ब्रिटेन : हर दो दिन में दो गुनी मौतें, चार दिन बाद लंदन के अस्पतालों में नहीं बचेगी जगह

ब्रिटेन का लंदन और स्पेन का मैड्रिड शहर पूरी दुनिया में फैल चुके कोरोना वायरस के नये केंद्र बनने वाले हैं. यहां हर दो दिन में मौतें दो गुना तक बढ़ रही हैं. अब तक यूरोप में इटली का लॉम्बार्डी इस महामारी का केंद्र बना हुआ था. कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के अनुसार, लंदन में चार दिन में आइसीयू के बेड पूरी तरह से भर जायेंगे. अगले 14 दिनों में यही स्थिति पूरे ब्रिटेन की हो जायेगी.

नयी दिल्ली : ब्रिटेन का लंदन और स्पेन का मैड्रिड शहर पूरी दुनिया में फैल चुके कोरोना वायरस के नये केंद्र बनने वाले हैं. यहां हर दो दिन में मौतें दो गुना तक बढ़ रही हैं. अब तक यूरोप में इटली का लॉम्बार्डी इस महामारी का केंद्र बना हुआ था. कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के अनुसार, लंदन में चार दिन में आइसीयू के बेड पूरी तरह से भर जायेंगे. अगले 14 दिनों में यही स्थिति पूरे ब्रिटेन की हो जायेगी. आंकड़े बताते हैं कि ब्रिटेन में हर रोज औसतन 1000 नये मामले सामने आ रहे हैं, जबकि हर रोज औसतन 50 से अधिक लोगों की मौत हो रही है. ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा के एक अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि लंदन के अस्पतालों में अत्याधिक संख्या में कोरोना के मरीज आ रहे हैं, जो गंभीर रूप से बीमार हैं. देश में संक्रमण से सबसे खराब हालत लंदन का ही है. देश के कुल 9,529 मामलों में आधे से ज्यादा लंदन के ही हैं.

अस्पताल गंभीर रूप से बीमार मरीजों की बढ़ती संख्या से जूझ रहे हैं. ना सिर्फ संख्या, बल्कि जिस गति से और जितनी गंभीर स्थिति में वे आ रहे हैं, सबकुछ मायने रखता है. कोरोना के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने देश में तीन हफ्ते के लॉकडाउन की घोषणा की है, लेकिन अंग्रेज इस कानून की जमकर धज्जियां उड़ा रहे हैं. गुरुवार को लॉकडाउन के तीसरे दिन लोगों को समझाने और मदद के लिए स्वयंसेवक सड़क पर उतर गये. उन्होंने लोगों को खाना और दवाएं पहुंचाने के साथ-साथ सोशल डिस्टैंसिंग के बारे में समझाया.

यूरोप में ढाई लाख से अधिक संक्रमित

यूरोप में कोरोना के मामले दो लाख 50 हजार के पार पहुंच गये हैं. इनमें आधे से अधिक मामले इटली और स्पेन के हैं. केवल यूरोप में 14,640 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, एशिया में संक्रमण के एक लाख 937 मामले हैं, जिसमें 3,636 लोगों की मौत हुई है. दुनियाभर में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या गुरुवार को पांच लाख के पार हो गयी.

अमेरिका में 1000 से अधिक की मौत न्यूयॉर्क समेत छह राज्यों में स्थिति खराब

वाशिंगटन. अमेरिका में कोरोना वायरस से 1,080 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 74,399 लोग संक्रमित हैं. चीन के बाद सबसे अधिक संक्रमण के मामले अमेरिका से आये हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूयॉर्क, कैलिफोर्निया, वाशिंगटन, आयोवा, लुइसियाना, नॉर्थ कैरोलिना, टेक्सास और फ्लोरिडा के लिए प्रमुख आपदा घोषणाओं को मंजूरी दी है.

