France Soldier Killed Drone Attack Iraq: इराक के एरबिल (Erbil) इलाके में एक बड़ा ड्रोन हमला हुआ है, जिसमें फ्रांस का एक जांबाज सैनिक मारा गया और 6 अन्य बुरी तरह घायल हो गए हैं. फ्रांस की सेना ने गुरुवार को बताया कि ये सैनिक उत्तरी इराक में आतंकियों से लड़ने के लिए स्थानीय पार्टनर को ट्रेनिंग दे रहे थे. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला उस समय हुआ जब कुछ ही घंटों पहले पास के एक इटालियन बेस को भी निशाना बनाया गया था.
राष्ट्रपति मैक्रों ने जताया दुख
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस दुखद खबर की पुष्टि की. उन्होंने बताया कि शहीद सैनिक का नाम ‘चीफ वारंट ऑफिसर अरनॉड फ्र्रियन’ है, जिन्होंने फ्रांस के लिए अपनी जान दी. मैक्रों ने इस हमले को ‘अस्वीकार्य’ बताया और शहीद के परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं. उन्होंने साफ कहा कि फ्रांस की सेना इराक में सिर्फ ‘इस्लामिक स्टेट’ (IS) के खात्मे के लिए मौजूद है.
मखमूर इलाके में मची तबाही
फ्रांसीसी सेना के बयान के मुताबिक, घायल हुए 6 सैनिकों को तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि उन्हें कितनी गंभीर चोटें आई हैं. एरबिल के गवर्नर ओमेद कोश्नाव ने बताया कि यह हमला मखमूर (Makhmour) इलाके में हुआ था. वहीं, कुर्दिश पेशमर्गा बलों के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि ये सैनिक उसी बेस पर तैनात थे जहां गठबंधन सेनाएं (Coalition forces) रहती हैं.
फ्रांस का बड़ा एक्शन प्लान
मिडल ईस्ट में बढ़ते तनाव को देखते हुए फ्रांस अब अलर्ट मोड पर है. फ्रांस अपने एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप सहित करीब 12 नौसैनिक जहाजों को भूमध्य सागर (Mediterranean) और लाल सागर (Red Sea) में तैनात कर रहा है. फ्रांस के सैकड़ों सैनिक पहले से ही इराक में आतंकियों के खिलाफ ट्रेनिंग देने का काम कर रहे हैं. इन हमलों से अब पूरे क्षेत्र में एक बड़ी जंग छिड़ने का डर बढ़ गया है.
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बढ़ रहा है हमलों का खतरा
इराकी सुरक्षा सूत्रों और गुटों के करीबी लोगों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले 3-4 दिनों में अमेरिका और उसके सहयोगियों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों की रफ्तार तेज हुई है. यह हमला तब हुआ जब इटली के रक्षा मंत्रालय ने भी जानकारी दी कि उनके और नाटो (NATO) के बेस पर भी जानबूझकर हवाई हमला किया गया था, हालांकि वहां कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ.
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