China Donates Aid Iran: चीन ने शुक्रवार (13 मार्च, 2026) को घोषणा की है कि वह ईरान के मिनाब में 28 फरवरी को प्राइमरी स्कूल पर हुए घातक मिसाइल हमले में मारे गए छात्रों के परिवारों को 2 लाख डॉलर (करीब 1.67 करोड़ रुपये) की सहायता राशि देगा. ईरान का आरोप है कि युद्ध के पहले दिन दक्षिण ईरान में स्थित इस स्कूल पर अमेरिका और इजराइल ने हमला किया था.
165 लोगों की मौत की खबर
ईरानी मीडिया के मुताबिक, हमले में बच्चों समेत कम से कम 165 लोगों की मौत हुई है और उनका अंतिम संस्कार भी किया जा चुका है. हालांकि, हताहतों की इस संख्या की अभी तक किसी स्वतंत्र संस्था द्वारा पुष्टि नहीं की गई है. इस मामले की जांच फिलहाल अमेरिकी सेना कर रही है. चीन के विदेश मंत्रालय के अनुसार, चीनी रेड क्रॉस सोसाइटी यह राशि ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी को ‘संवेदना और मुआवजे’ के तौर पर देगी.
चीन का कड़ा बयान
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का ‘गंभीर उल्लंघन’ बताया है. उन्होंने कहा कि स्कूलों और बच्चों पर हमला करना मानवीय नैतिकता और विवेक की सीमा को तोड़ने जैसा है. चीन ने ईरान को इस कठिन समय में और भी मदद देने का वादा किया है.
अमेरिकी जांच में गलती से मिसाइल गिरने के संकेत
‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने बुधवार (11 मार्च, 2026) को अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि अमेरिकी सैन्य जांच में यह बात सामने आई है कि एक अमेरिकी टॉमहॉक मिसाइल लक्ष्य भटकने के कारण स्कूल से टकरा गई थी. वहीं, इजराइल ने इस हमले में किसी भी तरह की भूमिका से साफ इनकार किया है.
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राष्ट्रपति ट्रंप का बयान
एएफपी के अनुसार, वे इस जगह तक नहीं पहुंच पाए हैं जिससे हमले की परिस्थितियों या मृतकों की संख्या की पुष्टि हो सके. शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले के लिए ईरान को ही जिम्मेदार ठहराने का इशारा किया था, जबकि ईरान के पास टॉमहॉक मिसाइलें ही नहीं हैं. बाद में ट्रंप ने कहा कि जांच के नतीजे जो भी आएंगे, वे उसे स्वीकार करेंगे. हालांकि, बुधवार (11 मार्च, 2026) को जब पत्रकारों ने उनसे ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की रिपोर्ट के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा कि मुझे इसके बारे में जानकारी नहीं है.
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