया है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: AmleshNandan Sinha

Published by: Prabhat Khabar

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >