ममदानी के बाद 8 US सांसदों ने उमर खालिद के लिए उठाई आवाज, भारतीय राजदूत को पत्र लिख की रिहाई की मांग

US Lawmakers Support Umar Khalid Fair Trial and Bail: न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी के समर्थन पत्र के बाद अब अमेरिका के 8 सांसदों ने उमर खालिद के लिए अपना समर्थन दिया है. उन्होंने भारत सरकार से मांग की है कि निष्पक्ष न्याय प्रक्रिया अपनाई जाए और खालिद को जमानत देकर अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत निष्पक्ष और समयबद्ध सुनवाई सुनिश्चित की जाए.

US Lawmakers Support Umar Khalid Fair Trial and Bail: उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े बड़े साजिश मामले में आरोपी उमर खालिद को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है. न्यूयॉर्क के नवनियुक्त मेयर जोहरान ममदानी के समर्थन पत्र के बाद अब अमेरिका के कई सांसदों ने भी इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए भारत सरकार से निष्पक्ष न्याय प्रक्रिया की अपील की है. अमेरिका के आठ सांसदों ने भारत सरकार से आग्रह किया है कि उमर खालिद को अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों के अनुरूप निष्पक्ष और समयबद्ध सुनवाई का अवसर दिया जाए. 

इन सांसदों में हाउस रूल्स कमेटी के रैंकिंग मेंबर और टॉम लैंटोस मानवाधिकार आयोग के सह-अध्यक्ष डेमोक्रेट सांसद जिम मैकगवर्न शामिल हैं, जो मैसाचुसेट्स के दूसरे निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं. मैकगवर्न समेत सात अन्य सांसदों ने यह पत्र अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा को संबोधित करते हुए लिखा है. पत्र के मुताबिक, मैकगवर्न और अन्य सांसदों ने दिसंबर की शुरुआत में उमर खालिद के माता-पिता से मुलाकात की थी. 

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए मैकगवर्न ने कहा, “इस महीने की शुरुआत में मैंने उमर खालिद के माता-पिता से मुलाकात की, जो भारत में बिना मुकदमे के पाँच साल से ज्यादा समय से जेल में बंद हैं. प्रतिनिधि रैस्किन और मैं अपने सहयोगियों के साथ मिलकर यह अपील कर रहे हैं कि उन्हें जमानत दी जाए और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत निष्पक्ष और समयबद्ध सुनवाई सुनिश्चित की जाए.”

अमेरिकी सांसदों ने पत्र में लिखा कि यूएपीए के तहत उमर खालिद की लंबी हिरासत को स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ अंतरराष्ट्रीय मानकों के खिलाफ मानते हैं. उन्होंने कहा कि भारत को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी व्यक्ति को उचित समय के भीतर मुकदमा मिले या उसे रिहा किया जाए और जब तक दोष सिद्ध न हो, तब तक उसे निर्दोष माना जाए. हम अनुरोध करते हैं कि आपकी सरकार खालिद और अन्य सह-आरोपियों के मामलों में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप न्यायिक प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी साझा करे.” इस पत्र पर कांग्रेसमैन जैमी रैस्किन, सीनेटर क्रिस वैन होलेन, सीनेटर पीटर वेल्च, कांग्रेसवुमन प्रमिला जयपाल, राशिदा त्लैब, जैन शाकॉव्स्की और कांग्रेसमैन लॉयड डॉगेट के हस्ताक्षर हैं.

ममदानी ने भी जारी किया था संदेश

यह घटनाक्रम उस संदेश के बाद सामने आया है, जो न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने उमर खालिद के नाम लिखा था और जिसे उनकी साथी बानो ज्योत्सना ने सोशल मीडिया पर साझा किया. हालांकि इस पर कोई तारीख नहीं लिखी है, यह ममदानी के न्यूयॉर्क का मेयर बनने के बाद ही साझा की गई है, जिन्होंने 1 जनवरी 2026 के शपथ ली. अपने संदेश ममदानी ने लिखा कि कड़वाहट को लेकर तुम्हारी बातें अक्सर याद आती हैं और यह भी कि उसे खुद पर हावी नहीं होने देना कितना जरूरी है. तुम्हारे माता-पिता से मिलकर अच्छा लगा. हम सभी तुम्हारे बारे में सोच रहे हैं.

हाली में जमानत पर बाहर आए थे खालिद

हाल ही में दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने उमर खालिद को अपनी बहन आयशा फातिमा सैयद की शादी में शामिल होने के लिए 16 से 29 दिसंबर 2025 की सीमित अवधि की अंतरिम जमानत दी थी. उमर खालिद पर उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए के तहत आरोपपत्र दाखिल किया गया है. उनकी जमानत याचिका फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में लंबित है.

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