Seraikela Court Verdict, सरायकेला (प्रताप मिश्रा): सरायकेला-खरसावां जिले के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामशंकर सिंह की अदालत ने एनडीपीएस एक्ट के एक मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी मो. शमीम को दोषी करार दिया है. अदालत ने आरोपी को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(बी) के तहत 7 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है. जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दोषी को 4 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा.
एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज की गयी थी प्राथमिकी
मामले के अनुसार, 9 जुलाई 2021 को आदित्यपुर थाना में आरोपी मो. शमीम के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. प्राथमिकी आदित्यपुर थाना में पदस्थापित तत्कालीन पुलिस पदाधिकारी सागरलाल महथा के लिखित आवेदन पर दर्ज हुई थी. आवेदन में बताया गया था कि 9 जुलाई को पुलिस सशस्त्र बल के साथ दोपहर करीब 3:30 बजे गश्ती पर निकली थी.
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तलाशी के दौरान युवक के पास मिला था ब्राउन शुगर
शाम करीब 4:10 बजे आदित्यपुर के इमली चौक स्थित लवेला होटल के पास एक युवक पुलिस को देखकर भागने लगा. संदेह के आधार पर पुलिस ने युवक को दौड़ाकर पकड़ लिया और तलाशी ली. तलाशी के दौरान युवक के पास से 101 पुड़िया ब्राउन शुगर बरामद की गयी. पूछताछ में युवक ने अपना नाम मो. शमीम बताया. उसने स्वयं को सरायकेला थाना क्षेत्र के मुड़िया गांव का निवासी बताया, जबकि अपने स्थायी पते के रूप में बिहार के वैशाली जिले का रहने वाला बताया. इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आदित्यपुर थाना में उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया. अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी पाते हुए यह सजा सुनाई.
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