आतंकी पन्नू की हत्या की साजिश रचने के आरोपी निखिल गुप्ता को चेक कोर्ट से लगा बड़ा झटका, अब एक ही उम्मीद बाकी

निखिल गुप्ता को 30 जून, 2023 को चेक गणराज्य के प्राग में गिरफ्तार किया गया था और इस समय उसे वहीं रखा गया है. इसके बाद से उम्मीद चेक कोर्ट पर टिकी थी जहां से निखिल गुप्ता को झटका मिला है.

खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने के मामले में एक बड़ी खबर आ रही है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हत्या की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता को चेक रिपब्लिक की कोर्ट से झटका लगा है. मामले को लेकर कोर्ट का फैसला शुक्रवार को आया जिसमें कहा गया है कि चेक रिपब्लिक सरकार यदि चाहे तो अमेरिकी जमीन पर सिख अलगाववादी को मारने की असफल साजिश में शामिल होने के आरोपी को अमेरिका को सौंप सकता है जो भारतीय व्यक्ति है. चेक के न्याय मंत्रालय की ओर से उक्त जानकारी दी गई.

उम्मीद चेक सरकार के न्याय मंत्री पावेल ब्लेजेक के ऊपर टिकी

आपको बता दें कि भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता की उम्मीदें अब चेक सरकार के न्याय मंत्री पावेल ब्लेजेक के ऊपर टिक गई है. दरअसल, मंत्रालय के एक प्रवक्ता की ओर से जो जानकारी दी गई है उसके अनुसार, 52 वर्षीय आरोपी निखिल गुप्ता के प्रत्यर्पण पर अंतिम निर्णय न्याय मंत्री पावेल ब्लेजेक को लेना है. निखिल गुप्ता पर अमेरिकी सरकार के वकीलों ने पिछले साल नवंबर में एक मुकदमा दायर करने का काम किया था. आरोप लगाया गया था कि खालिस्तानी अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू को अमेरिका की जमीन पर मारने की साजिश रची गई थी जो नाकाम रही.

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पन्नू के पास अमेरिका और कनाडा की दोहरी नागरिकता

आरोप लगाते हुए कहा गया था कि एक भारतीय सरकारी कर्मचारी के साथ मिलकर यह साजिश रची गई थी. खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की बात करें तो उसके पास अमेरिका और कनाडा की दोहरी नागरिकता है. इन आरापों के तहत निखिल गुप्ता को 30 जून, 2023 को चेक रिपब्लिक के प्राग में गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तार किये जाने के बाद से उसे वहीं रखा गया है. वहीं अमेरिकी सरकार उसके प्रत्यर्पण की मांग कर रही है.

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अब चेक की कोर्ट ने निखिल के अमेरिका प्रत्यर्पण का रास्ता साफ कर दिया है. अब देखने वाली बात है कि मंत्रालय की ओर से क्या फैसला लिया जाता है.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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