ईरान युद्ध ‘बहुत जल्द समाप्त’ होगा: ट्रंप, IRGC का पलटवार; वॉर का द एंड हम तय करेंगे

Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (अमेरिकी समय) को कहा कि ईरान युद्ध जल्द समाप्त होने वाला है. ईरान की सेना लगभग समाप्त है. वहीं ईरान की IRGC ने कहा कि युद्ध कब समाप्त होगा, वह तय करेगा.

Iran War: ईरान में 28 फरवरी से शुरू हुआ युद्ध अब बहुत जल्द समाप्त हो जाएगा. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को यह टिप्पणी की. हालांकि उन्होंने इसके लिए कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं बताई. इससे पहले ट्रंप इस अभियान को एक ‘एक्सकर्शन’ (सैन्य कार्रवाई) बता चुके हैं और कहा था कि अमेरिका इस खतरे को खत्म कर देगा. वहीं ट्रंप की इस टिप्पणी पर ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा कि युद्ध का अंत अमेरिका नहीं, बल्कि वह (ईरान-आईआरजीसी) तय करेंगे.

ट्रंप ने फ्लोरिडा में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, ‘मुझे लगता है कि युद्ध लगभग पूरी तरह खत्म हो चुका है. उनके पास अब न नौसेना बची है, न संचार व्यवस्था और न ही वायुसेना.’ ट्रंप का मानना है कि ईरान के खिलाफ चल रहा युद्ध उनकी शुरुआती 4-5 हफ्तों की समयसीमा से ‘काफी आगे’ पहुंच चुका है.

ट्रंप ने आगे कहा, ‘युद्ध बहुत जल्द खत्म होगा. देखिए, उनके पास जो कुछ भी था, सब खत्म हो चुका है, यहां तक कि उनका नेतृत्व भी. दरअसल उनके नेतृत्व के दो स्तर खत्म हो चुके हैं और उससे भी ज्यादा लोग मारे गए हैं. जिन नेताओं की बात की जा रही है, उनमें से कई के बारे में लोगों ने कभी सुना तक नहीं था. इसलिए यह कार्रवाई बहुत शक्तिशाली और बेहद प्रभावी रही है.’

पूरे मिडिल ईस्ट पर कब्जा करने वाला था ईरान

मीडिया से बातचीत से पहले ट्रंप ने कहा कि ईरान पूरे मिडिल ईस्ट पर कब्जा करने और इजरायल को नष्ट करने की कोशिश कर रहा था. उन्होंने कहा, ‘हमने सही समय पर इसे रोक दिया. इस कार्रवाई में शामिल होकर हमें बहुत गर्व है. यह जल्द ही खत्म हो जाएगा और अगर यह फिर से शुरू हुआ तो उन्हें पहले से भी ज्यादा कड़ी मार झेलनी पड़ेगी.’ 

उन्होंने कहा, ‘अगर हम पहले कार्रवाई नहीं करते, तो वे हमारे खिलाफ हमला करने आ जाते. एक हफ्ते के भीतर वे हम पर हमला करने वाले थे, पूरी तरह तैयार थे. उनके पास जितनी मिसाइलें थीं, वह किसी की कल्पना से कहीं ज्यादा थीं और वे हम पर हमला करने वाले थे. वे पूरे मध्य पूर्व और इजरायल पर भी हमला करने की योजना बना रहे थे.’

ट्रंप ने आगे कहा, ‘अगर उनके पास परमाणु हथियार होता तो वे उसका इस्तेमाल इजरायल के खिलाफ जरूर करते. यह एक बड़ा हमला होने वाला था. उनके पास कई मिसाइल ठिकाने और लॉन्चर थे, जिनमें से लगभग 80 प्रतिशत को हमने अभी तक नष्ट कर दिया है. अब उनके पास बहुत कम लॉन्चर बचे हैं. हमारी सेना ने जो किया है, वह अद्भुत है.’

IRGC का ट्रंप को जवाब

वहीं, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने मंगलवार को कहा कि युद्ध का अंत वही तय करेंगे. यह बयान ट्रंप के उस दावे के जवाब में आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान से जुड़ा संघर्ष ‘जल्द खत्म’ हो जाएगा. टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के अनुसार, IRGC ने अपने बयान में कहा, ‘युद्ध का अंत हम तय करेंगे.’ बयान में आगे कहा गया, ‘क्षेत्र का भविष्य और समीकरण अब हमारे सशस्त्र बलों के हाथ में हैं. अमेरिकी सेना इस युद्ध को खत्म नहीं करेगी.’

ईरान की सेना समाप्त- ट्रंप

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के पहले दो दिनों में ही ईरान की सेना लगभग पूरी तरह नष्ट हो गई थी. उन्होंने कहा, ‘उनके पास अब न नौसेना है, न वायुसेना, न ही एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम. सब कुछ नष्ट कर दिया गया है. उनके पास न रडार है, न टेलीकम्युनिकेशन और न ही नेतृत्व बचा है. यह सब खत्म हो चुका है. अगर मैं अभी यहां से निकलते समय इसे जबर्दस्त सफलता कह दूं तो गलत नहीं होगा, लेकिन हम इससे आगे भी जाएंगे. असल में इस युद्ध का सबसे बड़ा जोखिम तीन दिन पहले ही खत्म हो गया था. हमने पहले दो दिनों में ही उन्हें खत्म कर दिया. जब आप इसके बारे में सोचते हैं तो यह अविश्वसनीय लगता है.’

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मुजतबा खामेनेई से निराश ट्रंप

वहीं, प्रेस से बातचीत के दौरान जब ट्रंप से ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई के बारे में पूछा गया तो उन्होंने नाराजगी जाहिर की. ट्रंप ने कहा, ‘मैं निराश हूं, क्योंकि हमें लगता है कि इससे देश में वही पुरानी समस्याएं जारी रहेंगी. उनके इस चुनाव को देखकर मुझे निराशा हुई.’ ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने सीबीएस न्यूज से कहा, ‘मेरे पास उनके लिए कोई संदेश नहीं है.’ हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि खामेनेई की जगह किसे लाया जा सकता है, इसे लेकर उनके दिमाग में एक नाम है, लेकिन उन्होंने इसका खुलासा नहीं किया.

56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई को देश के सर्वोच्च पद के लिए 88 सदस्यीय असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने चुना है. इस धार्मिक निकाय ने पुष्टि की कि उन्हें ‘विशेषज्ञों की सभा के प्रतिनिधियों के निर्णायक मतदान के आधार पर इस्लामी गणराज्य ईरान की पवित्र व्यवस्था के तीसरे नेता के रूप में नियुक्त और प्रस्तुत किया गया है.’

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ईरान युद्ध से तेल कीमतों में उछाल

यह सत्ता परिवर्तन ऐसे समय में हुआ है जब क्षेत्र में तनाव बेहद बढ़ा हुआ है. 28 फरवरी को हुए सैन्य अभियान में पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत हो गई थी. इसके जवाब में तेहरान ने कई अरब देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और पूरे क्षेत्र में इजरायल से जुड़े ठिकानों पर जवाबी हमले किए. इसके साथ ही ईरान ने संघर्ष को और बढ़ाते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को ब्लॉक कर दिया है. इसकी वजह से वैश्विक तेल बाजार में मुश्किलें पैदा हो गई हैं. तेल की कीमतों में उछाल आ गया है.

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By Anant narayan shukla

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अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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