'मैंने दुनिया के 8 युद्ध खत्म किए', बोले ट्रंप- अमेरिका के पास अब WWII से 100 गुना ज्यादा घातक हथियार

Donald Trump Claims: ट्रंप ने फिर शांति की बात कही! अमेरिकी राष्ट्रपति का दावा है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध होने से रोका. अपने पोस्ट में, ट्रंप ने अमेरिकी सेना को दुनिया की सबसे खतरनाक ताकत बताया और आठ देशों के बीच युद्ध रोकने का क्रेडिट लिया.

Donald Trump Claims: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर बड़े-बड़े दावे करके सबको चौंका दिया है. ट्रंप का कहना है कि उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में अमेरिकी सेना को पूरी तरह से बदल दिया है और दुनिया की महाशक्ति बनाया है.

सेना को बनाया हाई-टेक

ट्रंप के अनुसार, अमेरिका आज दुनिया का सबसे ताकतवर देश है क्योंकि उन्होंने अपनी पहली पारी में सेना को पूरी तरह ‘रीबिल्ड’ किया था. उन्होंने बताया कि उन्होंने पुराने परमाणु हथियारों को फिर से नया किया और नए हथियार भी शामिल किए. इसके साथ ही उन्होंने ‘स्पेस फोर्स’ बनाने का क्रेडिट भी लिया और कहा कि वह अभी भी सेना को उस लेवल पर ले जा रहे हैं जो पहले कभी नहीं देखा गया.

WWII से 100 गुना ताकतवर जंगी जहाज लाने की बात

ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा कि वे अब ऐसी ‘बैटलशिप्स’ (जंगी जहाज) सेना में शामिल कर रहे हैं, जो दूसरे विश्व युद्ध के मशहूर जहाजों (जैसे आयोवा और मिसूरी) से 100 गुना ज्यादा पावरफुल हैं. उनके मुताबिक, अमेरिका की सैन्य ताकत अब एक अलग ही लेवल पर पहुंच गई है.

भारत-पाकिस्तान के बीच रुकवाया ‘न्यूक्लियर वॉर’?

सबसे ज्यादा चर्चा ट्रंप के उस दावे की हो रही है जिसमें उन्होंने कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध होने से रोका है. नेशनल प्रेयर ब्रेकफास्ट के दौरान ट्रम्प ने कहा कि एक साल के अंदर मैंने 8 बड़े युद्ध रुकवाए हैं.

ट्रंप की लिस्ट में ये युद्ध शामिल हैं:

  • भारत और पाकिस्तान
  • रूस और यूक्रेन
  • इजरायल और ईरान
  • आर्मेनिया और अजरबैजान
  • कंबोडिया और थाईलैंड
  • कोसोवो और सर्बिया

90 से ज्यादा बार किया यही दावा

रिकॉर्ड्स के मुताबिक, ट्रंप पिछले साल 10 मई से लेकर अब तक लगभग 90 बार यह दावा कर चुके हैं कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान की जंग रुकवाई. ट्रम्प का कहना है कि पिछले साल वाशिंगटन की मध्यस्थता (Mediation) के बाद दोनों देश ‘सीजफायर’ के लिए राजी हुए थे.

भारत का पक्ष: भारत ने ट्रम्प के इन दावों को हमेशा सिरे से खारिज किया है. नई दिल्ली का साफ कहना है कि पाकिस्तान के साथ हमारे जो भी मुद्दे हैं, वे ‘द्विपक्षीय’ (Bilateral) हैं, यानी हम आपस में सुलझाते हैं. भारत ने जोर देकर कहा कि सीमा पर जो सीजफायर हुआ, वह दोनों देशों की सीधी बातचीत का नतीजा था, इसमें किसी तीसरे देश (अमेरिका) का कोई रोल नहीं था.

पाकिस्तान का रुख: दूसरी तरफ, पाकिस्तान ने पहले भी कई बार अमेरिका की दखलंदाजी का स्वागत किया है, लेकिन ट्रंप के इस ताा दावे को लेकर उनकी तरफ से कोई पक्की जानकारी या सबूत नहीं दिया गया है.

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लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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