ममदानी ही नहीं एक और भारतवंशी मुस्लिम ने जीता चुनाव, जानें कौन हैं वर्जीनिया की नई लेफ्टिनेंट गवर्नर गजाला हाशमी?

Ghazala Hashmi wins Virginia Lieutenant Government Election: भारतीय मूल की गजाला हाशमी ने इतिहास रच दिया है. उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार और रेडियो शो होस्ट जॉन रीड को आसानी से पराजित करते हुए वर्जीनिया के लेफ्टिनेंट गवर्नर पद का चुनाव जीता.

Ghazala Hashmi wins Virginia Lieutenant Government Election: अमेरिका में भारतीय वंश के नेता तहलका मचा रहे हैं. न्यूयॉर्क में जोहरान ममदानी ने चुनाव जीतकर पिछले 100 सालों में सबसे युवा और पहला मुस्लिम मेयर बनना तय कर लिया. लेकिन केवल उन्होंने ही इतिहास नहीं रचा है. भारतीय मूल की गजाला हाशमी ने भी इतिहास रच दिया है. बुधवार को वर्जीनिया के लेफ्टिनेंट गवर्नर पद का चुनाव जीतकर वह संयुक्त राज्य अमेरिका की पहली भारतीय मूल की मुस्लिम महिला लेफ्टिनेंट गवर्नर बन गई हैं. इससे पहले, हाशमी वर्जीनिया सीनेट के लिए चुनी जाने वाली पहली मुस्लिम महिला बन चुकी थीं. इस बार उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार और रेडियो शो होस्ट जॉन रीड को आसानी से पराजित किया. वहीं वर्जीनिया में ही ट्रंप को एक और झटका लगा, गवर्नर के पद पर डेमोक्रेट नेता एबिगेल स्पैनबर्गर ने भी जीत हासिल की है. 

अपनी जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए हाशमी ने कहा कि उन्होंने यह चुनाव एक अमेरिकी के रूप में लड़ा और चाहती थीं कि लोग उन्हें उसी रूप में स्वीकार करें जैसी वह हैं. गजाला की राजनीतिक यात्रा 2019 में ऐतिहासिक जीत के साथ शुरू हुई, जब उन्होंने एक रिपब्लिकन उम्मीदवार को हराकर वर्षों बाद पहली बार डेमोक्रेट्स को सीनेट में बहुमत दिलाने में मदद की. उनके नेतृत्व की सराहना करते हुए, उनके सहयोगियों ने 2024 में उन्हें प्रभावशाली सीनेट शिक्षा और स्वास्थ्य समिति की अध्यक्ष नियुक्त किया. अब वर्जीनिया की लेफ्टिनेंट गवर्नर के रूप में उनकी यह ऐतिहासिक जीत अमेरिकी राजनीति में प्रतिनिधित्व और विविधता के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है. ममदानी और हाशमी की जीत से अमेरिका में दक्षिण एशियाई अमेरिकियों का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है, जो अब प्रमुख नेतृत्व पदों तक पहुँच रहे हैं. 

उनकी विचारधारा क्या है?

गजाला की ऑफीशियल वेबसाइट के अनुसार, उनका मिशन समावेशिता को बढ़ावा देना, लोकतंत्र की रक्षा करना और शासन में समानता सुनिश्चित करना है. वह अमेरिका में गन कल्चर को समाप्त करने की सख्त पैरोकार हैं . हाशमी लगातार बंदूक हिंसा के खिलाफ बोलती रही हैं. उन्होंने असॉल्ट हथियारों पर प्रतिबंध, सर्वव्यापी बैकग्राउंड चेक और सुरक्षित भंडारण कानूनों जैसी नीतियों की मांग की है. हाशमी का विधायी एजेंडा में सार्वजनिक शिक्षा, मतदान अधिकार, प्रजनन स्वतंत्रता, सस्ती स्वास्थ्य सेवा, पर्यावरण संरक्षण और आवास की समान उपलब्धता शामिल हैं. उनका विजन समुदाय-केंद्रित नीतिनिर्माण पर आधारित है, जो सामाजिक न्याय और समान अवसर को मजबूत करने की दिशा में काम करता है. 

उनकी नीतियां कैसी हैं?

वर्जीनिया की नई लेफ्टिनेंट गवर्नर के रूप में उनकी शीर्ष प्राथमिकताओं में प्रजनन अधिकारों की रक्षा और गर्भनिरोधक साधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना शामिल है. उन्होंने 2017 में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मुस्लिम-बहुल देशों के नागरिकों पर लगाए गए यात्रा प्रतिबंध को अपनी राजनीतिक यात्रा का निर्णायक क्षण बताया है. उनका कहना है कि उसी घटना ने उन्हें राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया ताकि वह समावेश, लोकतंत्र और न्याय के मूल्यों की रक्षा कर सकें.

Who is Indian American Ghazala Hashmi? गजाला हाशमी का भारत से क्या संबंध है?

5 जुलाई 1964 को भारत के हैदराबाद में जन्मीं गजाला हाशमी चार साल की उम्र में अपनी माँ और भाई के साथ अमेरिका चली गईं. उनके पिता जॉर्जिया में अंतरराष्ट्रीय संबंधों में पीएचडी कर रहे थे. उनकी कहानी सार्वजनिक सेवा की यात्रा दृढ़ता और उद्देश्य से भरी हुई है. उन्होंने जॉर्जिया साउदर्न यूनिवर्सिटी से ऑनर्स सहित स्नातक की डिग्री प्राप्त की और बाद में एमोरी यूनिवर्सिटी (अटलांटा) से अमेरिकन लिटरेचर में पीएचडी की उपाधि हासिल की. गजाला ने लगभग 30 वर्षों का करियर अंग्रेजी और साहित्य की प्रोफेसर के रूप में बनाया पहले यूनिवर्सिटी ऑफ रिचमंड में और बाद में रेनॉल्ड्स कम्युनिटी कॉलेज में, जहाँ उन्होंने “सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन टीचिंग एंड लर्निंग” की स्थापना की.

दक्षिणी अमेरिकी में पली-बढ़ीं हाशमी ने सांस्कृतिक बदलावों और एकेडेमिक उत्कृष्टता दोनों को संतुलित किया. उनकी भारतीय जड़ें आज भी उनके दिल के करीब हैं. उनके नाना आंध्र प्रदेश सरकार में कार्यरत थे और वह आज भी हैदराबाद में अपने परिवार से संपर्क बनाए रखती हैं. उन्होंने कई बार अपने जन्मस्थान के प्रति गहरी भावनाएँ व्यक्त की हैं. गजाला हाशमी की शादी अजहर रफीक से 1980 के दशक में हुई थी. 1991 में दोनों रिचमंड क्षेत्र में आकर बस गए.  उनके दो बेटियाँ यास्मिन और नूर हैं. वह अक्सर कहती हैं कि पारिवारिक मूल्य ही उनके राजनीतिक दृष्टिकोण और सेवा भाव का आधार हैं.

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