Houthis attack Saudi Arabia : यमन के हूती विद्रोहियों ने सोमवार को सऊदी अरब के कई तेल ठिकानों पर ड्रोन से हमले किए.हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि यह कार्रवाई सऊदी अरब की ओर से यमन के हवाई क्षेत्र में ड्रोन भेजे जाने के जवाब में की गई. उनके मुताबिक, हमलों का निशाना पूर्वी सऊदी अरब से लाल सागर के यनबू बंदरगाह तक तेल पहुंचाने वाला महत्वपूर्ण नेटवर्क था.
तेल सप्लाई पर बढ़ा खतरा, होरमुज का विकल्प भी निशाने पर
सऊदी अरब हाल के महीनों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव के कारण मिडिल ईस्ट पाइपलाइन के जरिए यनबू तक कच्चा तेल भेजने पर अधिक निर्भर हो गया है. यही पाइपलाइन अब हूती के निशाने पर बताई जा रही है. इससे वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं.
US-ईरान के बीच तनाव में अस्थायी कमी के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में राहत देखने को मिली. ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 6 फीसदी गिरकर 91 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई. शेयर बाजारों में तेजी और निवेशकों का भरोसा लौटा है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हूती हमले और क्षेत्रीय संघर्ष बढ़े तो तेल बाजार में फिर बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है.
US-ईरान के बीच हमले रुके, बातचीत की कोशिश जारी
इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच लगातार तीसरे दिन सीधे हमले नहीं हुए. कतर, ओमान और पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थता कर रहे हैं ताकि बातचीत फिर शुरू हो सके. अमेरिका ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कूटनीति को मौका देने का फैसला किया है, जबकि ईरान ने भी फिलहाल अपने हमले रोकने की पुष्टि की है.
समुद्री रास्तों पर अब भी तनाव, जहाजों पर मंडरा रहा खतरा
ईरान-अमेरिका युद्ध की रफ्तार धीमी हुई है, लेकिन क्षेत्र में तनाव कम नहीं हुआ है. होर्मुज और बाब-अल-मंदेब जैसे अहम समुद्री मार्गों पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है. हूती पहले भी लाल सागर में जहाजों और सऊदी टैंकरों को निशाना बनाने की धमकी दे चुके हैं, जिससे वैश्विक व्यापार पर दबाव बना हुआ है.
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