बोर्ड ऑफ पीस: पहले पाकिस्तानी पीएम ‘साइडलाइन’, फिर ट्रंप ने शरीफ को खड़ा करवाकर मोदी की तारीफ की, Video

Donald Trump Shehbaz Sharif: पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ अमेरिकी राषट्र्पति द्वारा बनाए गए गाजा ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के मीटिंग में शामिल हुए. हालांकि, उनके लिए यह मीटिंग अच्छी नहीं रही. उन्हें मीटिंग में सेंटर स्टेज तो मिला नहीं, साथ ही ट्रंप ने उन्हें खड़ा करवा कर मोदी की तारीफ अलग से कर दी. यह पाकिस्तान के लिए बेहद असहज करने वाली स्थिति रही.

Donald Trump Shehbaz Sharif: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को गाजा के लिए बनाई गई बोर्ड ऑफ पीस की बैठक बुलाई. ट्रंप की नई शांति पहल में दर्जनों देशों के नेता शामिल हुए, जिनमें पाकिस्तान भी था. हालांकि, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इस बैठक में अजीब तरह से अलग-थलग और हाशिये पर नजर आए. यह बैठक इस्लामाबाद के घटते कूटनीतिक प्रभाव को उजागर करती दिखी, जबकि पाकिस्तान इस पहल का स्थायी सदस्य है.

गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बोर्ड ऑफ पीस की बैठक पाकिस्तान की वैश्विक प्रासंगिकता में वापसी को प्रदर्शित करने वाली मानी जा रही थी. लेकिन, न्यूज 18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कूटनीतिक सूत्रों के हवाले से कहा गया कि औपचारिक निमंत्रण मिलने के बावजूद पाकिस्तान प्रभाव या स्पष्टता प्रदर्शित करने में संघर्ष करता दिखा, खासकर गाजा के मुद्दे पर. रिपोर्ट के अनुसार, आधिकारिक समूह फोटो के दौरान प्रधानमंत्री शरीफ को केंद्रीय स्थान नहीं दिया गया, जो कूटनीतिक संकेतों में छोटा लेकिन अहम संकेत माना जाता है. 

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ बिल्कुल सेंटर में खड़े थे. वहीं सऊदी अरब, इंडोनेशिया और कतर के नेता सीधे उनके पीछे थे. इसके विपरीत, शरीफ को किनारे की ओर रखा गया. वहां भी वह चुपचाप अजीब ढंग से व्यवहार करते दिखे. सूत्रों ने कार्यवाही के दौरान पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल को असहज और हाशिये पर धकेला हुआ बताया. शरीफ के इस एक्शन का वीडियो भी सोशल मीडिया पर आया. देखें-

सेना भेजने में आनाकानी कर रहा पाकिस्तान

यह आयोजन इस्लामाबाद के घटते कूटनीतिक वजन को रेखांकित करता है. ट्रंप की नई शांति पहल Board of Peace में शामिल देशों से उम्मीद की जा रही है कि एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण और पुलिसिंग बल के लिए हजारों कर्मियों का योगदान देंगे. इसमें पहले पाकिस्तान का नाम था. लेकिन मीटिंग के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से उन देशों के नाम गिनाए जिनसे बल योगदान की अपेक्षा है. इनमें इंडोनेशिया, मोरक्को, अल्बानिया, कोसोवो, कजाकिस्तान, मिस्र और जॉर्डन शामिल थे, लेकिन पाकिस्तान का नाम गायब रहा. एक कूटनीतिक सूत्र के हवाले से कहा गया कि पहले सेना भेजनी की तत्परता के संकेतों के बाद, पाकिस्तान अब ‘सेना तैनात करने को लेकर अनिच्छुक’ है.

ट्रंप ने शरीफ को खड़ा करवाकर मोदी की तारीफ की

इसी दौरान ट्रंप ने शहबाज शरीफ को खड़ा करवाकर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की. दुनिया भर के नेताओं और मीडिया की मौजूदगी में ट्रंप ने कहा, ‘भारत और पाकिस्तान… यह बहुत बड़ा मामला था. मैंने प्रधानमंत्री मोदी से बात की है. वह काफी उत्साहित हैं और सच कहूं तो वह इस कार्यक्रम को अभी देख भी रहे हैं. भारत और पाकिस्तान, आप दोनों का धन्यवाद. मोदी एक शानदार व्यक्ति हैं और मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं.’ 

