Pakistan Airstrike In Afghanistan: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव अब और बढ़ गया है. पाकिस्तान की ओर से अफगान सीमा के अंदर घुसकर की गई एयरस्ट्राइक के बाद तालिबान भड़क गया है. तालिबान ने इसे अपनी संप्रभुता (आजादी) का अपमान बताते हुए कहा है कि वे इसका बदला ‘सही वक्त’ पर जरूर लेंगे.
आम नागरिकों और मदरसे को बनाया निशाना
अफगान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद के अनुसार, पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों ने नांगरहार और पक्तिका प्रांतों में रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया. उन्होंने सोशल मीडिया (एक्स) पर जानकारी दी कि इस हमले में महिलाओं और बच्चों समेत दर्जनों मासूम लोग मारे गए हैं. तालिबान का आरोप है कि पाकिस्तान ने रमजान के पवित्र महीने में एक धार्मिक मदरसे (बनूसी मदरसा) पर भी बमबारी की है.
पाकिस्तान का दावा: आतंकियों के ठिकानों को किया तबाह
दूसरी तरफ, पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों और सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार का कहना है कि यह एक ‘इंटेलिजेंस-बेस्ड’ ऑपरेशन था. पाकिस्तान के अनुसार, उन्होंने टीटीपी (TTP) और आईएसकेपी (ISKP) जैसे आतंकी समूहों के 7से 8 ठिकानों को निशाना बनाया है. सीएनएन-न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक, इस स्ट्राइक में टीटीपी के कम से कम 28 लड़ाके मारे गए हैं. पाकिस्तान ने एफ-16 और जेएफ-17 थंडर विमानों का इस्तेमाल कर पक्तिका, खोस्त और नांगरहार में सटीक हमले करने का दावा किया है.
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तालिबान की हाई-लेवल मीटिंग और चेतावनी
सूत्रों ने बताया कि इस हमले के बाद तालिबान के टॉप लीडर्स ने काबुल और कंधार में अर्जेंट मीटिंग बुलाई है. तालिबान का कहना है कि पाकिस्तान ने हवाई सीमा का उल्लंघन किया है और पहले से तय सीजफायर (युद्धविराम) के समझौतों को तोड़ा है. उन्होंने इसकी जानकारी सऊदी अरब, कतर और तुर्किये जैसे मध्यस्थ देशों को भी दे दी है. अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा कि अपने नागरिकों की रक्षा करना उनका राष्ट्रीय कर्तव्य है और वे इसका माकूल जवाब देंगे.
क्यों हुई ये एयरस्ट्राइक?
पाकिस्तान का आरोप है कि पिछले कुछ दिनों में इस्लामाबाद, बाजौर और बन्नू में हुए सुसाइड हमलों के तार अफगानिस्तान से जुड़े हैं. पाकिस्तान के अनुसार, उनके पास पुख्ता सबूत हैं कि इन हमलों के मास्टरमाइंड अफगान धरती का इस्तेमाल कर रहे हैं. हाल ही में एक हमले में पाकिस्तान के दो सैन्य अधिकारी भी शहीद हो गए थे, जिसके बाद पाकिस्तान ने यह कड़ा कदम उठाया.
बिगड़ते जा रहे हैं दोनों देशों के रिश्ते
कतर की मध्यस्थता के बावजूद दोनों देशों के बीच कड़वाहट कम नहीं हो रही है. पाकिस्तान का कहना है कि उन्होंने बार-बार तालिबान से आतंकियों पर लगाम लगाने को कहा, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. वहीं, अफगानिस्तान इन आरोपों को खारिज कर रहा है और पाकिस्तान की कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बता रहा है.
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