प्रचंड हवा का विकराल रूप, ब्राजील की स्टैचू ऑफ लिबर्टी पत्ते की तरह बिखरी, पहले टेढ़ी हुई फिर औंधे मुंह गिरी

Brazil Statue of Liberty Fall: ब्राजील की स्टैचू ऑफ लिबर्टी सोमवार को तेज हवा के झोंके से पत्ते की तरह गिर पड़ी. यह मूर्ति पहले टेढ़ी हुई और उसके बाद औंधे मुंह गिर पड़ी. 24 मीटर ऊंची यह मूर्ति रियो ग्रांडे दो सुल राज्य के गुआइबा शहर स्थित हावन मेगास्टोर के बाहर लगी है.

Brazil Statue of Liberty Fall: दक्षिणी ब्राजील में सोमवार, 15 दिसंबर को एक शक्तिशाली तूफान आया. इस तूफान की वजह से गुआइबा शहर के पार्किंग लॉट में लगी स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी की एक रेप्लिका ढह गई. इस घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. इसमें मूर्ति पहले टेढ़ी होती है, इसके बाद वह पत्ते की तरह गिर जाती है. यह रियो ग्रांडे दो सुल राज्य के गुआइबा शहर स्थित हावन मेगास्टोर के बाहर लगी है. 24 मीटर ऊंची रेप्लिका तेज हवा का मुकाबला नहीं कर सकी और जमीन पर गिर पड़ी.

यह मूर्ति 2020 में स्थापित की गई थी. मूर्ति के गिरने से ठीक कुछ सेकंड पहले ही वहां खड़ी कारें मौके से निकलती दिखाई दीं. उन्हें इसका मौका तभी मिल पाया क्योंकि मूर्ति पहले टेढ़ी हुई थी, इसके थोड़ी देर बाद वह गिरी. इसका आधार भी 11 मीटर ऊंचा है, जिससे नुकसान ज्यादा बड़ा नहीं रहा. आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत एक्शन लिया और पास खड़े वाहनों को हटा दिया. इस घटना में किसी के घायल होने या संपत्ति को नुकसान पहुंचने की सूचना नहीं मिली. 

आखिर हवा कितनी तेज रही होगी? शहर के मेयर के मुताबिक सोमवार दोपहर 15 तारीख हमारे शहर में तेज हवा के झोंके चले, जिनकी गति 80 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई. उन्होंने कहा कि कुछ अन्य इमारतों को मामूली नुकसान हुआ, लेकिन हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं. उनके अनुसार सिविल डिफेंस और बुनियादी ढांचा विभाग पूरी तरह से सक्रिय हैं.

न्यूयॉर्क में स्थिति स्टेचू ऑफ लिबर्टी की प्रतिकृति थी ब्राजीली मूर्ति

सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आते ही लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगीं. यूजर्स ने कहा कि  यह किसी अशुभ संकेत जैसा लगता है. पता नहीं क्यों, अच्छी बात है कि सब सुरक्षित हैं! एक अन्य ने कहा कि जब यह जमीन पर गिरती है तो रबर जैसी क्यों दिखती है? और इतनी बड़ी चीज को तेज हवाएं कैसे गिरा सकती हैं? कई मायनों में अजीब है.

यह प्रतिकृति न्यूयॉर्क में स्थिति स्टेचू ऑफ लिबर्टी की प्रतिकृति है, जिसे 1886 में फ्रांस द्वारा अमेरिका की आजादी पर गिफ्ट में दिया गया था. यह तांबे की बनी है और 93 मीटर यानी 305 फीट ऊंची है. इसका आधार भी काफी ऊंचा है, जबकि मूर्ति खुद 46 मीटर यानी 151 फीट की है. इसे न्यूयॉर्क हार्बर में लगाया गया है. इसकी चोटी तक पहुंचने के लिए 354 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं. इसे लिबर्टी इग्नाइटिंग द वर्ल्ड के नाम से भी जाना जाता है.  

ये भी पढ़ें:-

यहां दिल्ली की गद्दी जला दी जाएगी, बांग्लादेशी नेता की गीदड़ भभकी, भारत के नॉर्थ ईस्ट को काटने की दी धमकी

दुनिया के चौथे सबसे नए देश में भारतीय राजदूत नियुक्त, राजधानी है दिली, चाहता है इंडिया बने UN परमानेंट मेंबर

सिडनी हमले का आतंकी बाप भारतीय पासपोर्ट पर फिलीपींस गया था, ऑस्ट्रलिया के बोंडी बीच अटैक में नया खुलासा

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Anant narayan shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >