Australian Warship: रविवार (22 फरवरी 2026) को यह खबर आई है कि ऑस्ट्रेलिया के एक जंगी जहाज ने ताइवान जलडमरूमध्य (ताइवान स्ट्रेट) से होकर सफर किया है. अमेरिका के करीबी साथी ऑस्ट्रेलिया के इस कदम से चीन भड़क गया है. चीन की सरकारी मीडिया का कहना है कि उनकी सेना ने ऑस्ट्रेलियाई जहाज का हर कदम पर पीछा किया और उस पर कड़ी नजर रखी. दरअसल, चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और इस समुद्री रास्ते को अपनी जागीर समझता है, इसलिए वहां किसी भी दूसरे देश की मौजूदगी उसे बर्दाश्त नहीं होती.
दो दिनों तक चला ऑस्ट्रेलिया का ‘स्पेशल मिशन’
एक सरकारी सोर्स के के मुताबिक, रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेवी का ‘टूवूम्बा’ (Toowoomba) नाम का जहाज शुक्रवार (20 फरवरी) और शनिवार (21 फरवरी) को इस इलाके से गुजरा. यह जहाज ‘रीजनल प्रेजेंस डिप्लॉयमेंट’ के तहत इंडो-पैसिफिक इलाके में गश्त पर था. ऑस्ट्रेलिया की तरफ से कहा गया है कि यह एक रूटीन सफर था और इस दौरान विदेशी जहाजों या विमानों के साथ जो भी आमना-सामना हुआ, वह पूरी तरह सुरक्षित और प्रोफेशनल तरीके से हुआ.
चीन की सेना ने शुरू किया ‘फुल ट्रैकिंग’ ऑपरेशन
चीन के सरकारी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने अपनी रिपोर्ट में एक मिलिट्री सोर्स के हवाले से बताया कि चीनी सेना (PLA) ने ऑस्ट्रेलियाई जहाज की पूरी यात्रा के दौरान ‘फुल-प्रोसेस ट्रैकिंग’ और निगरानी की. चीन ने अलर्ट मोड पर रहकर ऑस्ट्रेलियाई जहाज की हर हरकत को मॉनिटर किया. आपको बता दें कि अमेरिका के जहाज हर कुछ महीनों में यहां से गुजरते हैं, जिससे चीन चिढ़ जाता है. अब फ्रांस, ब्रिटेन और कनाडा जैसे देश भी कभी-कभी यहां से निकलकर चीन को अपनी मौजूदगी का अहसास कराते रहते हैं.
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ताइवान के पास मंडरा रहे हैं चीन के 29 लड़ाकू विमान
ताइवान के रक्षा मंत्रालय (Ministry of National Defence) के अनुसार, कल यानी 21 फरवरी को ताइवान के आसपास चीन के 29 मिलिट्री एयरक्राफ्ट और 7 समुद्री जहाज देखे गए. इनमें से 17 विमानों ने तो ताइवान की ‘मीडियन लाइन’ को पार कर दिया और ताइवान के हवाई क्षेत्र (ADIZ) के उत्तरी, मध्य और दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में घुस आए. ताइवान की सेना ने कहा है कि उन्होंने स्थिति पर नजर रखी और जरूरत के हिसाब से जवाब भी दिया.
लाइव-फायर ड्रिल से बढ़ी एशिया में टेंशन
इससे पहले भी ताइवान ने 24 चीनी विमानों की हलचल रिकॉर्ड की थी, जिनमें से 16 विमान ताइवान की सीमा के पास ट्रेनिंग कर रहे थे. ताइवान के राष्ट्रपति कार्यालय ने चीन पर आरोप लगाया है कि वह राजनीतिक फायदे के लिए जापान के साथ भी तनाव बढ़ा रहा है. चीन ने अब येलो सी (Yellow Sea) में मिसाइल चलाने और लाइव-फायर एक्सरसाइज करने का एलान किया है, जिससे पूरे इलाके में डर का माहौल है. ताइवान का साफ कहना है कि चीन का दावा गलत है और उनके भविष्य का फैसला सिर्फ वहां के लोग ही करेंगे.
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