गर्लफ्रेंड को बर्फीली पहाड़ी पर मरते हुए छोड़ आया बॉयफ्रेंड, इमरजेंसी कॉल में देरी, फिर साइलेंट किया फोन, अब खुला मामला

Boyfriend left Girlfriend to die on Freezing Mountain: 19 जनवरी 2025 को ऑस्ट्रिया की ग्रॉसग्लॉक्नर पर्वत चोटी पर केर्स्टिन गर्टनर को उनके बॉयफ्रेंड के द्वारा कथित तौर पर मदद के लिए गए, जबकि उन्हें ठंड में बिना किसी मदद के छोड़ दिया. वे उन्हें तेज हवा से बचाए या ठंड से बचाने के लिए उपलब्ध एल्युमिनियम रेस्क्यू ब्लैंकेट में लपेटे बिना चले गए. गर्टनर की पहचान अब उजागर की गई है. अदालत में अभियोजकों ने बॉयफ्रेंड पर हत्या (मर्डर) का आरोप लगाया. अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो उन्हें तीन साल की जेल हो सकती है.

Boyfriend left Girlfriend to die on Freezing Mountain: बर्फीले पहाड़ पर घूमने गए कपल, लेकिन मुश्किल वक्त में बॉयफ्रेंड अपनी महिला मित्र को छोड़कर चला गया. ठंड में ठिठुरते हुए उसकी मौत हो गई. यह सब कुछ हुआ ऑस्ट्रिया की एक पर्वत चोटी पर. ग्रॉसग्लॉक्नर पर्वत पर ठंड से मौत का शिकार हुई महिला की पहचान 33 वर्षीय ऑस्ट्रियाई महिला की पहचान केर्स्टिन गर्टनर के रूप में हुई है. यह पहचान अब हो पाई है, जबकि उनकी मौत 19 जनवरी 2025 को हुई थी. उन्हें कथित तौर पर उनके पर्वतारोही बॉयफ्रेंड ने बीच रास्ते छोड़ दिया था. वे साल्जबर्ग की रहने वाली थीं और सोशल मीडिया पर खुद को ‘विंटर चाइल्ड’ और ‘माउंटेन पर्सन’ के रूप में बताती थीं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें उनके अनुभवी पर्वतारोही बॉयफ्रेंड 39 वर्षीय थॉमस प्लांबर्गर ने मार्गदर्शन के दौरान वहीं छोड़ दिया था.

जनवरी 2025 में ग्रॉसग्लॉक्नर पर्वत की चोटी से करीब 160 फीट नीचे गर्टनर का शव मिला था. गर्टनर खुद को ऑनलाइन भले ही विंटर चाइल्ड और माउंटेन पर्सन कहती थीं, लेकिन वे ऐसी चरम परिस्थितियों के लिए तैयार नहीं थीं, जहां उन्हें ले जाया गया. अधिक अनुभवी पर्वतारोही होने के बावजूद, बॉयफ्रेंड कथित तौर पर मदद लेने के लिए उन्हें वहीं छोड़कर चला गया. वे उन्हें तेज हवा से बचाए या ठंड से बचाने के लिए उपलब्ध एल्युमिनियम रेस्क्यू ब्लैंकेट में लपेटे बिना चले गए. मामला अदालत पहुँचा, जहां अभियोजकों ने बॉयफ्रेंड पर हत्या (मर्डर) का आरोप लगाया. गर्टनर की मौत और खुलासे के बाद उनके बॉयफ्रेंड को गिरफ्तार किया गया. इंसब्रुक पब्लिक प्रॉसिक्यूटर ऑफिस ने कहा कि चढ़ाई की योजना प्लांबर्गर ने बनाई थी, इसलिए वह वास्तविक गाइड की जिम्मेदारी निभा रहे थे. 

क्या हुआ था?