हाल के इतिहास में संभवत: यह पहली बार है, जब छह से अधिक राज्यों में जन स्वास्थ्य पर प्रमुख आपदा घोषणाओं को मंजूरी दी गयी है. न्यूयॉर्क शहर में हालात बदतर होते जा रहे हैं. यह शहर देश में कोविड-19 का केंद्र बन चुका है. न्यूयॉर्क में संक्रमित लोगों की संख्या 30,000 को पार कर गयी है और 300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. वाशिंगटन डीसी प्रशासन ने कोरोना को फैलने से रोकने के लिए 24 अप्रैल तक सभी गैर जरूरी कारोबारी गतिविधियां बंद करने का आदेश दिया है.

इटली : क्वारंटाइन का उल्लंघन करने पर जेल

इटली में कोरोना से हर रोज औसतन सात सौ लोगों की मौत हो रही है. संक्रमण को रोकने के लिए इटली में नौ मार्च से शुरू हुआ लॉकडाउन तीन अप्रैल को खत्म होने वाला है. कोरोना को लेकर लापरवाही बरतने वाले लोगों से सख्ती से निबटने के लिए नयी एडवाइजरी जारी की गयी है. इसमें होम क्वारंटाइन का उल्लंघन करने वाले लोगों को जुर्माना और जेल भी हो सकती है.

मलयेशिया : राजा-रानी ने खुद को किया क्वारंटाइन, राजमहल के सात कर्मचारी मिले कोरोना वायरस पॉजिटिव

चीन : विदेशों से आये संक्रमित लोगों के 67 नये मामले. घरेलू स्तर पर कोरोना का कोई नया केस नहीं, वुहान में सबकुछ ठीक

रूस : सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर लग सकता है प्रतिबंध, हर रोज नये मामले सामने आ रहे

सिंगापुर : तीन वर्षीय भारतीय बच्ची संक्रमित, देश में 11,125 से अधिक मामले

ब्रिटेन : हर रोज ऐसे बढ़ रहे हैं मौत के आंकड़े

तारीख मौतें

13 मार्च 11

16 मार्च 55

18 मार्च 104

21 मार्च 233

23 मार्च 335

तारीख मौतें

24 मार्च 422

25 मार्च 465

संक्रमण से दहशत

70 देशों के तीन अरब लोग घरों में हुए बंद

42 देशों में लॉकडाउन, इनमें भारत भी शामिल

7.8 अरब है विश्व की आबादी

15 देशों में कर्फ्यू लागू. इनमें सउदी अरब, आइवरी कोस्ट, चिली, फिलीपींस और मिस्र शामिल

भारत : महीने भर से भी कम समय में 3 से 694 हो गये मरीज

कोरोना के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं और भारत में अब तक 694 संक्रमित हो चुके हैं. इस समय भारत दूसरे चरण में है. आइए बताते हैं कि भारत में ये संक्रमण कितनी तेजी से फैल रहा है. महीने भर से भी कम समय में 3 से बढ़ कर 694 मरीज हो गये. वहीं, कोरोना से अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है.

आर्थिक पैकेज की घोषणा सही दिशा में पहला कदम : राहुल

नयी दिल्ली. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कोरोना संकट से प्रभावित गरीबों और मजदूरों के लिए 1.7 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज की सरकार की घोषणा की सराहना की है. गांधी ने ट्वीट कर कहा कि सरकार की ओर वित्तीय पैकेज की घोषणा सही दिशा में पहला कदम है. इससे पहले, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 21 दिनों के बंद के फैसले को लेकर सरकार के प्रति एकजुटता जतायी है. उन्होंने पीएम मोदी को लिखे पत्र में कहा कि उनकी पार्टी कोरोना के कारण पैदा हुए इस संकट से निबटने के लिए पूरी तरह से सरकार के साथ खड़ी है.

चीन के बाद अमेरिका में सबसे ज्यादा संक्रमित लोग

देश मामले मौतें

चीन 81,285 3,287

अमेरिका 75,069 1080

इटली 74,386 7,503

स्पेन 56,197 4,145

देश मामले मौतें

जर्मनी 43,646 239

ईरान 29,406 2,234

फ्रांस 25,233 1331

ब्रिटेन 9,849 477

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लेखक के बारे में

Author: Pritish Sahay

Published by: Prabhat Khabar

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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