ट्रंप ने आधी रात रूसी राष्ट्रपति को किया फोन, पुतिन ने दिया ईरान युद्ध रोकने का प्रपोजल, क्या खत्म होगी वॉर?

Iran War: ईरान युद्ध की वजह से तेल की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल रहा है. 2022 के बाद पहली बार यह 100 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया है. इस तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन के बीच चर्चा हुई. पुतिन ने इस दौरान युद्ध को समाप्त करने के लिए प्रपोजल शेयर किया है.

Iran War: ईरान युद्ध की वजह से पूरे विश्व में तेल संकट पैदा हो रहा है. इस समस्या को समाप्त करने के लिए सोमवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बातचीत हुई.  क्रेमलिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन को अमेरिकी राष्ट्रपति का फोन आया, जिसमें दोनों नेताओं ने ईरान और यूक्रेन में जारी संघर्षों पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि यह चर्चा खासकर वैश्विक तेल बाजार के संदर्भ में हुई. उन्होंने इस बातचीत को उत्पादक, पेशेवर और स्पष्ट बताया. क्रेमलिन के अनुसार इस दौरान पुतिन ने ईरान में जारी युद्ध को जल्द खत्म करने के लिए कई सुझाव साझा किए.

यूरी उशाकोव ने पत्रकारों को बताया कि  दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत में ईरान से जुड़ा संघर्ष और वाशिंगटन, मॉस्को तथा कीव के बीच यूक्रेन संकट को सुलझाने के लिए चल रही त्रिपक्षीय वार्ताओं पर खास तौर पर चर्चा हुई. रूसी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार उशाकोव ने कहा, ‘आज रात हुई यह बातचीत व्यावसायिक, खुली और रचनात्मक रही, जैसा कि आमतौर पर रूसी और अमेरिकी नेताओं के बीच संवाद में होता है.’ 

रशिया टुडे (RT) की रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन ने ईरान में चल रहे संघर्ष पर भी अपने विचार साझा किए और ट्रंप को बताया कि पिछले सप्ताह उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और खाड़ी देशों के नेताओं से बातचीत की थी. उशाकोव ने कहा कि ट्रंप ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी और दोनों नेताओं के बीच इस विषय पर काफी ‘गंभीर और सार्थक’ चर्चा हुई. 

पुतिन ने बातचीत के दौरान, ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध को जल्द समाप्त करने के लिए ‘तेज राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान’ की अपील की. ईरान रूस का एक प्रमुख सहयोगी रहा है. उन्होंने यूक्रेन संघर्ष में ट्रंप की मध्यस्थता की कोशिशों का भी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी.

उशाकोव के मुताबिक पुतिन और ट्रंप के बीच लगभग एक घंटे तक बातचीत हुई. ट्रंप ने लंबे समय से चल रहे संघर्ष के बीच रूस और यूक्रेन के बीच लांग टर्म सोल्यूशन करने की अमेरिका की नीति दोहराई. उशाकोव ने बताया कि पुतिन ने यूक्रेन संघर्ष में मध्यस्थता के लिए ट्रंप प्रशासन के निरंतर प्रयासों के लिए उनका आभार भी व्यक्त किया.

पुतिन ने मुजतबा खामेनेई को दी बधाई

इससे पहले सोमवार को ही राष्ट्रपति पुतिन ने ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई को पद संभालने पर शुभकामनाएं दी. पुतिन ने इस दौरान अमेरिका-इजरायल गठबंधन के साथ चल रहे संघर्ष में ईरान को रूस के अटूट समर्थन का भरोसा दिलाया. पुतिन ने कहा, ‘ऐसे समय में जब ईरान सशस्त्र आक्रमण का सामना कर रहा है, मुझे विश्वास है कि आप सम्मानपूर्वक अपने पिता के कार्य को आगे बढ़ाएंगे और ईरानी जनता को एकजुट करेंगे. मैं तेहरान के प्रति हमारे अटूट समर्थन की पुष्टि करना चाहता हूं.’

यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने पर भी हुई चर्चा

उशाकोव ने कहा, ‘बातचीत का मुख्य ध्यान ईरान से जुड़े संघर्ष की स्थिति और यूक्रेन मुद्दे के समाधान के लिए अमेरिका के प्रतिनिधियों के साथ चल रही द्विपक्षीय वार्ताओं पर था.’ यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब रूस और अमेरिका के अधिकारियों के बीच तथा रूस-अमेरिका-यूक्रेन के बीच कई दौर की वार्ताएं हो चुकी हैं, लेकिन अब तक युद्धविराम को लेकर कोई ठोस सफलता नहीं मिली है. उशाकोव ने बताया कि अमेरिका मौजूदा अंतरराष्ट्रीय स्थिति से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा करना चाहता था.

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युद्ध की वजह से बढ़ी तेल की कीमतें

ईरान युद्ध और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ते तनाव के कारण सोमवार को तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई. यह 2022 के बाद तेल का सबसे ऊंचा स्तर है. यह जलडमरूमध्य दुनिया की लगभग 20% तेल और एलएनजी आपूर्ति के लिए अहम मार्ग माना जाता है. 

RT की रिपोर्ट में कहा गया कि पुतिन ने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष अगर जारी रहा, तो इससे वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है. उन्होंने एक सरकारी बैठक में कहा कि इससे खाड़ी क्षेत्र में तेल उत्पादन रुक सकता है और तेल की कीमतें बहुत ज्याद बढ़ सकती हैं.

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ट्रंप ने तेल कीमतों के घटने की जताई उम्मीद

हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिकी नौसेना और उसके सहयोगी देश मिलकर जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों को सुरक्षित रास्ता दिलाने का काम करेंगे. उनका मानना है कि ऐसा होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें घटेंगी. ट्रंप ने यह भी बताया कि इस अस्थायी संकट के दौरान अमेरिका खाड़ी क्षेत्र में चलने वाले तेल टैंकरों को राजनीतिक जोखिम बीमा उपलब्ध करा रहा है. इसके अलावा उन्होंने संकेत दिया कि तेल की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए अमेरिका तेल कारोबार से जुड़े कुछ प्रतिबंधों में ढील भी दे रहा है.

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लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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