Space Station से तीन लोगों को लेकर पृथ्वी पर लौटा कैप्सूल, सुनीता विलियम्स का अब भी इंतजार

Space Station: अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से दो रूसी और एक अमेरिकी नागरिक को लेकर सोयूज कैप्सूल सोमवार को कजाकिस्तान में उतरा. इसके साथ ही रूस के दोनों अंतरिक्ष यात्रियों का लंबा प्रवास समाप्त हो गया.

Space Station: आईएसएस से अलग होने के लगभग साढ़े तीन घंटे बाद कैप्सूल कजाकिस्तान के मैदान पर उतरा. धरती पर वापसी के अंतिम चरण में लाल और सफेद पैराशूट के खुलने के साथ यह कैप्सूल लगभग 7.2 मीटर प्रति सेकंड की गति से उतरा.

अंतरिक्ष स्टेशन पर 374 दिन बिताने के बाद वापस लौटे ओलेग कोनोनेंको और निकोलाई चूब

ओलेग कोनोनेंको और निकोलाई चूब अंतरिक्ष स्टेशन पर 374 दिन बिताने के बाद वापस लौटे, जो वहां उनका सबसे लंबा निरंतर प्रवास था. इस कैप्सूल में अमेरिकी ट्रेसी डायसन भी थीं, जो छह महीने तक अंतरिक्ष स्टेशन में रहीं.

अंतरिक्ष स्टेशन पर अब भी आठ अंतरिक्ष यात्री बचे, विलियम्स का भी इंतजार

अंतरिक्ष स्टेशन पर अब आठ अंतरिक्ष यात्री बचे हैं, जिनमें अमेरिकी नागरिक बुच विल्मोर और सुनीता विलियम्स भी शामिल हैं. विल्मोर और विलियम्स को पहले ही धरती पर लौटना था लेकिन कुछ तकनीकी व्यवधान से उनकी वापसी में समय लग रहा है. वे जून में बोइंग के नए स्टारलाइनर कैप्सूल के पहले चालक दल के रूप में पहुंचे. लेकिन उनकी वापसी की यात्रा थ्रस्टर की समस्याओं और हीलियम लीक के कारण बाधित हो गई. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने कहा था कि उन्हें स्टारलाइनर के यान से वापस लाना बहुत जोखिम भरा होगा. दोनों अंतरिक्ष यात्रियों के अगले साल स्पेसएक्स के यान से धरती पर लौटने की संभावना है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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