US President Donald Trump : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी सैन्य ताकत को तबाह करने का दावा किया है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी हमलों ने ईरान की सैन्य क्षमता को लगभग पूरी तरह खत्म कर दिया है. एएनआई एजेंसी के मुताबिक, ट्रंप ने बताया कि अब ईरान बातचीत करना चाहता है और दोनों देशों के बीच मुलाकात भी हो रही है. उन्होंने कहा कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो किसी समझौते तक बातचीत पहुंच सकती है.
अगर हम कमजोर होते तो ईरान कभी बातचीत नहीं मांगता
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान ने सीधे तौर पर अपने मध्यस्थों के जरिए बातचीत का अनुरोध किया है, उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका की स्थिति कमजोर होती तो ईरान कभी बातचीत की पहल नहीं करता. ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी कार्रवाई का असर इतना बड़ा रहा कि अब तेहरान बातचीत के रास्ते पर आने को मजबूर हुआ है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल यह देखना होगा कि बातचीत का नतीजा क्या निकलता है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की सैन्य क्षमता को लगभग पूरी तरह नष्ट कर दिया है, इसलिए तेहरान अब बातचीत चाहता है. ट्रंप ने कहा कि समझौते की संभावना है. वहीं, रूस द्वारा ईरान को सैटेलाइट मदद देने के दावे पर उन्होंने कहा कि इसकी पुष्टि करेंगे, लेकिन अगर ऐसा हुआ भी है तो उसका कोई खास असर नहीं पड़ा.
रूस की मदद के दावे पर बोले- पुतिन से खुद पूछूंगा
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के उस दावे पर, जिसमें कहा गया था कि रूस ईरान को अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए सैटेलाइट निगरानी संबंधी जानकारी दे रहा है, ट्रंप ने कहा कि वह इस बारे में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से खुद बात करेंगे. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ भी है तो उसका कोई खास असर दिखाई नहीं दिया है.
ईरान के पास अब सेना, वायुसेना और नौसेना जैसी ताकत नहीं
राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान की सैन्य क्षमता बुरी तरह प्रभावित हुई है. उन्होंने कहा कि ईरान के पास अब प्रभावी सेना, वायुसेना या नौसेना जैसी ताकत नहीं बची है. ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें नहीं लगता कि रूस बड़े स्तर पर ईरान की मदद कर रहा है और यदि कुछ सहायता मिली भी है तो वह युद्ध की स्थिति बदलने में पूरी तरह नाकाम रही है.
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