डोनाल्ड ट्रंप तुमको मार डालेंगे… ईरान के सुप्रीम लीडर खामनेई को खुली धमकी, अमेरिकी सीनेटर ने क्यों दी ये चेतावनी?

Donald Trump US Senator Warns Iran Ali Khamenei: अमेरिका के सीनेटर ग्राहम ने कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि यदि ईरानी सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जानलेवा कार्रवाई जारी रखते हैं, तो डोनाल्ड ट्रंप ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को मारने का आदेश दे सकते हैं. ईरान में देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शन अब 11वें दिन में पहुंच चुके हैं और इस बयान के बाद बयानबाजी और भी तीव्र हो गई है.

Donald Trump US Senator Warns Iran Ali Khamenei: ईरान में जारी व्यापक जनआंदोलन के बीच अमेरिका से आया एक सख्त और तीखा बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा रहा है. अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम की चेतावनी ने न केवल तेहरान के सत्ता प्रतिष्ठान पर दबाव बढ़ाया है, बल्कि वाशिंगटन के रुख को भी और आक्रामक रूप में सामने रखा है. सीनेटर ग्राहम ने कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि यदि ईरानी सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जानलेवा कार्रवाई जारी रखते हैं, तो डोनाल्ड ट्रंप ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को मारने का आदेश दे सकते हैं. ईरान में देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शन अब 11वें दिन में पहुंच चुके हैं और इस बयान के बाद बयानबाजी और भी तीव्र हो गई है.

ग्राहम ने एक टेलीविजन इंटरव्यू में उन्होंने सीधे ईरान के धार्मिक नेतृत्व को चेतावनी देते हुए दमन तुरंत रोकने की मांग की. उनका कहना था कि जनता एक बेहतर जीवन की मांग कर रही है और उस पर हिंसा स्वीकार्य नहीं है. ग्राहम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि ईरानी सत्ता अपने ही नागरिकों की हत्या करती रही, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे. उन्होंने कहा, “अगर आप अपने ही लोगों को मारते रहेंगे, जो एक बेहतर जीवन की मांग कर रहे हैं, तो डोनाल्ड जे. ट्रंप आपको मार देंगे.” उन्होंने यह भी जोड़ा कि तेहरान के नेतृत्व को ट्रंप को हल्के में नहीं लेना चाहिए और उनके बयानों को गंभीरता से समझना चाहिए.

सीनेटर ने अपने बयान को एक चेतावनी और प्रिवेंटिव (निवारक) संदेश बताते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों पर लगातार घातक बल का इस्तेमाल शीर्ष स्तर पर जवाबी कार्रवाई को आमंत्रित करेगा. उनके मुताबिक, अमेरिका हिंसक दमन को बर्दाश्त नहीं करेगा और हाल के घटनाक्रम यह दर्शाते हैं कि वाशिंगटन निर्णायक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा. ग्राहम ने वेनेजुएला का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिकी एजेंसियों द्वारा निकोलस मादुरो को पकड़े जाने की घटना इस बात का उदाहरण है कि अमेरिका अपने इरादों को अमल में लाने की क्षमता रखता है.

ईरान के भीतर हालात तेजी से बदल रहे हैं. विरोध प्रदर्शन कई प्रांतों और शहरों तक फैल चुके हैं और उनके और उग्र होने के संकेत मिल रहे हैं. पश्चिमी शहर अबदानान से सामने आए वीडियो में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर मार्च करते और “खामेनेई मुर्दाबाद” के नारे लगाते दिख रहे हैं. सोशल मीडिया पर यह दावे भी सामने आए हैं कि पुलिस के कुछ हिस्सों ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया है. कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि इन विरोध प्रदर्शनों में अब तक 26 से लेकर 35 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है. वहीं बासिज फोर्स के एक सैनिक की भी मृत्यु का दावा किया गया था. 

ईरान में यह प्रदर्शन 2022 के बाद सबसे बड़े आंदोलनों में से एक है. 28 दिसंबर को ईरानी मुद्रा तेजी से नीचे गिरी और 1 डॉलर के बदले यह 14 लाख तोमान के आंकड़े को भी पार कर गई. इसके बाद तेहरान में कुछ बाजारों को बंद कर व्यापारियों ने नारे लगाना शुरू कर दिया. हालांकि, उनका प्रदर्शन तो कुछ दिनों में बंद हो गया, लेकिन देश के अन्य हिस्सों में यह तेजी से फैला. ईरानी प्रशासन इन प्रदर्शनों को रोकने का पूरी कोशिश कर रहा है. 

इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने स्थिति को संभालने की कोशिश करते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन और हिंसक गतिविधियों के बीच फर्क करने की बात कही है. सरकारी मीडिया के अनुसार, उन्होंने सुरक्षा बलों को आर्थिक मांगों को लेकर हो रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर सख्ती न करने के निर्देश दिए हैं, जबकि हथियारबंद लोगों और जिन्हें उन्होंने “उपद्रवी” बताया, उनके खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं. ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद जाफर गायमपनाह ने भी कहा है कि अधिकारियों को यह स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई सुरक्षा कार्रवाई न की जाए. हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि पुलिस थानों या सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला करने वालों से अलग और सख्त तरीके से निपटा जाएगा.

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