ब्रिटिश मछुआरे ने पकड़ी 30 किलो की गोल्डफिश, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो सकता है नाम

न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार एक मछुआरे ने सबसे बड़ी गोल्डफिश पकड़ी है. जिसका वजन 30 किलोग्राम बताया जा रहा है. इसे दुनिया की सबसे बड़ी गोल्डफिश बताया जा रहा है. इस गोल्डफिश को द कैरट नाम दिया गया है.

दुनिया भर में लोग गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराने के लिए कई तरह के कारनामे करते रहते हैं. कुछ लोग अपने हुनर से वर्ल्ड रिकॉर्ड बना डालते हैं, तो कई लोगों को अचानक ही ऐसा मौका मिल जाता है. ऐसा ही कुछ ब्रिटिश मछुआरे के साथ हुआ है.

ब्रिटिश मछुआरे के हाथ लगा विशाल गोल्डफिश

न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार एक मछुआरे ने सबसे बड़ी गोल्डफिश पकड़ी है. जिसका वजन 30 किलोग्राम बताया जा रहा है. इसे दुनिया की सबसे बड़ी गोल्डफिश बताया जा रहा है. इस गोल्डफिश को द कैरट नाम दिया गया है.

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2019 में पकड़ी गयी मछली से 13 किलोग्राम अधिक है गोल्डफिश

खबर के अनुसार ब्रिटेश मछुआरे के जो गोल्डफिश हाथ लगी है, उसे 2019 में पकड़ी गयी सबसे बड़ी मछली से 13 किलोग्राम अधिक बतायी जा रही है.

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एंडी हैकेट ने फ्रांस के शेंपेन ब्लूवॉटर झील से पकड़‍ी गोल्डफिश

बताया जा रहा है, 42 साल के एंडी हैकेट ने सबसे वजनी गोल्डफिश को फ्रांस के शेंपेन ब्लूवॉटर झील से पकड़ी है. गोल्डफिश का रंग नारंगी है. उन्होंने बताया, गोल्डफिश को पकड़ने के लिए उसे 25 मिनट का समय लगा. उन्होंने बताया, मछली को पकड़ने के लिए उसे काफी मेहनत की.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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