Quad Summit 2025: भारत में आयोजित क्वॉड के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान अमेरिका ने साफ संकेत दिया कि क्वॉड अब केवल बातचीत तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएगा. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने नई दिल्ली में कहा कि क्वॉड धीरे-धीरे एक एक्शन ओरिएंटेड रणनीतिक साझेदारी में बदल रहा है. हैदराबाद हाउस में आयोजित बैठक के दौरान उन्होंने भारत सरकार और विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर का स्वागत और मेजबानी के लिए धन्यवाद दिया.
रुबियो ने कहा कि पिछले एक साल में क्वॉड देशों का लक्ष्य सिर्फ समस्याओं पर चर्चा करना नहीं बल्कि उन पर ठोस कार्रवाई करना रहा है. उन्होंने कहा कि अब यह मंच धीरे-धीरे ऐसे गठबंधन में बदल रहा है जो वास्तविक काम कर रहा है. उनके मुताबिक सदस्य देशों की जनता को यह बताया जा सकता है कि कई क्षेत्रों में तेजी और प्रभावी तरीके से सहयोग आगे बढ़ रहा है.
एशिया पैसिफिक से लेकर एनर्जी सिक्योरिटी तक फोकस
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि हाल के वैश्विक घटनाक्रमों के बाद क्वॉड का एजेंडा पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है. उन्होंने बताया कि क्वॉड सिर्फ चार रणनीतिक सहयोगी देशों की बैठक नहीं है, बल्कि हर सदस्य देश अपनी अलग क्षमता लेकर आता है. सामूहिक रूप से ये देश दुनिया की कई बड़ी चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हैं. रुबियो ने खास तौर पर मानवीय सहायता, ऊर्जा सुरक्षा, नौवहन की स्वतंत्रता, क्रिटिकल मिनरल और सप्लाई चेन डाइवर्सिफाई करने जैसे मुद्दों का उल्लेख किया.
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क्रिटिकल मिनरल और सप्लाई चेन पर बढ़ेगा सहयोग
उन्होंने कहा कि ऊर्जा के अलावा क्रिटिकल मिनरल और सप्लाई चेन को विविध और सुरक्षित बनाना क्वॉड की प्राथमिकताओं में शामिल है. यह बयान ऐसे समय आया है जब दुनिया भर में चीन पर निर्भर सप्लाई चेन को लेकर चिंता बढ़ रही है और कई देश वैकल्पिक नेटवर्क तैयार करने की दिशा में काम कर रहे हैं.
बैठक खत्म होने के बाद भी जारी रहता है काम
मार्को रुबियो ने कहा कि क्वॉड सिर्फ औपचारिक बैठकों तक सीमित नहीं है. उन्होंने बताया कि सदस्य देशों के अधिकारी पूरे साल लगातार संपर्क में रहते हैं और योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए काम करते हैं. उनके मुताबिक अमेरिकी विदेश विभाग में विशेष रूप से ऐसे अधिकारी नियुक्त किए गए हैं जो क्वॉड सहयोग और उससे जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने पर काम करते हैं.
मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री बनने के तुरंत बाद उनकी पहली आधिकारिक बैठक क्वॉड से जुड़ी थी. उन्होंने कहा कि इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अमेरिका इस समूह को गंभीरता से लेता है. रुबियो ने कहा कि पिछले तीन दिनों के दौरान हुए द्विपक्षीय कार्यक्रमों के अलावा भारत ने इस अहम बैठक की मेजबानी कर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. अमेरिकी विदेश मंत्री आज अपनी चार दिनी यात्रा समाप्त करके अमेरिका (पहले आर्मेनिया) वापस लौट रहे हैं. उन्होंने क्वॉड विदेश मंत्रियों की बैठक को बेहद अहम समय में आयोजित सम्मेलन बताया.
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क्वॉड बैठक में किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
भारत के निमंत्रण पर ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वांग, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत पहुंचे. यह बैठक 1 जुलाई 2025 को वॉशिंगटन डीसी में हुई पिछली क्वॉड बैठक के आधार पर आगे बढ़ाई गई. बैठक में मुख्य रूप से मुक्त और खुला हिंद-प्रशांत क्षेत्र, समुद्री सुरक्षा, नौवहन की स्वतंत्रता, नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था, जलवायु अनुकूलन क्षमता, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी और बुनियादी ढांचा विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई. इसके अलावा क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों और वैश्विक हालात पर भी सदस्य देशों ने अपने विचार साझा किए.
