यह भारत नहीं है… न्यूजीलैंड में फिर रोका गया सिख नगर कीर्तन, ब्रायन तमाकी ग्रुप ने लगाया घातक हथियार लहराने का आरोप

New Zealand Sikh Nagar Kirtan Disrupted by Brian Tamaki Group: न्यूजीलैंड में सिख समुदाय की शांतिपूर्ण धार्मिक शोभायात्रा नगर कीर्तन को एक बार फिर विरोध का सामना करना पड़ा है. गुरु गोबिंद सिंह की जयंती पर ताउरंगा शहर में निकाले गए नगर कीर्तन को दक्षिणपंथी पेंटेकोस्टल नेता ब्रायन तमाकी और उनके डेस्टिनी चर्च समर्थकों ने बाधित करने की कोशिश की. प्रदर्शनकारियों ने जुलूस के मार्ग में माओरी हाका किया और “यह न्यूजीलैंड है, भारत नहीं” जैसे बैनर दिखाए. हालांकि पुलिस और सिख स्वयंसेवकों की मौजूदगी से स्थिति नियंत्रण में रही. शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला बताया. तमाकी ने सोशल मीडिया पर विरोध को “शांतिपूर्ण प्रतिरोध” बताते हुए आप्रवासन और बहुसांस्कृतिक नीतियों के खिलाफ बयान दिए. इससे पहले भी ऑकलैंड में नगर कीर्तन का विरोध हो चुका है, जिस पर भारत और सिख संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी.

By Anant Narayan Shukla | January 12, 2026 8:22 AM

New Zealand Sikh Nagar Kirtan Disrupted by Brian Tamaki Group: न्यूजीलैंड में धार्मिक सहिष्णुता और बहुसांस्कृतिक मूल्यों पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं. सिख समुदाय द्वारा शांतिपूर्ण तरीके से निकाली जाने वाली धार्मिक शोभायात्रा को लगातार दूसरी बार बाधित किया गया. इस घटना ने न सिर्फ स्थानीय सिखों को चिंतित किया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी आलोचना हो रही है. न्यूजीलैंड में आयोजित वार्षिक सिख धार्मिक शोभायात्रा, जिसे नगर कीर्तन कहा जाता है, रविवार को तीन हफ्तों से भी कम समय में दूसरी बार व्यवधान का शिकार हुई. यह शोभायात्रा सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह की जयंती के उपलक्ष्य में निकाली गई थी. इस दौरान ब्रायन तमाकी नामक, एक स्थानीय दक्षिणपंथी धार्मिक समूह ने कार्यक्रम को बाधित करने की कोशिश की. इस पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) सहित कई सिख संगठनों ने कड़ी चिंता जताई.

यह घटना ऑकलैंड से करीब 225 किलोमीटर दूर माउंट माउंगानुई के पास स्थित ताउरंगा शहर में हुई. 11 जनवरी को सुबह लगभग 11 बजे नगर कीर्तन गुरुद्वारा सिख संगत से शुरू होकर कैमरन रोड होते हुए ताउरंगा बॉयज कॉलेज की ओर बढ़ा. उसी समय पेंटेकोस्टल नेता ब्रायन तमाकी और उनकी डेस्टिनी चर्च से जुड़े लोगों ने जुलूस के सामने प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने सिख शोभायात्रा के मार्ग में पारंपरिक माओरी हाका किया और “यह न्यूजीलैंड है, भारत नहीं” जैसे नारे लिखे बैनर लहराए. हालांकि, पुलिस और सिख समुदाय के स्वयंसेवकों के समन्वय से स्थिति नियंत्रण में रही और कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका. किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए न्यूजीलैंड पुलिस ने पहले से ही व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी.

SGPC ने घटना की निंदा की

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने इस ताजा घटना की निंदा करते हुए कहा कि नगर कीर्तन सिख धर्म की एक पवित्र और शांतिपूर्ण परंपरा है. उन्होंने इसे धार्मिक स्वतंत्रता और सामाजिक सौहार्द पर सीधा हमला बताया और न्यूजीलैंड तथा भारत सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की.

ब्रायन तमाकी ग्रुप ने घटना का वीडियो शेयर करते हुए क्या लिखा?

