Israel Lebanon War: गाजा ने इजराइल में दागा रॉकेट, सायरन बजते ही भागते नजर आये लोग, देखें वीडियो

Israel Lebanon War: इजराइल पर सात अक्टूबर को किए गए हमले के सोमवार को एक साल पूरे होने के बीच हमास द्वारा गाजा से दागे गए रॉकेट के कारण मध्य तेल अवीव में सायरन बज उठे.

Israel Lebanon War: गाजा द्वारा दागे गए रॉकेट से फिलाहल इजराइल में किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है. ये रॉकेट ऐसे समय में दागे गए हैं जब इजराइल के इतिहास में हुए सबसे घातक हमले के एक साल पूरे होने पर सोमवार को देशवासियों ने रैलियां निकालीं और शोक समारोह आयोजित किए. इस हमले ने गाजा में युद्ध को जन्म दिया और इजराइलियों को कभी न भूलने वाला घाव दे दिया.

Israel Lebanon War: रॉकेट दागकर हमास ने बताया, युद्ध अभी जारी

हमास ने सोमवार को फिर से रॉकेट दागकर यह दिखाया कि वह अब भी लड़ाई लड़ रहा है. उसने तेल अवीव और गाजा सीमा के निकट रॉकेट दागे, जिससे हवाई हमले के सायरन बजने लगे.

अमेरिकी रक्षा सचिव ने हमास के आतंकवादी हमले को बताया क्रूर

अमेरिकी रक्षा सचिव लॉयड जे. ऑस्टिन तृतीय ने ट्वीट किया, आज इजरायल पर 7 अक्टूबर को हमास द्वारा किए गए क्रूर आतंकवादी हमले को एक साल हो गया है. हम इजरायल की सुरक्षा, हमास द्वारा आतंकवाद का मुकाबला करने, ईरान से आक्रामकता को रोकने और क्षेत्र में स्थिरता और शांति को बढ़ावा देने के लिए अपनी प्रतिबद्धता में पीछे नहीं हटेंगे.

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इजराइल पर हमास के हमले का एक साल पूरा होने पर जान गंवाने वालों को याद किया गया

इजराइल पर हमास के हमले का एक वर्ष पूरा होने को लेकर सोमवार को दुनिया भर के कई देशों में कई विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए. साथ ही वैश्विक स्तर पर कई नेताओं ने ‘यहूदी-विरोध’ को समाप्त करने तथा इजराइली बंधकों की रिहाई का आह्वान किया.

पिछले साल अक्टूबर में हमास ने इजराइल पर किया था हमला

पिछले साल सात अक्टूबर को हमास के लड़ाकों ने इजराइल की सीमा में घुसकर सैकड़ों लोगों को बंधक बना लिया था. हमास के हमले में करीब 1,200 लोग मारे गए थे. इसके बाद से इजराइल के गाजा पर हमले जारी हैं. रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से जारी युद्ध के बीच इजराइल-हमास जंग से पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया.

पिछले एक साल से जारी युद्ध में अबतक 41000 लोगों की हो चुकी है मौत

यूरोपीय देशों, जहां यहूदी और मुस्लिम समुदाय के सदस्य रहते हैं, ने हमास के हमले और उसके बाद गाजा में उग्रवादियों के खिलाफ इजराइल के युद्ध के मद्देनजर ‘यहूदी विरोधी’ और ‘मुस्लिम विरोधी’ भावनाओं को दबाने का प्रयास किया है. पिछले साल अक्टूबर से जारी इस युद्ध में 41000 से अधिक लोग मारे गए हैं और लगभग 19 लाख लोग युद्धग्रस्त क्षेत्र से विस्थापित हुए हैं. हमास द्वारा बंधक बनाए गए इजराइली लोगों की याद में बर्लिन स्थित जर्मन चांसलरी के बाहर पीले रंग का एक रिबन लगाया गया. रिबन पर इजराइल पर हमले के दौरान मारे गए लोगों के नाम भी लिखे गए. इनमें से लगभग 100 लोग अभी भी बंधक हैं और उनमें से कई के मारे जाने की आशंका है.

फ्रांस ने भी इजराइल के समर्थन में कही ये बात

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोमवार को हमास हमले की पहली वर्षगांठ को लेकर ‘एक्स’ पर कहा, दर्द अभी भी उतना ही ज्वलंत है, जितना एक साल पहले था. इजराइल के लोगों का दर्द. घायल मानवता का दर्द. उन्होंने बंधकों की रिहाई का इंतजार कर रहे परिजनों के प्रति भी सहानुभूति जताई. हमले के एक साल पूरा होने पर बेल्जियम, स्पेन, ऑस्ट्रिया और हंगरी में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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