अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) को संबोधित किया. उन्हें भाषण के लिए 45 मिनट का समय दिया गया था, लेकिन ट्रंप पूरे 70 मिनट तक बोले. यह भाषण ट्रंप के पुराने अंदाज जैसा ही रहा खुद की तारीफ, और दुनिया के कई देशों, नेताओं और ऑर्गेनाइजेशन पर टिप्पणियां. नीचे समझते हैं कि ट्रंप ने किस नेता और किस देश पर क्या कहा.
यूरोप पर ट्रंप का हमला- ‘गलत दिशा में जा रहा महाद्वीप’
ट्रंप ने अपने भाषण की शुरुआत यूरोप पर टिप्पणी से की. ट्रंप के अनुसार, यूरोप के कुछ हिस्से अब पहले जैसे पहचान में नहीं आते और यह बदलाव नकारात्मक (नेगेटिव) है. उन्होंने कहा कि यूरोप सही दिशा में नहीं जा रहा. ट्रंप का यह भी दावा था कि यूरोप के नेता यह तक नहीं समझ पा रहे कि उनके देशों में क्या हो रहा है और वे अपने ही देशों को नुकसान पहुंचा रहे हैं.
रिन्यूएबल एनर्जी पर तंज: चीन और यूरोप को लेकर बयान
ट्रंप ने यूरोप की रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी पर भी निशाना साधा. ट्रंप के अनुसार, चीन यूरोप को पवन चक्कियां (विंडमिल) बेचकर मुनाफा कमा रहा है. उन्होंने कहा कि चीन ये विंडमिल यूरोप के बेवकूफ लोगों को बेच रहा है.
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों पर तंज: ‘ये चश्मा वाला क्या मामला था?’
ट्रंप ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का मजाक भी उड़ाया. दावोस में मैक्रों मंगलवार को धूप का चश्मा पहनकर भाषण देते दिखे थे. ट्रंप ने कहा, मैंने कल इमैनुएल मैक्रों को देखा, वो सुंदर से चश्मे लगाए थे-ये सब क्या था? हालांकि इसके बाद ट्रंप ने कहा कि मैक्रों दवाओं की कीमतों को लेकर सख्त दिखे. ट्रंप के अनुसार, उन्होंने मैक्रों से कहा कि फ्रांस पिछले 30 सालों से अमेरिका का फायदा उठा रहा है और अब उसे यह बदलना चाहिए.
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी पर नाराजगी
ट्रंप ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को भी नहीं छोड़ा. कार्नी ने एक दिन पहले अमेरिका की अगुवाई वाली वैश्विक व्यवस्था (ग्लोबल सेटिंग) में टूट की बात कही थी. इस पर ट्रंप ने कहा कि मैंने आपके प्रधानमंत्री को कल देखा. वो ज्यादा आभारी नहीं लगे. कनाडा अमेरिका की वजह से जिंदा है. अगली बार बयान देते समय यह याद रखना, मार्क.
रूस-यूक्रेन युद्ध पर दावा- गर नहीं माने तो दोनों बेवकूफ
ट्रंप ने रूस और यूक्रेन युद्ध पर एक बार फिर दावा किया कि वे शांति समझौता करवा सकते हैं. ट्रंप के अनुसार, वे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की दोनों से बात कर रहे हैं. ट्रंप ने कहा कि अगर पुतिन और जेलेंस्की समझौते के लिए तैयार नहीं होते, तो वे बेवकूफ होंगे. यह बात दोनों पर लागू होती है.
नाटो प्रमुख मार्क रुटे और ग्रीनलैंड पर दबाव
ट्रंप ने नाटो प्रमुख और नीदरलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री मार्क रुटे का भी जिक्र किया. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका नाटो के साथ गलत व्यवहार झेल रहा है. ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप ने कहा कि हम ग्रीनलैंड की रक्षा कर रहे हैं, हम यूरोप की रक्षा कर रहे हैं. इसे लीज पर लेकर कैसे बचाया जा सकता है?
डेनमार्क को ‘एहसान फरामोश’ बताया, इतिहास का जिक्र किया
ट्रंप ने डेनमार्क को एहसान फरामोश तक कह दिया. उन्होंने सेकंड वर्ल्ड वॉर का जिक्र करते हुए कहा कि डेनमार्क जर्मनी के सामने सिर्फ छह घंटे में हार गया था. ट्रंप के अनुसार, डेनमार्क न तो खुद की रक्षा कर सकता है और न ही ग्रीनलैंड की.
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