Pakistan Army Chief: पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनिर ने दोहराया है कि उनका राजनीतिक महत्वाकांक्षा से कोई संबंध नहीं है और वे स्वयं को केवल देश का सेवक मानते हैं. पाकिस्तान के जांग मीडिया ग्रुप के कॉलमिस्ट सुहैल वर्रैच के अनुसार, मुनिर ने हाल ही में ब्रसेल्स, बेल्जियम में उनसे बातचीत में यह स्पष्ट किया. यह यात्रा उन्होंने अमेरिका के दौरे के बाद की थी. मुनिर ने कहा कि भगवान ने मुझे देश का रक्षक बनाया है. मैं इसके अलावा किसी पद की आकांक्षा नहीं रखता. उन्होंने आगे कहा कि मैं एक सैनिक हूं और मेरी सबसे बड़ी ख्वाहिश शहादत है.
Pakistan Army Chief: अफवाहों का खंडन
मुनिर के इस बयान का समय सोशल मीडिया पर अफवाहों के बीच आया, जिसमें कहा जा रहा था कि वे राष्ट्रपति असिफ अली जरदारी को बदलने की योजना बना रहे हैं. वर्रैच के कॉलम के अनुसार, मुनिर ने दो घंटे लंबी बैठक में स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री बदलने की अफवाहें पूरी तरह से निराधार हैं. पाकिस्तान सेना ने भी 7 अगस्त को इन अफवाहों को “बेसबुनियाद” बताया. सेना प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा, “फील्ड मार्शल आसिम मुनिर के राष्ट्रपति बनने की बातें पूरी तरह से निराधार हैं.”
Asim Munir Political Ambitions Denial: फील्ड मार्शल पदोन्नति और सैन्य दृष्टिकोण
मई में मुनिर को फील्ड मार्शल के पद पर प्रमोट किया गया, जिससे वे देश के इतिहास में इस रैंक हासिल करने वाले दूसरे सैन्य अधिकारी बने. यह पदोन्नति भारत के साथ ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ते तनाव के बीच हुई थी.
क्षेत्रीय सुरक्षा और चेतावनी
मुनिर ने भारत और अफगानिस्तान को भी चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि यदि भारत पाकिस्तान की शांति को “प्रॉक्सी” के जरिए अस्थिर करता है या अफगान तालिबान को पाकिस्तान में धकेलता है, तो इसका उत्तर मिलेगा. मुनिर ने यह भी कहा कि अफगानों के प्रति वर्षों की दी गई मदद के बावजूद अब उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है.
सेना प्रमुख ने पाकिस्तान में खनिज क्षेत्र के विकास की महत्वाकांक्षा साझा की. उन्होंने कहा कि देश के पास दुर्लभ पृथ्वी के खजाने हैं, जिससे पाकिस्तान का कर्ज कम होगा और वह समृद्ध देशों में गिना जाएगा. विशेषकर रेको दीक खनन परियोजना से अगले वर्ष से कम से कम 2 अरब डॉलर की शुद्ध आय होने का अनुमान है. मुनिर ने अमेरिकी और चीनी संबंधों के संतुलन को बनाए रखने का भरोसा भी जताया और कहा, “हम एक मित्र की खातिर दूसरे को नहीं छोड़ेंगे.”