कपल 19 जनवरी 2025 को शिखर के करीब पहुंच रहा था.  कपल ने अपने निर्धारित समय से दो घंटे देर से चढ़ाई शुरू की और अत्यधिक मौसम का सामना करना पड़ा, जिसमें -20°C तक तापमान और तूफानी हवाएँ शामिल थीं. शिखर से लगभग 150 फीट नीचे गर्टनर बेहद थक गईं, हाइपोथर्मिया का शिकार हो गईं और भ्रमित हो गईं. अभियोजकों का आरोप है कि सुबह करीब 2 बजे प्लांबर्गर गर्टनर को बिना सुरक्षा के छोड़कर मदद लेने चले गए, जबकि उनके पास इमरजेंसी ब्लैंकेट और बिवुआक सैक मौजूद थे जिन्हें वे इस्तेमाल कर सकते थे. 

प्रॉसिक्यूटर ऑफिस के बयान के अनुसार, चढ़ाई के दौरान तापमान लगभग लगभग -20°C था और रात 8:50 बजे के आसपास कपल मुश्किल हालात में फँस गया. अभियोजकों का कहना है कि प्लांबर्गर ने मदद के लिए कॉल नहीं किया और न ही संकट संकेत भेजा, यहाँ तक कि जब रात 10:50 बजे एक पुलिस हेलिकॉप्टर पास से उड़ता दिखाई दिया, तब भी नहीं. बाद में वेबकैम फुटेज में शिखर के पास उनका कैंप देखा गया, जहाँ गर्टनर का शव मिला.

जांचकर्ताओं का कहना है कि प्लांबर्गर की पहली इमरजेंसी कॉल 1:35 बजे रात दर्ज हुई, जिसके बाद उन्होंने फोन साइलेंट पर डाल दिया. लगभग 30 मिनट बाद, उनका आरोप है कि प्लांबर्गर गर्टनर को बर्फीले ढलान पर छोड़कर नीचे चले गए, जबकि उनके पास मौजूद इमरजेंसी ब्लैंकेट का उपयोग भी नहीं किया. एक ट्रेल कैमरा ��े 2:30 बजे रात प्लांबर्गर को अकेले नीचे उतरते हुए रिकॉर्ड किया, गर्टनर को जहाँ छोड़ा गया था, उससे काफी नीचे. लगभग एक घंटे बाद, 3:30 बजे रात उन्होंने फिर से इमरजेंसी सर्विस से संपर्क किया.

बताया गया है कि उन्होंने रेस्क्यू सर्विस से संपर्क करने में घंटों लगा दिए और पहली कॉल के बाद फोन को साइलेंट पर डाल दिया, जिसके चलते रेस्क्यू टीम की आगे की कॉल्स छूट गईं. वेबकैम फुटेज में केवल एक हेडटॉर्च को शिखर से दूर जाते हुए देखा गया. तेज हवाओं के कारण बचाव टीमें अगली सुबह ही वहाँ पहुँच पाईं, तब तक गर्टनर की मौत हो चुकी थी. 

हो सकती है तीन साल की जेल

प्लांबर्गर पर गंभीर लापरवाही से हुई हत्या (मैन्सलॉटर) का आरोप लगाया गया है और दोषी पाए जाने पर उन्हें तीन साल तक की जेल हो सकती है. उनके वकील का कहना है कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण, नियति जैसा दुर्घटना थी. यह मामला 19 फरवरी 2026 को इंसब्रुक रीजनल कोर्ट में सुना जाएगा.

केर्स्टिन गर्टनर के लिए ट्रिब्यूट

गर्टनर के दोस्तों और परिवार ने उनके नाम पर एक ऑनलाइन मेमोरियल पेज बनाया है, जहां सैकड़ों लोगों ने शोक संदेश लिखे हैं. सभी ने गहरी सदमे और दुख के साथ उन्हें याद करते हुए लिखा- एक अद्भुत महिला, प्यारी बेटी, बहन, भाभी, गॉडमदर, पोती, पार्टनर और दोस्त के रूप में आप यादों में रहेंगी. परिवार ने पेज पर आने वालों से अनुरोध किया है कि वे आरोप या अनुमान लगाने से परहेज करें.

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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