विरोध प्रदर्शनों के बीच ईरान में भीषण विस्फोट, डेयरी फैक्ट्री में मची तबाही, जानें कैसे हुई यह घटना

Iran Dairy Factory Explosion: ईरान में इस समय जनता की समस्याएं और प्रदर्शन ही चल रहे हैं. इसी बीच एक डेयरी फैक्ट्री में विस्फोट से ईरान का अमोल शहर दहल गया. सोमवार को कल्लेह डेयरी उद्योग परिसर में जोरदार विस्फोट हुआ, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई.

Iran Dairy Factory Explosion: ईरान इस समय गहरे राजनीतिक और आर्थिक संकट से गुजर रहा है. महंगाई, मुद्रा संकट और व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बीच किसी भी बड़ी घटना को संदेह की नजर से देखा जा रहा है. ऐसे माहौल में देश के उत्तरी हिस्से में हुए एक बड़े औद्योगिक हादसे ने हालात को और संवेदनशील बना दिया है. ईरान के उत्तरी शहर अमोल में सोमवार को कल्लेह डेयरी उद्योग परिसर में जोरदार विस्फोट हुआ, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब देशभर में आर्थिक बदहाली और राष्ट्रीय मुद्रा के लगातार कमजोर होने के कारण सरकार के खिलाफ प्रदर्शन तेज हैं.

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में अमोल स्थित डेयरी फैक्ट्री से आसमान में उठता घना धुआं साफ देखा जा सकता है. यह क्षेत्र ईरान के प्रमुख डेयरी उत्पादन केंद्रों में गिना जाता है. विस्फोट और आग की खबर फैलते ही कई लोगों ने इसे देश में जारी विरोध प्रदर्शनों से जोड़कर देखना शुरू कर दिया. सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में दावा किया गया कि ईरान की सबसे बड़ी डेयरी कंपनियों में शामिल कालेह डेयरी फैक्ट्री में शक्तिशाली विस्फोट के बाद भीषण आग लग गई, जिससे पूरा संयंत्र आग की चपेट में आ गया. हालांकि शुरुआती तौर पर किसी के हताहत होने या विस्फोट के कारण की पुष्टि नहीं हो पाई.

प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस घटना के पीछे किसी साजिश की बजाय एक तकनीकी दुर्घटना की आशंका जताई जा रही है. अमोल के मेयर ने माजंदरान ब्रॉडकास्टिंग एजेंसी को बताया कि फैक्ट्री के एक हिस्से में मरम्मत का काम चल रहा था. इसी दौरान वेल्डिंग के समय निकली चिंगारी से आग भड़क गई, जो तेजी से पूरे परिसर में फैल गई. इस बारे में जेरूसलम पोस्ट ने भी रिपोर्ट प्रकाशित की है.

ईरान ब्रॉडकास्टिंग अथॉरिटी (IRIB) के मुताबिक, माजंदरान प्रांत के गवर्नर ईरानी गृह मंत्रालय और संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर हालात पर नजर बनाए हुए हैं. आग पर काबू पाने के लिए पड़ोसी शहरों से भी मदद मंगाई गई है. कई मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इस विस्फोट का देश में बीते नौ दिनों से चल रहे प्रदर्शनों से कोई सीधा संबंध नहीं है.

ईरान में जारी विरोध प्रदर्शन

ईरान में विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत 28 दिसंबर को तेहरान से हुई थी, जब व्यापारियों ने बढ़ती महंगाई और आर्थिक सुस्ती के खिलाफ दुकानें बंद कर दी थीं. बाद में यह आंदोलन अन्य शहरों तक फैल गया और इसमें राजनीतिक मांगें भी जुड़ती चली गईं. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 30 दिसंबर से अब तक विभिन्न झड़पों में कम से कम 20 लोगों की जान जा चुकी है और करीब 990 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें सुरक्षा बलों के जवान भी शामिल हैं. जबकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में 35 लोगों की मौत बताई गई है, जबकि 1200 लोग हिरासत में लिए गए हैं. 

मुद्रा का अवमूल्यन बना समस्या

अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और भू-राजनीतिक तनावों का असर ईरानी अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है. बीते एक साल में ईरानी रियाल की कीमत अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एक-तिहाई से अधिक गिर चुकी है, जबकि महंगाई दर लगातार दो अंकों में बनी हुई है. ईरान में इस समय 1 डॉलर के बदले तोमान का आंकड़ा 14 लाख के पार पहुंच गया है. यह नए साल में ईरानी मुद्रा का अवमूल्यन करने के बाद और गिरा है. इसी के बाद प्रदर्शन में तेजी आई. इन प्रदर्शनों की जड़ देश की गिरती मुद्रा और लगातार बढ़ती जीवन-यापन की लागत है. अमेरिका स्थित संगठन ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स इन ईरान (HRAI) का दावा है कि यह आंदोलन 78 शहरों और 222 स्थानों तक फैल चुका है, जहां प्रदर्शनकारी मौजूदा शासन को खत्म करने की मांग कर रहे हैं. 

ईरान में सख्ती उधर ट्रंप ने दी धमकी

सुरक्षा बलों की सख्ती के बावजूद वीकेंड में भी विरोध जारी रहे. ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को “उपद्रवी” करार दिया, जबकि देश के मुख्य न्यायाधीश ने चेतावनी दी कि ऐसे लोगों के साथ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी. इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि ईरान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा बढ़ी, तो अमेरिका “कड़ा कदम” उठा सकता है. ईरान ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उसकी आंतरिक सुरक्षा उसकी “रेड लाइन” है और किसी भी बाहरी दबाव के आगे वह नहीं झुकेगा. ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर लगाए गए प्रतिबंधों की दोबारा वापसी और जून में इजरायल के साथ हुए 12 दिन के युद्ध और अमेरिकी हमलों ने हालात को और कठिन बना दिया है.

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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