नेपाल के PM बनते ही बालेन शाह का फैसला: छात्र राजनीति पर बैन, विदेशी नाम वाले स्कूल बदलेंगे

Nepal PM Balen Shah: नेपाल के नए पीएम बालेन शाह ने शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है. अब सेंट जेवियर और ऑक्सफोर्ड जैसे विदेशी नाम वाले स्कूलों को अपनी नेपाली पहचान बतानी होगी. कॉलेज कैंपस से राजनीतिक दलों का कब्जा हटाकर 90 दिनों में छात्र परिषद बनाई जाएगी. युवाओं के लिए अब डिग्री लेना और भी आसान होगा.

Nepal PM Balen Shah: नेपाल के नए प्रधानमंत्री बालेन शाह ने अपनी पहली कैबिनेट मीटिंग में शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह बदलने के लिए 100 सूत्रीय एजेंडा पेश किया है. ‘नेपाल न्यूज’ की रिपोर्ट के अनुसार, 35 साल के बालेन शाह ने 27 मार्च 2026 को पद संभालते ही पढ़ाई को तनावमुक्त और राजनीति से दूर रखने के लिए कई बड़े बदलाव किए हैं.

छात्र राजनीति पर लगा बैन 

सरकार ने स्कूल और यूनिवर्सिटी कैंपस से राजनीतिक दलों से जुड़े छात्र संगठनों को पूरी तरह बैन कर दिया है. इन संगठनों को तय समय के भीतर कैंपस खाली करने को कहा गया है. राजनीति खत्म करने के लिए अगले 90 दिनों के भीतर ‘स्टूडेंट काउंसिल’ बनाई जाएगी, जो बिना किसी पार्टी के दबाव के छात्रों की बात रखेगी. सरकारी आदेश में साफ कहा गया है कि टीचर और कर्मचारी भी किसी राजनीतिक दल या ट्रेड यूनियन से नहीं जुड़ सकेंगे.

5वीं क्लास तक कोई एग्जाम नहीं

छोटे बच्चों पर पढ़ाई का बोझ कम करने के लिए ग्रेड 5 तक की पारंपरिक परीक्षाओं को खत्म कर दिया गया है. अब बच्चों का रिजल्ट उनके व्यवहार और ‘साइकोलॉजिकल इवैल्यूएशन’ (मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन) के आधार पर तैयार होगा. इसका मकसद बच्चों को रट्टा मार पढ़ाई के बजाय एक बेहतर माहौल देना है.

स्कूलों को बदलना होगा अपना विदेशी नाम

सरकार ने ‘ऑक्सफोर्ड’, ‘पेंटागन’ और ‘सेंट जेवियर्स’ जैसे विदेशी नाम वाले स्कूलों को कड़ी चेतावनी दी है. इन स्कूलों को इस साल के अंत तक अपना नाम बदलकर नेपाली पहचान वाला नाम रखना होगा. सरकार का मानना है कि इससे शिक्षा में राष्ट्रीय पहचान को बढ़ावा मिलेगा.

यूनिवर्सिटी एडमिशन के लिए नागरिकता की जरूरत नहीं

समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक और बड़ा फैसला लिया गया है. अब छात्र बिना ‘सिटिजनशिप सर्टिफिकेट’ के भी बैचलर्स प्रोग्राम में एडमिशन ले सकेंगे. साथ ही, यूनिवर्सिटी को अपना परीक्षा कैलेंडर फिक्स करना होगा और रिजल्ट भी समय पर घोषित करने होंगे.

टीचर्स के पेंशन सिस्टम में बदलाव

अगले फाइनेंशियल ईयर से शिक्षकों की पेंशन और उनके रिकॉर्ड का मैनेजमेंट अब केंद्र के बजाय प्रांतीय (प्रोविंशियल) शिक्षा मंत्रालयों के पास होगा. सरकार ने प्रशासन को राजनीति से पूरी तरह मुक्त करने का लक्ष्य रखा है.

कौन हैं बालेन शाह?

पेशे से स्ट्रक्चरल इंजीनियर और मशहूर रैपर बालेन शाह 2025 के ‘नेपाल जेन-जी प्रोटेस्ट’ के बाद युवाओं के सबसे बड़े चेहरे बनकर उभरे. उन्होंने भारत के नागपुर स्थित VNIT से एम.टेक किया है. बालेन ने राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) बनाई और हालिया चुनाव में भारी जीत हासिल कर नेपाल के 47वें प्रधानमंत्री बने.

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लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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