ब्रिटेन में आ गया ‘देव कानून’, भारतवंशी बच्चे के नाम पर बने इस लॉ से बचेगी सैकड़ों जान

Britain’s Dev Law on Road Safety: ब्रिटेन के परिवहन विभाग (डीएफटी) ने नई रोड सेफ्टी स्ट्रैटेजी 2026 जारी की है. इसमें एक देव लॉ भी है, जो 8 साल के भारतवंशी बच्चे देव नारन के नाम पर है. देव की 2018 में एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी.

Britain’s Dev Law on Road Safety: ब्रिटेन ने बुधवार, 7 जनवरी 2026 को अपनी सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने और हजारों जानें बचाने के उद्देश्य से अपनी पहली राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा रणनीति पेश की है. यह पहल 10 सालों में सड़क सुरक्षा को गंभीरता से लेने की दिशा में सरकार का सबसे बड़ा कदम है. इसमें ड्रिंक-ड्राइविंग, युवा और वरिष्ठ चालकों, वाहन सुरक्षा तकनीकों और प्रशिक्षण मानकों जैसे कई क्षेत्रों में सख्त बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं. इस रणनीति के तहत कई नए नियमों का प्रस्ताव है, जिनमें ‘देव लॉ’ जैसे नाम भी शामिल हैं. यह 2018 में सड़क हादसे में मारे गए आठ साल के भारतीय मूल के लड़के देव नारन के नाम पर रखा गया है.

‘देव लॉ’ और वाहन सुरक्षा तकनीकें

ब्रिटेन की परिवहन विभाग (डीएफटी) की नई रोड सेफ्टी स्ट्रैटेजी 2026 के केंद्रबिंदु में ‘देव लॉ’ है, जिसके तहत सभी नए वाहनों में स्वचालित आपात ब्रेकिंग (AEB) जैसी उन्नत सुरक्षा तकनीकों को अनिवार्य करने का प्रस्ताव है. यह तकनीक संभावित टकराव का पता लगाकर वाहन को स्वतः धीमा कर देती है, जिससे दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है. इस कानून का नाम 2018 में मारे गए देव नारन के स्मरण में रखा गया है, जिनकी मां मीरा नारन ने तब से सक्रिय रूप से सड़क सुरक्षा सुधारों के लिए अभियान चलाया है. 

नए वाहनों में स्वचालित आपात ब्रेकिंग (एईबी) को अनिवार्य किए जाने के पीछे देव की मां मीरा नारन हैं. मीरा सात साल पहले एक दुखद सड़क दुर्घटना में अपने बेटे को खोने के बाद से अभियान चला रही हैं. लेस्टर में डी मोंटफोर्ट यूनिवर्सिटी में वरिष्ठ व्याख्याता नारन ने कहा, ‘‘मैं इस बहुप्रतीक्षित सड़क सुरक्षा रणनीति का स्वागत करती हूं और यह देखकर खुश हूं कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों और गंभीर चोटों को कम करने के लिए कई उपाय किए गए हैं.’’

ब्रिटेन का लक्ष्य 2035 तक सड़क पर होने वाली मौतों और गंभीर चोटों को कुल मिलाकर 65 प्रतिशत तक कम करना है. इसमें 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए यह लक्ष्य 70 प्रतिशत तक रखा गया है. इसे लागू करने के लिए सरकार ने शराब के प्रभाव में गाड़ी चलाने की सीमा, वरिष्ठ चालक परीक्षण और ड्राइवर प्रशिक्षण में बड़े सुधार सहित कई उपायों का सुझाव दिया है. परिवहन विभाग (डीएफटी) ने कहा कि उसकी नई सड़क सुरक्षा रणनीति शराब पीकर गाड़ी चलाने पर रोक लगाकर, युवा प्रशिक्षु चालकों के प्रशिक्षण में सुधार करके और उम्रदराज वाहन चालकों के लिए अनिवार्य नेत्र परीक्षण शुरू करके ब्रिटेन की सड़कों पर हजारों लोगों की जान बचाएगी.

युवा और वरिष्ठ चालकों के लिए सख्त मानक

सड़क सुरक्षा रणनीति में युवा प्रशिक्षु चालकों के लिए नए नियम प्रस्तावित हैं. सरकार इसके तहत इस बात पर विचार कर रही है कि प्रैक्टिकल ड्राइविंग टेस्ट देने से पहले सीखने की न्यूनतम अवधि 3 से 6 महीने रखी जाए ताकि नई सीख रहे चालकों को अधिक अभ्यास मिल सके, क्योंकि युवा चालक दुर्घटनाओं में असामान्य रूप से उच्च जोखिम लेकर चलते हैं.

वहीं 70 वर्ष से अधिक उम्र के चालकों के लिए अनिवार्य नेत्र परीक्षण और संभवतः अन्य स्वास्थ्य मूल्यांकन नियमों पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उम्र बढ़ने के प्रभाव सड़क पर सुरक्षा को प्रभावित न करें.

सरकार शराब पीकर गाड़ी चलाने की कानूनी सीमा को भी कम करने पर विचार कर रही है, जो अब तक यूरोप में सबसे उच्च स्तर पर है, ताकि शराब से प्रेरित दुर्घटनाओं को और घटाया जा सके. साथ ही, ड्रग-प्रभावित ड्राइविंग के लिए सख्त नियम, लाइसेंस निलंबन की शक्तियां, और सक्रिय जांच तकनीकों को लागू करने की पहल भी की जा रही है

नए लॉ से व्यापक दृष्टिकोण और प्रभाव

डीएफटी की रणनीति केवल नियमों के बदलाब तक सीमित नहीं है, बल्कि सड़क उपयोगकर्ताओं, वाहन निर्माताओं और स्थानीय प्राधिकरणों को मिलकर सुरक्षा मानकों में सुधार करने को प्रेरित करती है. सुरक्षा विश्लेषकों के अनुसार, ऐसी व्यापक नीति से ब्रिटेन की सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं में बड़े पैमाने पर कमी आ सकती है, अगर इसे समयबद्ध और प्रभावी तरीके से लागू किया जाए. ब्रिटेन की नई सड़क सुरक्षा रणनीति तकनीकी सुधार, कड़े नियम और व्यापक जागरूकता से सड़क सुरक्षा को सुधारने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जो भविष्य में दुर्घटना दर को काफी हद तक कम कर सकता है.

ये भी पढ़ें:-

चीन का जापान को बड़ा झटका! रेयर अर्थ और ड्यूल-यूज आइटम्स पर तुरंत रोक, ताइवान बयान से तनाव बढ़ा

अमेरिका का वो जासूस, जिसकी वजह से मारे गए 10 US एजेंट, 84 की उम्र में जेल में हुई मौत

ग्रीनलैंड पर क्यों टिकी है ट्रंप की नजर, बर्फीली परत के नीचे छुपा है अकूत खजाना

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >