अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. बुधवार (15 जुलाई) को अमेरिका ने ईरान पर नए हवाई हमले किए और उसकी समुद्री नाकेबंदी भी फिर से लागू कर दी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान बातचीत के लिए आगे नहीं आया, तो अमेरिका पावर प्लांट और पुलों जैसे अहम ठिकानों को भी निशाना बना सकता है. पिछले महीने दोनों देशों के बीच हुआ समझौता अब टूटता नजर आ रहा है. खाड़ी क्षेत्र में दोनों देशों ने अपनी मिलिट्री एक्टिविटी भी तेज कर दी हैं.
ट्रंप ने Fox News को दिए इंटरव्यू में कहा कि एनर्जी ठिकानों पर क्या करना है, उस पर फैसला बाद में होगा, लेकिन हम अपने लक्ष्य पूरे करेंगे. उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि अगले हफ्ते पावर प्लांट निशाने पर होंगे, उसके बाद पुलों पर कार्रवाई होगी.
ईरान के अंदर सैन्य ठिकानों पर एक और हवाई हमला
डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के अंदर सैन्य ठिकानों पर एक और हवाई हमला किया. अमेरिकी सेना का कहना है कि इस कार्रवाई का मकसद उन सैन्य क्षमताओं को खत्म करना था, जिनका इस्तेमाल ईरान होर्मुज से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों पर हमले के लिए कर रहा था.
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अमेरिकी सेना ने बताया कि 14 जुलाई शाम 4 बजे से (भारतीय समयानुसार देर रात 1:30 बजे से) ईरान के बंदरगाहों और तटीय इलाकों की ओर आने-जाने वाले जहाजों पर फिर से नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर दी गई है. अमेरिकी सेना के मुताबिक, फिलहाल मध्य पूर्व में अमेरिकी नौसेना के 20 से अधिक वॉरशिप और सैकड़ों सैन्य विमान तैनात हैं और सभी किसी भी कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
