Putin India Visit: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जल्द ही भारत दौरे पर आ सकते हैं. भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने मॉस्को यात्रा के दौरान यह जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि इस साल के अंत में राष्ट्रपति पुतिन भारत आ सकते हैं. यह पुतिन का चार साल बाद पहला भारत का दौरा होगा. पुतिन के दौरे की खबर ऐसे समय में आ रही है जब भारत और रूस के साथ अमेरिकी की तनातनी चल रही है, और अमेरिका ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ थोप दिया है. उम्मीद है कि पीएम मोदी के साथ राष्ट्रपति पुतिन बड़ी रणनीति बनाएंगे.
पुतिन के आने की तारीखों पर चल रहा विचार- सूत्र
भारत के एनएसए अजीत डोभाल ने अपनी मास्को यात्रा के दौरान कहा है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा की तारीखों पर विचार किया जा रहा है. एनएसए ने अपनी बैठकों में किसी निश्चित तारीख या समय का संकेत नहीं दिया है. वहीं इससे पहले अंदेशा लगाया जा रहा था कि पुतिन अगस्त महीने के आखिरी दिनों में भारत आ सकते हैं, हालांकि बाद में इसे खारिज कर दिया गया.
ट्रंप ने लगयाा भारत पर 50 फीसदी टैरिफ
भारतीय आयातों पर ट्रंप के घोषित शुरुआती 25 फीसदी शुल्क गुरुवार से लागू हो गए. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अब उन देशों से अरबों डॉलर का शुल्क उनके देश में आना शुरू हो जाएगा, जिन्होंने अमेरिका का फायदा उठाया है. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया, ”आधी रात हो गई है!!! अरबों डॉलर के शुल्क अब संयुक्त राज्य अमेरिका में आ रहे हैं!” ट्रंप ने इससे पहले कहा था ”जवाबी शुल्क आज आधी रात से लागू होंगे! अरबों डॉलर, जिनमें से ज्यादातर उन देशों से आएंगे, जिन्होंने कई वर्षों तक अमेरिका का फायदा उठाया है.
ट्रंप के कदम को भारत ने कहा अविवेकपूर्ण
बुधवार को रूस से तेल खरीद जारी रखने पर भारत से आयातित वस्तुओं पर अतिरिक्त 25 फीसदी शुल्क लगाने के कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे. इसके साथ ही भारतीय उत्पादों पर अमेरिका में लगने वाला शुल्क अब बढ़कर 50 प्रतिशत हो गया है. इस कदम से कपड़ा, समुद्री उत्पाद और चमड़ा निर्यात जैसे क्षेत्रों पर बुरा असर पड़ने की आशंका है. इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत ने कहा कि ये कदम ‘अनुचित और अविवेकपूर्ण’ करार दिया. विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि अमेरिका ने भारत पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का फैसला किया है. साथ ही, भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा.