यह पूरा सीन काफी दिलचस्प रहा. एक तरफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री प्रोटोकॉल के तहत खड़े होकर यह सब सुन रहे थे, वहीं भारत इस बैठक में सिर्फ एक पर्यवेक्षक के रूप में शामिल था और प्रधानमंत्री मोदी खुद वहां मौजूद नहीं थे. जिस तरह ट्रंप ने सार्वजनिक मंच पर शहबाज शरीफ को खड़ा करके प्रधानमंत्री मोदी का जिक्र किया, वह पाकिस्तान के लिए असहज स्थिति जैसी थी. पाकिस्तान जहां खुद को ट्रंप का करीबी सहयोगी दिखाने की कोशिश कर रहा है, वहीं ट्रंप बार-बार अपनी बातों में भारत और मोदी को ज्यादा अहमियत देते नजर आए.

ट्रंप और रुबियो ने बाद में तारीफ की भी

हालांकि, पहले प्रधानमंत्री शरीफ हाशिये पर दिखे, लेकिन बाद में ट्रंप ने उनके और पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की सार्वजनिक रूप से तारीफ की. शरीफ के बारे में ट्रंप ने कहा, ‘मुझे यह आदमी पसंद है. जब मैं उनसे मिला, तब कुछ गोलीबारी चल रही थी और आपके फील्ड मार्शल आसिम मुनीर शानदार व्यक्ति हैं.’

ट्रंप ने कहा, ‘उन्होंने (पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने) हमारे चीफ ऑफ स्टाफ के सामने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत और हमारे बीच युद्ध रोककर 2.5 करोड़ लोगों की जान बचाई… वह युद्ध भड़क चुका था. विमान गिराए जा रहे थे. और मैंने दोनों को फोन किया. मैं उन्हें थोड़ा जानता था. मैं प्रधानमंत्री मोदी को बहुत अच्छी तरह जानता हूं… मैंने उन्हें फोन किया और कहा अगर आप लोग यह मामला नहीं सुलझाते, तो मैं आप दोनों के साथ कोई व्यापार समझौता नहीं करूंगा.’ 

11 जेट गिरे; 200 प्रतिशत टैरिफ की धमकी और रुक गई लड़ाई- ट्रंप

उन्होंने आगे कहा, ‘और अचानक हमने एक समझौता कर लिया. मैंने कहा, अगर आप लड़ेंगे तो मैं आपके दोनों देशों पर 200 प्रतिशत टैरिफ लगा दूंगा. वे दोनों लड़ना चाहते थे, लेकिन जब बात पैसे पर आई तो पैसे जैसा कुछ नहीं होता. जब बहुत सारा पैसा खोने की बात आई, तो उन्होंने कहा, शायद हम लड़ना नहीं चाहते… 11 जेट गिराए गए, बहुत महंगे जेट.’ पाकिस्तान के लिए यह प्रशंसा रणनीतिक समर्थन से अधिक कूटनीतिक दिलासा जैसी प्रतीत हुई.

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गाजा के लिए ट्रंप की शांति योजना का समर्थन करने और Board of Peace में शामिल होने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सराहना की. उन्होंने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के साथ एक बैठक भी की और महत्वपूर्ण खनिजों के विकास तथा आतंकवाद-रोधी सहयोग पर दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों की फिर से पुष्टि की. वहीं बोर्ड ऑफ पीस के उद्घाटन बैठक के दौरान शहबाज शरीफ ने पाकिस्तान-भारत संघर्ष में ट्रंप की ‘मध्यस्थता’ के लिए उनकी जमकर तारीफ की. शरीफ ने उन्हें ‘शांति का आदमी (Man of Peace)’ और ‘दक्षिण एशिया के लोगों का उद्धारक’ बताया.

भारत खारिज कर चुका है तीसरे देश की मध्यस्तता

Board of Peace में बोलते हुए ट्रंप ने संघर्ष के दौरान गिराए गए लड़ाकू विमानों की संख्या भी बढ़ा दी और इसे पहले बताए गए आठ से बढ़ाकर 11 कर दिया. ट्रंप ने यह भी दोहराया कि उन्होंने इस संघर्ष को सुलझाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन किया था, जबकि भारत किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को पहले ही खारिज कर चुका है.

ट्रंप अप्रैल 2024 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पैदा हुए हालात का जिक्र कर रहे थे, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी. इसके जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर सटीक कार्रवाई की थी. भारत का लगातार कहना है कि युद्धविराम दोनों देशों के सैन्य अभियान डीजीएमओ के बीच द्विपक्षीय बातचीत से हुआ था, इसमें किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं थी.

ये भी पढ़ें:- इमरान खान को कंप्रोमाइज करने 2 ऑफर दिए गए थे, लेकिन… शहबाज के करीबी का खुलासा; मचा हड़कंप 

ये भी पढ़ें:- ट्रंप की भारत नीतियां भारतीय-अमेरिकियों को नामंजूर, समर्थन में भारी गिरावट; सर्वे का दावा- गुस्सा, चिंता और डर बढ़ा

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >