इस्लामिक स्टेट ( ISIS) के टॉप कमांडर में से एक जिया उल हक उर्फ अबु उमर खोरासानी को अफगानिस्तान में गिरफ्तार किया गया है. वह दक्षिण एशियाई इकाई का सरगना है. खोरासानी के साथ इस्लामिक स्टेट (आईएस) को दो आतंकियों को भी दबोचा गया है. आईएस पिछले महीने काबुल में गुरुद्वारा पर हुए हमले में शामिल रहा है. अबु उमर खोरासानी का गिरफ्तार होना होना भारत के लिए भी अच्छी खबर है क्योंकि यह संगठन अफगानिस्तान में नयी दिल्ली विरोधी गतिविधियों में शामिल रहा है.
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, अफगानिस्तान के आंतरिक मंत्रालय और जनरल डायरेक्टोरेट ऑफ नेशनल सिक्यॉरिटी (NDS) ने बयान जारी कर बताया कि खोरासानी के अलावा आतंकी संगठन की खुफिया इकाई का चीफ और पब्लिक रिलेशनशिफ ऑफिसर भी गिरफ्तार हुआ है. बयान के मुताबिक, एडीएस क्षेत्रीय आतंकी संगठनों के सदस्यों को पकड़ने के लिए अपना अभियान जारी रखेगा और उन आतंकियों के नेटवर्कों को ध्वस्त करता रहेगा.
बता दें कि इस्लामिक स्टेट की दक्षिण एशिया इकाई का मुख्य ध्यान अफगानिस्तान के एक हिस्से पर है. अफगानिस्तान सुरक्षा बलों ने इससे पहले इस्लामिक स्टेट और हक्कानी ग्रुप के 8 आतंकियों को गिरफ्तार किया था जो गुरुद्वारा सहित राजधानी के अन्य हिस्सों में हमले के लिए जिम्मेदार रहे हैं. गौरतलब है कि अफगानिस्तान में जारी हिंसा के कारण वहां शांति बनाए रखना एक चुनौती हो गयी है.
रविवार रात को ही पूर्वी लगमान प्रांत सैन्य जांच चौकी पर हमला किया जिसमें छह सैनिकों की मौत हो गयी और पांच घायल हो गए. तालिबान ने रविवार रात को हुए इस हमले की जिम्मेदारी ली है. इसके अलावा अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में सोमवार को चार धमाके हुए हैं. पीडी-4 एरिया के ताहिया मसकन इलाके में एक के बाद एक धमाके हुए हैं. जानमाल के नुकसान से जुड़ी कोई खबर अभी सामने नहीं आई है.
