5 या 8 नहीं, भारत-पाक जंग में गिरे 11 महंगे फाइटर जेट; ट्रंप का दावा- 200% टैरिफ की धमकी से रुकी लड़ाई

Trump Claims 11 Jets Down: अमेरिकी राष्ट्रपति ने खुलासा किया कि उन्होंने पीएम मोदी और शहबाज शरीफ को ट्रेड बंद करने की चेतावनी दी थी. ट्रंप के मुताबिक, उनके डर से दोनों देश पीछे हटे और करोड़ों जानें बचीं. हालांकि, भारत ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है.

Trump Claims 11 Jets Down: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच हुए विवाद को लेकर बड़ा दावा किया है. ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की बैठक में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अपनी सूझबूझ से दोनों देशों के बीच छिड़ी जंग को शांत कराया और करीब 2.5 करोड़ लोगों की जान बचाई. ट्रंप के अनुसार, उन्होंने दोनों देशों को भारी-भरकम ‘200 परसेंट टैरिफ’ लगाने की धमकी दी थी, जिसके बाद दोनों देशों ने बातचीत का रास्ता चुना.

टैरिफ की धमकी और ‘पैसे’ का पावर

ट्रंप ने अपने भाषण में बताया कि जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर था, तब उन्होंने दखल दिया. उन्होंने कहा कि मैंने दोनों देशों के नेताओं को फोन किया और साफ कह दिया कि अगर आपने झगड़ा खत्म नहीं किया, तो मैं आप पर 200% टैरिफ लगा दूंगा. व्यापार पूरी तरह ठप हो जाएगा. ट्रंप ने चुटकी लेते हुए कहा कि दुनिया में पैसे से बढ़कर कुछ नहीं है. जैसे ही भारी आर्थिक नुकसान की बात आई, दोनों देशों ने लड़ने का इरादा छोड़ दिया और समझौता कर लिया.

विमानों की संख्या पर नया आंकड़ा: अब बताया 11

दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप हर बार इस संघर्ष में गिरे विमानों की संख्या बढ़ा देते हैं. पहले उन्होंने 5 विमान गिरने की बात कही थी, फिर यह संख्या 8 हुई, और अब उन्होंने दावा किया है कि इस संघर्ष में दोनों ओर के 11 महंगे लड़ाकू विमान मार गिराए गए थे. ट्रंप ने इसे एक भीषण युद्ध की तरह पेश किया, जिसमें आसमान से विमान गिर रहे थे.

पाकिस्तान के पीएम ने बताया ‘मसीहा’

ट्रंप के इस दावे को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का भी साथ मिला. शरीफ ने ट्रंप की तारीफों के पुल बांधते हुए उन्हें ‘शांति का दूत’ और ‘दक्षिण एशिया का रक्षक’ बताया. शरीफ के अनुसार, अगर ट्रंप समय पर हस्तक्षेप नहीं करते, तो करोड़ों लोगों की जान जा सकती थी. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि पीएम मोदी उन्हें बहुत अच्छी तरह जानते हैं और वह उनके दोस्त हैं.

भारत ने इन दावों को पूरी तरह सिरे से खारिज किया है

भले ही ट्रंप अपनी पीठ थपथपा रहे हों, लेकिन भारत सरकार ने उनके इन दावों को पूरी तरह सिरे से खारिज कर दिया है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि:

  • भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर दोनों देशों के DGMO (सैन्य संचालन महानिदेशक) के बीच हुई बातचीत का नतीजा था.
  • इसमें किसी भी तीसरे देश या व्यक्ति (जैसे ट्रंप) की कोई भूमिका नहीं थी.
  • भारत ने हमेशा यह स्टैंड रखा है कि कश्मीर या पाकिस्तान से जुड़ा कोई भी मुद्दा द्विपक्षीय (बाइलैटरल) है, जिसे दोनों देश मिलकर सुलझाएंगे.

क्या था पूरा मामला?

ट्रंप दरअसल पिछले साल अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद के हालातों की बात कर रहे थे. उस हमले में 26 निर्दोष लोग मारे गए थे, जिसके जवाब में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाकर पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को तबाह किया था. ट्रंप का कहना है कि उसी दौरान उन्होंने बीच में आकर परमाणु युद्ध का खतरा टाला था.

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लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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