Visa Ban: सऊदी अरब ने भारत-पाकिस्तान समेत 14 देशों पर लगाया वीजा बैन, प्रिंस ने क्यों किया ऐसा?

Visa Ban: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर (Reciprocal Tariff ) से पूरी दुनिया में पहले से ही खलबली मची हुई है और अब सऊदी अरब ने भारत-पाकिस्तान समेत 14 देशों पर वीजा बैन लगाकर बवाल खड़ा कर दिया है. यह फैसला सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने लिया है. यह बैन उन्होंने अस्थायी तौर पर लगाया है, तो मध्य जून तक जारी रहेगा. तो आइये यहां जानें कि आखिर सऊदी के प्रिंस ने वीजा बैन क्यों लगाया?

Visa Ban: सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने भारत-पाकिस्तान सहित दुनिया के 14 देशों पर अस्थायी वीजा बैन लगा दिया है. यह बैन बिजनेस और फैमिली वीजा के साथ-साथ उमराह वीजा पर भी लागू रहेगा.

क्राउन प्रिंस ने क्यों लगाया वीजा बैन?

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस ने भारत-पाकिस्तान समेत 14 देशों पर वीजा बैन हज की सुरक्षा को लेकर लगाया है. सरकार ने यह फैसला इसलिए लिया क्योंकि बिना रजिस्ट्रेशन दूसरे देशों से हज में शामिल होने वाले लोगों को रोका जा सके. यह अस्थायी बैन जून के मध्य तक जारी रहेगा. हज समाप्त होने के बाद वीजा बैन हटा लिया जाएगा.

पिछले साल हो गई थी 1000 से अधिक लोगों की मौत

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस ने वीजा बैन का फैसला इसलिए लिया, क्योंकि पिछले साल हज के दौरान 1000 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी. जिसमें मृतकों में वैसे लोग शामिल थे, जो अनधिकृत रूप से हज में शामिल हुए थे. वैसे में सरकार की कोशिश है कि बिना रजिस्ट्रेशन वाले हज यात्रियों को प्रवेश करने से रोका जाए.

भारत-पाकिस्तान के अलावा इन देशों में सऊदी ने लगाया वीजा बैन

सऊदी अरब ने भारत-पाकिस्तान समेत जिन 14 देशों में वीजा बैन लगाया है, उसमें बांग्लादेश, मिस्र, इंडोनेशिया, नाइजीरिया, इराक, जॉर्डन, अल्जीरिया, सूडान, इथियोपिया, ट्यूनीशिया और यमन शामिल हैं.

हज यात्रियों की सुरक्षा पर फोकस

सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने वीजा बैन के पीछे का कारण गिनाते हुए कहा, यह फैसला हज यात्रियों की सुरक्षा को लेकर लिया गया है. हज यात्रा में लोगों को परेशान कम हो, उनकी सुरक्षा बेहतर और यात्रा आरामदायक हो. इसको ध्यान में रखकर वीजा बैन का फैसला लिया गया.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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