क्या पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान की जेल में हुई हत्या? सोशल मीडिया पर अफवाह, पाकिस्तान ने साध रखी है चुप्पी

Is Imran Khan killed: क्या पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रावलपिंडी की अडियाला जेल में मौत हो गई है? अफगानिस्तान के एक मीडिया रिपोर्ट को कोट करते हुए यह खबर फैल रही है. वहीं पाकिस्तान ने इस पर चुप्पी साध रखी है.

Is Imran Khan killed: क्या इमरान खान ‘जेल में मारे गए’? अफगानिस्तान के एक मीडिया आउटलेट ने बुधवार को दावा किया कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रावलपिंडी की अडियाला जेल में मौत हो गई. दावा सामने आते ही सोशल मीडिया पर हलचल मच गई और नेटिजन्स ने एक्स पर खान की मौत से जुड़े पोस्ट शेयर करने शुरू कर दिए. हालांकि, पाकिस्तान सरकार या सेना की ओर से इस दावे पर कोई पुष्टि नहीं की गई है. प्रभात खबर भी इस खबर की पुष्ट नहीं करता. इमरान खान की बहनों को जेल पुलिस द्वारा मुलाकात करने से रोकने के बाद मौत की खबर तेजी से फैल रही है.

मंगलवार को इमरान खान की राजनीतिक पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के हजारों समर्थक जेल के बाहर जमा हो गए और अधिकारियों से अपने नेता के स्वास्थ्य को लेकर जानकारी देने की मांग की. किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए जेल के बाहर सैकड़ों सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया. रिपोर्टों के अनुसार, इमरान खान की बहनें अलीमा खान, डॉ. उजमा और नोरीन नियाजी के साथ अन्य पार्टी नेताओं ने जेल के पास फैक्ट्री नाका पर धरना दिया क्योंकि उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई.

इसके बाद सोशल मीडिया पर ऐसे क्लेम्स की भरमार आ गई. लोगों ने इस मीडिया रिपोर्ट को कोट करते हुए खबरे चलानी चालू कर दीं.

पहले भी फैल चुकी हैं मौत की अफवाहें

यह पहली बार नहीं है जब इमरान खान की मौत से जुड़ी ऐसी अफवाहें सोशल मीडिया पर फैली हों. मई 2025 में भी इसी तरह के फर्जी दावे वायरल हुए थे, जिनमें कहा गया था कि पूर्व प्रधानमंत्री को गोली मार दी गई है या उनके घर पर हमला हुआ है. स्थिति और गंभीर तब हो गई जब पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के नाम से एक अप्रमाणित प्रेस रिलीज भी बड़ी मात्रा में ऑनलाइन साझ�� की गई, जिसमें झूठा दावा किया गया था कि इमरान खान की मौत हो गई है. हालांकि, बाद में पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने इमरान खान की मौत की घोषणा करने वाली उस प्रेस रिलीज कोफर्जी करार दिया और जनता से गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार को खारिज करने की अपील की.

बहनों ने बताई पुलिस बर्बरता की कहानी

इस बीच, PTI की इस्लामाबाद इकाई ने खान की बहन अलीमा का एक वीडियो इंटरव्यू पोस्ट किया.
वीडियो में अलीमा कहती सुनाई दीं- 9 मई, 4 अक्टूबर और 26 नवंबर के सभी शहीदों के परिवार शाम 5 बजे पेशावर के हयाताबाद आएंगे. हम भी इंशाअल्लाह वहां मौजूद होंगे. आप सब भी आएं, उन्हें पहचानें और उन्हें वह सम्मान दें, जो उनका हक है. उन्होंने पिछली बार मुलाकात के दौरान भी कहा था कि विरोध प्रदर्शन के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया. अलीमा ने पिछले हफ्ते पुलिस द्वारा उनके और उनकी बहनों के साथ हुई बदसलूकी की निंदा भी की.

इमरान खान की कैद

PTI के संरक्षक-प्रधान इमरान खान अगस्त 2023 से कई मामलों में जेल में हैं. सरकार ने एक महीने से अधिक समय से मुलाक़ातों पर अनौपचारिक रोक लगा रखी है, जबकि उनकी मौत की फर्जी खबरें सोशल मीडिया पर फैल रही हैं. PTI के अनुसार, खान पूरी तरह अलग-थलग और एकांतवास (solitary confinement) में रखे गए हैं. उनकी कानूनी टीम से जुड़े एक वकील ने मीडिया को बताया कि किताबें, आवश्यक सामान और वकीलों तक पहुंच भी रोकी जा रही है. वकील खालिद यूसुफ चौधरी ने कहा, “यहां जंगल का कानून चलता है, जहां सिर्फ वही जानवर जिसके पास सत्ता है, उसे अधिकार है. बाकी किसी के पास कोई अधिकार नहीं.”

इमरान खान ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख पर साधा था निशाना

पिछले महीने इमरान खान ने सेना प्रमुख असीम मुनीर पर आरोप लगाया था कि वह पाकिस्तान को जबरदस्ती एक हार्ड स्टेट में बदल रहे हैं. उन्होंने X पर लिखा था- असल मायने में एक हार्ड स्टेट वह है जहाँ संविधान की सर्वोच्चता, कानून का शासन, न्याय और लोकतांत्रिक स्वतंत्रताएं कायम हों… लेकिन असीम मुनीर का ‘हार्ड स्टेट’ का मतलब है ऐसा सिस्टम जहाँ सभी लोकतांत्रिक स्तंभों को कुचल दिया जाए और उनकी जगह आसीम लॉ लागू कर दिया जाए. आसिम लॉ के नाम पर किए जा रहे अत्याचार राज्य को मजबूत नहीं कर रहे, बल्कि उसकी नींव को कमजोर कर रहे हैं.” आपको बता दें कि पाकिस्तान में 27वां संविधान संशोधन पास होने के बाद मुनीर और भी ताकतवर हो गए हैं. उनके पास आजीवन कानूनी सुरक्षा मिल गई है और वे अंत तक पाकिस्तान के शीर्ष सैन्य पद पर स्थापित रहेंगे. 

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