फ्यूल क्राइसिस से कराह रहा है पाकिस्तान, स्कूल बंद, वर्क फ्रॉम होम शुरू, टेंशन में पीएम शहबाज

Fuel Crisis : पाकिस्तान को भी होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने के बाद फ्यूल सप्लाई में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. यह ग्लोबल एनर्जी सप्लाई के लिए एक जरूरी रूट है. ईरान में जारी युद्ध का असर इस रूट पर पड़ा है. जानें पाकिस्तान ने फ्यूल क्राइसिस से निकलने के लिए क्या उपाय किए हैं.

Fuel Crisis : पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने युद्ध के प्रभावों (ईरान और अमेरिका-इजरायल की जंग) को कम करने के लिए कई उपायों की घोषणा की. इसमें वर्क फ्रॉम होम और सप्ताह में चार दिन काम करना शामिल है. शरीफ ने सरकारी पीटीवी और अन्य प्राइवेट चैनल के माध्यम से राष्ट्र को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि वह देश के लोगों को ऐसे समय संबोधित कर रहे हैं जब पूरा क्षेत्र युद्ध के खतरे का सामना कर रहा है.

शरीफ ने कहा कि युद्ध का प्रभाव किसी भी देश की सीमाओं से परे होता है. इसका असर अन्य देशों पर पड़ता है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की इकोनॉमी खाड़ी (तेल और गैस के बड़े भंडार वाले इलाके) से तेल आपूर्ति पर निर्भर है. तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण देश को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

शरीफ ने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों सरकारें एनर्जी बचाने और खर्च कम करने के लिए जरूरी कदम उठाने पर सहमत हैं.

जानें पाकिस्तान में क्या किए जा रहे हैं उपाय

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1. नए प्लान के तहत, सरकारी डिपार्टमेंट की गाड़ियों के लिए फ्यूल का आवंटन दो महीने के लिए आधा कर दिया जाएगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी दौरान सरकारी डिपार्टमेंट की 60 परसेंट गाड़ियां नहीं चलेंगी.

2. फेडरल कैबिनेट के सदस्य, सलाहकार और स्पेशल असिस्टेंट दो महीने तक सैलरी नहीं लेंगे, जबकि संसद सदस्यों की सैलरी में 25 परसेंट की कटौती होगी.

3. शरीफ ने मंत्रियों, सलाहकारों, स्पेशल असिस्टेंट और सरकारी अधिकारियों के विदेश यात्रा पर भी बैन लगाने का ऐलान किया, जब तक कि यात्रा जरूरी न समझी जाए. इन्हें केवल देश के हित के लिए बहुत जरूरी यात्राओं की ही इजाजत होगी.

4. टेलीकॉन्फ्रेंसिंग और ऑनलाइन मीटिंग को प्राथमिकता दी जाएगी.

5. इन बचत के उपायों में ग्रेड-20 और उससे ऊपर के उन अधिकारियों की दो दिन की सैलरी काटना भी शामिल है, जो हर महीने 300,000 पाकिस्तानी रुपये से अधिक कमाते हैं.

6. सरकार ऑफिशियल डिनर और इफ्तार पार्टियों पर भी पूरी तरह से बैन लगाएगी, जबकि सेमिनार और ऑफिशियल इवेंट केवल सरकारी जगहों पर ही होंगे ताकि खर्च कम हो सके.

7. शरीफ ने कहा कि जरूरी सेवाओं को छोड़कर, पब्लिक और प्राइवेट दोनों सेक्टर के 50 परसेंट स्टाफ घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) करेंगे.

8. सरकारी ऑफिस सप्ताह में चार दिन काम करेंगे, हालांकि यह पॉलिसी बैंकों पर लागू नहीं होगी.

9. एनर्जी बचाने की मुहिम के तहत इस सप्ताह के आखिर से देश भर के स्कूल भी दो सप्ताह के लिए बंद रहेंगे.

10. सभी सरकारी डिपार्टमेंट अपने खर्च में 20% की कटौती करेंगे.

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Published by: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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