PoK : पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में तथाकथित विधानसभा चुनाव के पहले चरण के दौरान हालात हिंसक हो गए. पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने दावा किया है कि सुरक्षा बलों के साथ झड़पों में उसके 14 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.
पुलिस ने मृतकों के आंकड़ों पर उठाए सवाल
पीओके के पुलिस प्रमुख लियाकत अली मलिक ने 14 मौतों के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब तक शव बरामद होकर पोस्टमार्टम नहीं होते, तब तक आधिकारिक पुष्टि संभव नहीं है. उन्होंने बताया कि झड़पों में एक रेंजर्स जवान की मौत हुई, जबकि दो रेंजर्स और दो पुलिसकर्मी घायल हुए हैं.
JAAC का आरोप है कि उसके शांतिपूर्ण 'लॉन्ग मार्च' पर सुरक्षा बलों ने बिना उकसावे के गोलीबारी की. संगठन का कहना है कि प्रदर्शनकारी निहत्थे थे और उनके पास केवल लाठियां थीं. दूसरी ओर, PoK पुलिस का दावा है कि प्रदर्शनकारियों के पास आधुनिक हथियार थे और उन्होंने पहले सुरक्षा बलों पर फायरिंग की.
12 विवादित सीटों को लेकर कई हफ्तों से आंदोलन
जेएएसी पिछले कई सप्ताह से विधानसभा की 12 शरणार्थी आरक्षित सीटों को समाप्त करने की मांग कर रहा है. संगठन का आरोप है कि पाकिस्तान का सत्ता प्रतिष्ठान इन सीटों के जरिए अपनी पसंद की सरकार बनवाता है. इसी मुद्दे पर रावलकोट से मुजफ्फराबाद तक 'लॉन्ग मार्च' निकाला गया था.
भारत पहले भी उठा चुका है मुद्दा
भारत पहले ही पीओके में जारी प्रदर्शनों को वहां के लोगों के कथित शोषण और प्रशासनिक दमन का परिणाम बता चुका है. फिलहाल चुनाव के बीच इंटरनेट सेवाएं निलंबित हैं और मीडिया कवरेज पर भी प्रतिबंध लगाया गया है. पाक सरकार और जेएएसी के बीच बातचीत के बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं निकल सका है.
यह भी पढ़ें- PoJK में फिर भड़का जनआक्रोश! रावलाकोट से मुजफ्फराबाद कूच, चुनाव के बीच हिंसा और धांधली के आरोपों से पाक घिरा
