Iran Navy: ईरानी नेवी कमांडर शहरम ईरानी ने कहा कि उनका देश बहुत जल्द दुश्मनों के सामने ऐसा हथियार पेश करेगा जो बिल्कुल उनके बगल में ही मौजूद होगा. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “मुझे उम्मीद है कि इसे देखकर उन्हें हार्ट अटैक नहीं आएगा.” कमांडर ने दुश्मनों के उन दावों को मजाक बताया जिसमें वे तीन दिन से एक हफ्ते के भीतर ईरान पर जीत हासिल करने की बात करते थे. उन्होंने कहा कि मिलिट्री यूनिवर्सिटीज में अब ऐसी बातें केवल जोक बनकर रह गई हैं.
28 फरवरी के बाद से 100 से ज्यादा बार किया हमला
ईरानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, कमांडर ने दावा किया है कि 28 फरवरी को तनाव बढ़ने के बाद से ईरान की सेना ने अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर कम से कम 100 बार जवाबी हमले किए हैं. ये हमले पश्चिम एशिया के कई संवेदनशील इलाकों में किए गए. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका अपनी जिद और भ्रम नहीं छोड़ता है और ईरान की शर्तें नहीं मानता है, तो उसे अब एक अलग तरह के जवाब के लिए तैयार रहना चाहिए.
अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर पर मिसाइल स्ट्राइक का दावा
कमांडर शहरम ईरानी ने बुधवार को बताया कि ईरान ने युद्ध शुरू होने के बाद से कई ऑपरेशन किए हैं. उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर ‘अब्राहम लिंकन’ पर कई मिसाइल हमले किए गए, जिससे कुछ समय के लिए वहां से अमेरिकी हवाई ऑपरेशन रुक गए थे. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका ने अपनी हार छुपाने के लिए इलाके में और ज्यादा मिसाइल प्लेटफॉर्म और विध्वंसक जहाज तैनात किए हैं, लेकिन वे अभी भी वहां फंसे हुए हैं.
होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का कब्जा
ईरान ने दावा किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) के रास्ते को अपने विरोधियों के लिए बंद कर दिया है. अब वहां से जहाजों का गुजरना ईरानी अधिकारियों की मंजूरी पर निर्भर करता है. कमांडर ने अमेरिका पर ईरानी जहाजों को पकड़ने का आरोप लगाते हुए इसे ‘समुद्री डकैती’ कहा है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने क्रू मेंबर्स और उनके परिवारों को हिरासत में लिया है, लेकिन इसके बावजूद ईरान के कुछ जहाज अपना काम जारी रखे हुए हैं.
ट्रंप का नया ‘शॉर्ट एंड पावरफुल’ स्ट्राइक प्लान
एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के सेंटकॉम (CENTCOM) कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक नए मिलिट्री ऑपरेशन के बारे में जानकारी देने वाले हैं. इस प्लान में ईरान के बुनियादी ढांचों पर छोटे लेकिन बहुत ताकतवर हमले करना शामिल है. इसके अलावा, अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने और ईरान के यूरेनियम भंडार को अपने कब्जे में लेने के लिए स्पेशल फोर्सेज के इस्तेमाल पर विचार कर रहा है.
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परमाणु मुद्दे पर अड़ी दोनों सरकारें
शांति वार्ता रुकने की सबसे बड़ी वजह परमाणु कार्यक्रम है. ईरान चाहता है कि परमाणु मुद्दे पर बात युद्ध खत्म होने और समुद्री विवाद सुलझने के बाद हो, लेकिन ट्रंप सरकार चाहती है कि परमाणु मुद्दे पर सबसे पहले बात की जाए. एक्सियोस को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने साफ कहा कि ईरान पर लगाई गई पाबंदियां बमबारी से ज्यादा असरदार हैं और वे किसी भी हाल में ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे. इस ब्रीफिंग में ज्वाइंट चीफ चेयरमैन जनरल डैन केन भी शामिल हो सकते हैं.
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