Strait Of Hormuz: हालांकि, राजदूत इरावनी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और सुरक्षा परिषद को मंगलवार को पत्र लिखकर चिंता भी जताई है. उन्होंने मांग की है कि अमेरिका ईरान के कमर्शियल जहाज ‘टूस्का ‘, उसके क्रू और उनके परिवारों को तुरंत बिना शर्त रिहा करे.
ईरानी जहाज को पकड़ने पर नाराजगी
प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, राजदूत इरावनी ने अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाया है. उन्होंने बताया कि अमेरिकी सेना ने एक दिन पहले ओमान सागर में ईरान के तट के पास ‘टूस्का ‘ जहाज को कब्जे में ले लिया था. इरावनी ने इसे ‘दुश्मनी भरा और गैरकानूनी कदम’ बताया है. उनका कहना है कि अमेरिका जानबूझकर ईरान के व्यापारिक जहाजों को निशाना बना रहा है.
ट्रंप का दावा- ईरान को हर दिन 500 मिलियन डॉलर का घाटा
दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ (Truth Social) पर अलग ही दावा किया है. ट्रंप के मुताबिक, ईरान दुनिया को दिखाने के लिए भले ही सख्त बयान दे रहा हो, लेकिन असल में वो आर्थिक नुकसान से बचने के लिए ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को फिर से खुलवाना चाहता है. ट्रंप ने लिखा कि ईरान इस रास्ते को बंद नहीं रखना चाहता, क्योंकि बंद होने की वजह से उन्हें हर दिन 500 मिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है.
‘फेस सेविंग’ के लिए ईरान कर रहा दिखावा
ट्रंप ने अपनी पोस्ट में कहा कि ईरान की तरफ से रास्ता बंद रखने की धमकियां सिर्फ राजनीतिक दिखावा हैं. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका की मिलिट्री प्रेशर और पूरी तरह की गई नाकेबंदी की वजह से ईरान अपनी साख बचाने के लिए ऐसी बयानबाजी कर रहा है. ट्रंप ने यह भी खुलासा किया कि चार दिन पहले कुछ लोगों ने उनसे संपर्क कर बताया था कि ईरान तुरंत ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को खोलना चाहता है.
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बिना समझौते के रास्ता खोलने के पक्ष में नहीं अमेरिका
राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर बिना किसी बड़े भू-राजनीतिक समझौते (Geopolitical Deal) के इस रास्ते को जल्दबाजी में खोला गया, तो अमेरिका के पास बातचीत के लिए कोई खास ताकत नहीं बचेगी. फिलहाल, दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्ते ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के बंद होने से ग्लोबल एनर्जी मार्केट और समुद्री सुरक्षा पर बड़ा खतरा बना हुआ है. गैस और तेल की सप्लाई रुकने से पूरी दुनिया में अस्थिरता का माहौल है.
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