होली को सिर्फ रंगों का त्यौहार नहीं है, यह जीवन में खुशियां और पॉजिटिव एनर्जी को लाने का भी प्रतीक है. कुछ ही दिनों में होली का त्यौहार आने वाला है और ऐसे में हमारे वास्तु शास्त्र में इससे जुड़े भी कुछ खास नियम बताये गए हैं. वास्तु शास्त्र की अगर मानें तो होली के दिन हम जिन रंगों का इस्तेमाल करते हैं उनका हमारे मन, सेहत और किस्मत पर काफी गहरा असर पड़ता है. अगर आप होली के दिन सही रंगों का चयन करते हैं तो यह आपके जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता लेकर आते हैं. वहीं, एक गलत रंग आपकी जिंदगी को परेशानियों से घिरा हुआ बना सकता है. आज इस आर्टिकल में हम आपको विस्तार से बताने जा रहे हैं कि आखिर आपको होली के दिन किस रंग का इस्तेमाल करना चाहिए और किस रंग से दूर रहना चाहिए। तो चलिए इन वास्तु टिप्स के बारे में जानते हैं विस्तार से.
एनर्जी और कॉन्फिडेंस का प्रतीक लाल रंग
हमारे वास्तु शास्त्र में लाल रंग को हमेशा से ही शक्ति, साहस और प्यार का प्रतीक माना गया है. जब आप होली के दिन लाल रंग से खेलते हैं तो आपका कॉन्फिडेंस बढ़ता है और साथ ही रिश्तों में मजबूती भी आती है. अगर आपको अपने जीवन में या फिर करियर में नयी शुरुआत करनी है तो आपके लिए यह लाल रंग काफी ज्यादा शुभ साबित हो सकता है.
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सुख और समृद्धि लाने वाला पीला रंग
वास्तु शास्त्र के अनुसार पीले रंग का संबंध भगवान विष्णु और गुरु ग्रह से होता है. यह एक ऐसा रंग है जिसे आप पॉजिटिविटी, ज्ञान और खुशहाली का भी प्रतीक मान सकते हैं. जब आप होली के दिन पीले रंग का इस्तेमाल करते हैं तो आपके घर में सुख-शांति और फिनांशियल स्टेबिलिटी बनी रहती है. अगर आप एक स्टूडेंट हैं या फिर नौकरी करते हैं तो आपको पीले रंग से होली खेलना चाहिए.
तरक्की और अच्छी सेहत का संकेत हरा रंग
वास्तु शास्त्र में हरे रंग को नेचर, ग्रोथ और बैलेंस का प्रतीक बताया गया है. अगर आप जीवन में तरक्की और मेंटल पीस पाना चाहते हैं, तो हरे रंग से होली खेलें. इस रंग का इस्तेमाल आपके लिए काफी शुभ हो सकता है क्योंकि यह आपके स्ट्रेस को कम करता है और साथ ही रिश्तों में मिठास को बढ़ाने में मदद करता है.
शांति और स्थिरता का रंग है नीला
वास्तु शास्त्र में नीले रंग को मन को शांत करने वाला रंग बताया गया है. अगर किसी भी इंसान के जीवन में स्ट्रेस है या फिर मेंटल प्रेशर है, तो उसे नीले रंग का इस्तेमाल करना चाहिए होली खेलने के लिए. वास्तु शास्त्र के अनुसार यह रंग पेशेंस और बैलेंस्ड सोच को बढ़ाने का काम करता है.
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रिश्तों में प्यार बढ़ाने वाला गुलाबी रंग
गुलाबी रंग को हमेशा से ही प्यार, अपनापन और खुशियों का प्रतीक माना गया है. अगर आपको रिश्ते में आ रही दूरियों और गलतफहमियों को दूर करना है, तो आपको गुलाबी रंग से होली खेलना चाहिए. आपके जीवन में यह एक पॉजिटिव बदलाव लेकर आ सकता है.
इन रंगों से रखें थोड़ी सावधानी
वास्तु शास्त्र की अगर मानें तो आपको होली खेलते समय कभी भी काले या फिर काफी ज्यादा गहरे रंग का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. इस तरह के जो रंग होते हैं उन्हें निगेटिविटी और हैवी एनर्जी का प्रतीक माना जाता है.
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