Iran Destroyed C-130 Aircraft: ईरान ने अमेरिका के C-130 एयरक्राफ्ट को मार गिराने का दावा किया है. यह विमान दो दिन पहले लापता हुए पायलट को खोजने में शामिल था. ईरान का दावा है कि इस 900 करोड़ के भारी-भरकम परिवहन विमान के अलावा, दो और दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर नष्ट किए गए. फिलहाल इस मामले पर अमेरिका की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के सरकारी टीवी ने रविवार को देश के संयुक्त सैन्य कमान के बयान के हवाले से बताया कि इस्फहान शहर में दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और एक सी-130 सैन्य परिवहन विमान को मार गिराया गया है. बयान में कहा गया कि ये विमान एक अमेरिकी पायलट को बचाने के असफल अभियान में शामिल थे. सरकारी प्रसारक ने एक विमान की स्थिर तस्वीरें भी दिखाईं, साथ ही एक दूर के दृश्य में रेगिस्तानी इलाके से उठते गहरे धुएं का गुबार भी दिखाया.
वहीं मुंबई में ईरान की काउंसुलेट ने भी इसके बारे में अपडेट दिया. उसने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, ‘कुछ ही समय पहले, एक अमेरिकी C-130 सपोर्ट विमान को पुलिस स्पेशल फोर्स यूनिट की भारी गोलीबारी से नष्ट कर दिया गया. स्थानीय सूत्रों के अनुसार, दक्षिणी इस्फहान में पुलिस कमांडो द्वारा एक शत्रुतापूर्ण ईंधन भरने वाला (रिफ्यूलिंग) विमान भी मार गिराया गया.’
इससे पहले काउंसेलेट ने एक और बयान जारी करते हुए दावा किया था कि ‘IRGC ने दक्षिणी इस्फ़हान में एक अमेरिकी दुश्मन विमान को नष्ट कर दिया गया है जो नीचे गिराए गए लड़ाकू पायलट की तलाश कर रहा था.’ हालांकि, इस तरह के दावों को लेकर अमेरिका ने कोई बयान नहीं दिया है और स्वतंत्र रूप से इनकी पूरी पुष्टि भी नहीं हुई है. एपी ने कहा कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस घटना को लेकर पूछे गए सवालों का तुरंत कोई जवाब नहीं दिया.
इन दो बयानों के बाद, काउंसेलेट ने एक वीडियो भी जारी किया. इसमें कहा गया कि हाल ही में गिराए गए दो अमेरिकी विमानों में से यह फुटेज किसका है? वहीं, ईरानी सरकारी टेलीविजन ने कथित तौर पर दावा किया कि इस वीडियो में कोहगिलुयेह और बोयर-अहमद प्रांत में पुलिस के विशेष बल अमेरिकी विमानों पर गोलीबारी कर रहे हैं. हालांकि, अभी तक इस विमान के बारे में साफ नहीं हो पाया है. कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि MQ-1 ड्रोन या ईंधन भरने वाला विमान हो सकता है.
ये सारा घटनाक्रम लापता पायलट को बचाने के दौरान हुआ है. ईरान ने शुक्रवार को एक हमले में अमेरिकी एफ-15ई स्ट्राइक ईगल को मार गिराया था. इसमें एक क्रू सदस्य को पहले ही बचा लिया गया था, जबकि दूसरा एयरमैन (जैसा कि अमेरिकी सरकार ने कहा है) शुक्रवार से लापता था.
ट्रंप बोले- हमने अपना पायलट खोज निकाला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी अपने पायलट को बचाने के बारे में सूचना दी. उन्होंने कहा कि अब वह सुरक्षित और स्वस्थ हैं. उन्होंने कहा कि वे बेहद सम्मानित कर्नल हैं. उन्हें बचाने के लिए दुनिया के सबसे घातक हथियारों से लैस दर्जनों विमानों को भेजा. उन्हें कुछ चोटें आई हैं, लेकिन वह जल्द ही पूरी तरह ठीक हो जाएंगे. ट्रंप ने यह भी कहा कि इस अभियान में अमेरिका का कोई सैनिक हताहत नहीं हुआ है.
ट्रंप ने कहा कि यह बहादुर योद्धा ईरान के खतरनाक पहाड़ी इलाकों में दुश्मन की रेखाओं के पीछे था, जहां दुश्मन लगातार उसका पीछा कर रहे थे और हर घंटे उसके करीब पहुंच रहे थे. लेकिन वह कभी अकेला नहीं था, क्योंकि उसके कमांडर-इन-चीफ, रक्षा मंत्री, ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन और साथी सैनिक 24 घंटे उसकी लोकेशन पर नजर रखे हुए थे और उसके बचाव की योजना बना रहे थे.
ट्रंप ने अभियान को बताया ऐतिहासिक
ट्रंप ने कहा कि सैन्य इतिहास में यह पहली बार है कि दो अमेरिकी पायलटों को अलग-अलग, दुश्मन के गहरे इलाकों से सुरक्षित निकाला गया है. यह चमत्कारी खोज और बचाव अभियान कल एक और बहादुर पायलट को सफलतापूर्वक बचाए जाने के बाद हुआ है, जिसकी हमने पुष्टि नहीं की थी, ताकि दूसरे बचाव अभियान को खतरे में न डाला जाए.
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ट्रंप ने इसे अमेरिकी सेना का बेहतरीन अभियान बताया. उन्होंने कहा कि बिना एक भी अमेरिकी के मारे जाने या यहां तक कि घायल हुए बिना इन दोनों अभियानों को अंजाम देना यह साबित करता है कि हमने ईरानी आसमान पर जबरदस्त हवाई प्रभुत्व और श्रेष्ठता हासिल कर ली है. ट्रंप ने कहा कि हम कभी भी किसी अमेरिकी सैनिक को पीछे नहीं छोड़ेंगे!