घटना के बाद ब्रायन तमाकी ने विरोध से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसमें “किसकी सड़कें? कीवी सड़कें (WHOSE STREETS? KIWI STREETS)” और “सच्चे देशभक्त पीछे हटने वाले नहीं हैं. (The True Patriots Are Not Backing Down)” जैसे संदेश लिखे गए. उन्होंने इस विरोध को “शांतिपूर्ण प्रतिरोध” बताया.  उन्होंने आगे लिखा, आज ताउरंगा में हमारे सच्चे देशभक्तों ने सिख जुलूस का जवाब हाका के जरिये दिया. न हिंसा से, न चुप्पी से, बल्कि शांतिपूर्ण प्रतिरोध के साथ. हमारे नारे हमारी सड़कों पर गूंजे. सच्चे देशभक्तों का आंदोलन रुकने वाला नहीं है. पूरे न्यूजीलैंड में… और ज्यादा कीवी आगे आ रहे हैं. और जोर से. और मजबूती से. बिना किसी शर्म के.

उन्होंने आगे लिखा, ‘यह हमारी जमीन है. यह हमारा संकल्प है. आज सिखों ने पुलिस लाइन को तोड़ने की कोशिश की. यह साफ है कि उनका एक एजेंडा है. हमारी सड़कों पर तलवारें, कुल्हाड़ियाँ और खंजर लहराए जा रहे हैं. वे यहां कब्जा करने आए हैं. लेकिन जब तक हम हैं, ऐसा नहीं होगा! यही हमारी हाका की भावना है- हम अपने झंडे के लिए लड़ेंगे. हम अपने परिवारों के लिए लड़ेंगे. हम अपने धर्म के लिए लड़ेंगे. हम अपने भविष्य के लिए लड़ेंगे.’

उन्होंने आगे कहा, ‘न्यूजीलैंड बिक्री के लिए नहीं है. इसे न तो अपमानित किया जाएगा, न गलत इस्तेमाल किया जाएगा, और न ही इसकी संस्कृति को मिटाया जाएगा. यह देश सार्वजनिक जीवन में अलग-अलग देवताओं को जगह देने के लिए नहीं बना. यह ईसाई मूल्यों पर आधारित है. हम न्यूज़ीलैंड को एक बार फिर ईश्वर का अपना देश बनाएंगे.’

उन्होंने देश के प्रधानमंत्री क्रिस लक्सन और अन्य नेताओं के नाम भी संदेश दिया और कहा कि आप हमारी राष्ट्रीय पहचान की रक्षा करने में असफल रहे हैं. आपने बिना आत्मसात की शर्त के दरवाजे खोल दिए. आपने न्यूजीलैंड को बिखरने, बंटने और कमजोर होने दिया. नेतृत्व गिरावट को संभालना नहीं होता. नेतृत्व राष्ट्र की रक्षा करना होता है.

ब्रायन तमाकी ग्रुप ने मांग की और कहा, ‘आगे का रास्ता साफ है. सामूहिक आप्रवासन रोको. पुनः-प्रवास शुरू करो. निर्वासन शुरू करो. पुनर्स्थापना शुरू करो. आस्था को बहाल करो. परिवारों को बहाल करो. कीवी जीवनशैली को बहाल करो. उन्होंने कहा कि यह नफरत नहीं है. यह आत्म-संरक्षण है. तमाकी ग्रुप ने कहा कि 31 जनवरी… जनता खड़ी होगी. ऑकलैंड हार्बर ब्रिज.’

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया के बाद, ब्रायन तमाकी ग्रुप ने 12 जनवरी को एक और वीडियो पोस्ट किया. वीडियो के साथ उन्होंने कहा, ‘यहाँ बताया जा रहा है कि कल ताउरंगा में क्या हुआ, जब युवा “ट्रू पैट्रियट्स” ने न्यूजीलैंड की जमीन पर निकाली गई एक विदेशी धार्मिक शोभायात्रा का शांतिपूर्वक विरोध किया. उन्होंने कहा कि अगर लोग न्यूजीलैंड में प्रवास करते हैं, तो उन्हें कीवी जीवनशैली में खुद को ढालना होगा. बात इतनी सी है. हम न्यूजीलैंड को, न्यूजीलैंड ही बनाए रखना चाहते हैं. यह नफरत नहीं है… यह आत्म-संरक्षण है.’ हालांकि उन्होंने पहले लिखा था कि सिख नगर कीर्तन के दौरान कुल्हाड़ी नजर आ रही थी, लेकिन इस पोस्ट में उन्होंने उसे सुधारा और कहा कि कुल्हाड़ी नहीं था, लेकिन खंजर, चाकू और तलवारें वीडियो में साफ दिखाई दे रही हैं. 

गौरतलब है कि इससे पहले भी ऑकलैंड में गुरु गोबिंद सिंह के पुत्रों, साहिबजादों की शहादत की याद में निकाले गए नगर कीर्तन का विरोध किया गया था. 22 दिसंबर को हुई उस घटना के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, अकाल तख्त के जत्थेदार और SGPC ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी.

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