'चला बुलडोजर, PTI कार्यकर्ताओं पर बरसी लाठियां', कुछ यूं इमरान खान के घर में घुसी लाहौर पुलिस, देखें वीडियो

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का दावा है कि उनके आवास में उनकी पत्नी बुशरा बीबी भी मौजूद हैं. वीडियो में देखें कैसे पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री के घर चला बुलडोजर

भ्रष्टाचार के एक मामले की सुनवाई के लिए पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के इस्लामाबाद रवाना होने के बाद 10,000 से अधिक पुलिसकर्मियों ने उनके यहां जमान पार्क स्थित आवास में एक बड़ा अभियान चला दिया जिसका वीडियो सामने आया है. इमरान खान की पार्टी के कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया है. बताया जा रहा है कि पुलिसकर्मियों ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के प्रमुख के आवास के प्रवेश द्वार से अवरोधक हटाने का काम किया और उन सभी शिविरों को ढहा दिया, जो पीटीआई कार्यकर्ताओं ने अपने नेता की रक्षा के लिए बनाये थे.

पुलिस की कार्रवाई का वीडियो सामने आया है जिसमें नजर आ रहा है कि पुलिस पीटीआई के कार्यकर्ताओं पर लाठी चार्ज कर रही है. इमरान खान के आवास पर चल रहे बुलडोजर को वीडियो में साफ देखा जा सकता है. ऐसा बताया जा रहा है कि पुलिस के द्वारा चलाये जा रहे इस अभियान के दौरान करीब 10 कार्यकर्ता घायल हुए और 30 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में नजर आ रहा है कि पुलिस इमरान खान के आवास में प्रवेश करने के बाद पीटीआई कार्यकर्ताओं को पीट रही है.

आवास में इमरान की पत्नी बुशरा बीबी भी मौजूद

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का दावा है कि उनके आवास में उनकी पत्नी बुशरा बीबी भी मौजूद हैं. इस पुलिसिया कार्रवाई पर पंजाब की कार्यवाहक सरकार में सूचना मंत्री आमिर मीर ने मीडिया से बात की और बताया कि जमान पार्क इलाके को खाली कराने के लिए पुलिस अभियान शुरू किया गया है. जमान पार्क प्रवेश के लिए खतरनाक क्षेत्र बन गया था. पंजाब पुलिस के 10,000 जवान ने इसे खाली कराने के अभियान को चलाया.

इमरान खान ने क्या कहा

इधर मीडिया को जारी एक संदेश में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि मैं 15 मिनट से [न्यायिक परिसर] के दरवाजे के बाहर इंतजार कर रहा हूं और प्रवेश करने का पूरा प्रयास कर रहा हूं, लेकिन उन्होंने आंसूगैस के गोले छोड़े और पुलिस बल का प्रयोग किया. ऐसा लगता है कि वे नहीं चाहते कि मैं नहीं चाहता कि मैं यहां तक पहुंचूं. अपदस्थ प्रधानमंत्री ने पुलिस के अभियान की निंदा करते हुए ट्वीट किया. उन्होंने अपने ट्विटर वॉल पर लिखा कि (मेरे तोशाखाना मामले की सुनवाई के लिए इस्लामाबाद रवाना होते ही) पंजाब पुलिस ने जमान पार्क स्थित मेरे आवास में हमला किया, जहां बुशरा बेगम अकेली हैं.

जानें मामला

आपको बता दें कि खान उपहार खरीदने को लेकर विवादों में रहे हैं, जिसमें एक महंगी कलाई घड़ी भी शामिल है, जिसे उन्होंने तोशाखाना से रियायती कीमत पर खरीदा और फिर बेचकर लाभ कमाया. साल 1974 में स्थापित तोशाखाना कैबिनेट प्रभाग के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत एक विभाग है. तोशाखाना में पाकिस्तानी शासकों, सांसदों, नौकरशाहों और अधिकारियों को अन्य देशों की सरकारों, राज्यों के प्रमुखों और विदेशी गणमान्य व्यक्तियों से मिले कीमती उपहारों को संगृहीत किया जाता है. बिक्री का विवरण साझा नहीं करने के कारण पिछले साल अक्टूबर में पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने इमरान खान को अयोग्य घोषित कर दिया था.

भाषा इनपुट के साथ

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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