पापा की दूसरी शादी में स्वाहा हुआ बेटे का 'शगुन', 10 साल के बच्चे ने पिता को कोर्ट में घसीटा

चीन के हेनान में एक अनोखा कानूनी मामला सामने आया है. यहां एक पिता ने अपने 10 साल के बेटे के 'लूनर न्यू ईयर' पर मिले शगुन के करीब 11 लाख रुपये अपनी दूसरी शादी के जश्न में खर्च कर दिए. जब बेटे को बैंक अकाउंट खाली मिला, तो उसने पिता पर केस कर दिया. कोर्ट ने अब पिता को फटकार लगाते हुए पूरे पैसे लौटाने का आदेश दिया है. जानें क्या है पूरा विवाद.

क्या आपके माता-पिता भी आपका ‘नेग’ या ‘शगुन’ के पैसे यह कहकर रख लेते हैं कि बेटा, हम संभाल कर रखेंगे? चीन से एक ऐसा हैरान करने वाला मामला सामने आया है जहां एक पिता ने अपने ही 10 साल के मासूम बेटे के साथ ‘खिलावाड़’ कर दिया. पिता ने बेटे के गुल्लक के लाखों रुपये अपनी दूसरी शादी की पार्टी और खर्चों में उड़ा दिए. जब बेटे को पता चला, तो उसने सीधे कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और केस जीत लिया.

क्या है पूरा मामला?

द इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के अनुसार, चीन के झेंग्झौ (हेनान प्रांत) में रहने वाले एक 10 साल के लड़के को सालों से लूनर न्यू ईयर (Lunar New Year) पर ‘लाल लिफाफों’ (Hongbao) में शगुन के पैसे मिल रहे थे. धीरे-धीरे यह रकम बढ़कर 82,750 युआन (करीब 11,00,961 रुपये) हो गई थी. लड़का अपने तलाकशुदा पिता के साथ रहता था, इसलिए पिता ने ही बैंक अकाउंट खुलवाकर ये पैसे और उसका ब्याज (इंटरेस्ट) मैनेज किया था.

दूसरी शादी के बाद खुला राज

जब पिता ने दूसरी शादी की, तो लड़का अपनी मां के पास रहने चला गया. वहां जाकर जब बैंक अकाउंट चेक किया गया, तो मां-बेटे के होश उड़ गए. अकाउंट पूरी तरह खाली था. पिता ने बेटे के भविष्य के लिए रखे 9 लाख रुपये (और उस पर मिला ब्याज) अपनी दूसरी शादी के तामझाम में खर्च कर दिए थे.

पिता की दलील- रिश्तेदार तो मेरे थे

जब मां और बेटे ने पैसे वापस मांगे, तो पिता ने साफ मना कर दिया. पिता का कहना था कि ये पैसे उसके खुद के दोस्तों और रिश्तेदारों ने दिए हैं, इसलिए इस पर उसका हक है. उन्होंने यह भी वादा किया कि जब बेटा बड़ा हो जाएगा, तब पैसे लौटा देंगे. इतना ही नहीं, पिता ने बेटे की माँ पर भी आरोप लगाया कि वह पैसों के लालच में बच्चे को भड़का रही है.

कोर्ट ने क्या सुनाया फैसला?

आखिरकार मामला अदालत पहुंचा. चीनी कोर्ट ने पिता को फटकार लगाते हुए पूरे पैसे ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया. कोर्ट ने इस फैसले के पीछे 3 बड़े कारण बताए:

  • पर्सनल प्रॉपर्टी: चीन के कानून (सिविल कोड) के मुताबिक, अगर किसी नाबालिग को गिफ्ट मिलता है, तो वह उसकी निजी संपत्ति बन जाती है.
  • गार्जियन की लिमिट: माता-पिता बच्चों के पैसों को सिर्फ ‘संभाल’ सकते हैं. वे इसे केवल बच्चे की पढ़ाई या इलाज जैसे जरूरी कामों पर ही खर्च कर सकते हैं.
  • अधिकारों का हनन: पिता का अपनी शादी के लिए बच्चे के पैसे इस्तेमाल करना गैर-कानूनी है.

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क्या है ‘होंगबाओ’ की परंपरा?

चीन में लूनर न्यू ईयर पर लाल लिफाफे (Hongbao) में पैसे देने का रिवाज सदियों पुराना है. लाल रंग को वहां खुशहाली और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है. यह परंपरा सोंग और युआन राजवंश (960-1368) के समय से चली आ रही है. अक्सर बड़े-बुजुर्ग बच्चों को आशीर्वाद के रूप में ये पैसे देते हैं, ताकि उनका आने वाला साल अच्छा रहे. हालांकि, हाल के दिनों में चीन में इस बात को लेकर काफी बहस छिड़ी हुई है कि इन पैसों पर हक बच्चों का है या उनके पेरेंट्स का.

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लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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