BLA Quetta Train Blast: पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में रविवार, 24 मई को रेलवे ट्रैक पर बड़ा हमला हुआ. अलगाववादी संगठन बलोच लिबरेशन आर्मी ने पाकिस्तानी सेना की एक ट्रेन को निशाना बनाने का दावा किया. संगठन का कहना है कि इस हमले में 82 सैनिक मारे गए, जबकि 121 अन्य घायल हुए हैं. बीएलए ने अपने मजीद ब्रिगेड के जरिए जारी बयान में कहा कि हमला क्वेटा कैंटोनमेंट रेलवे स्टेशन के बाहरी इलाके में स्थित चमन फाटक के पास किया गया. संगठन के मुताबिक यह कार्रवाई उसकी फिदायीन यूनिट और खुफिया विंग ‘ZIRAB’ (जिराब) ने मिलकर अंजाम दी.
अलगाववादी संगठन ने दावा किया कि ट्रेन में पाकिस्तानी सेना के अधिकारी, जूनियर अधिकारी, सैनिक और नए रंगरूट मिलाकर कुल 360 लोग सफर कर रहे थे. बयान में कहा गया कि सभी अलग-अलग सैन्य यूनिट्स से जुड़े थे. BLA के अनुसार इस हमले की तैयारी लंबे समय से चल रही थी और इसके लिए इलाके में विस्तृत निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाई गई थी. संगठन ने दावा किया कि स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 8 बजे एक आत्मघाती हमलावर ने सैन्य ट्रेन को निशाना बनाया.
केवल सेना को निशाना बनाया- बीएलए
समूह ने घोषणा की है कि इस हमले का लक्ष्य क्वेटा कैंट में पाकिस्तानी सेना बलों के स्थानांतरण की सुरक्षा व्यवस्था और गुप्त तरीके को निशाना बनाना था. समूह ने कहा कि बलूचिस्तान में रेलवे नेटवर्क पर ‘जाफर एक्सप्रेस’ और सियाल रेलवे स्टेशन पर हमले सहित पिछले हमलों के बाद, पाकिस्तानी सेना ने सैनिकों के लिए गुप्त परिवहन व्यवस्था शुरू की थी. बीएलए ने इस घटना में मारे गए पाकिस्तानी सैनिकों की लिस्ट भी जारी की है.
कैसे हुआ विस्फोट?
उर्दू न्यूज के अनुसार, ‘सुबह करीब आठ बजे एक कार को बेहद सामान्य तरीके से रेलवे ट्रैक के पास खड़े बाकी वाहनों के बीच लाकर पार्क किया गया. रोज की तरह लोग अपनी गाड़ियां वहां खड़ी कर रहे थे और आसपास सब कुछ सामान्य दिखाई दे रहा था. किसी को जरा भी अंदाजा नहीं था कि कुछ ही पलों बाद यहां इतना भीषण धमाका होगा, जो जमीन में गहरा गड्ढा बना देगा और ट्रेन की बोगी तक पलट जाएगी.’
किसने किया था हमला; फिदायीन कौन?
BLA का कहना है कि इसके बावजूद उसने सेना की सुरक्षा व्यवस्था को भेदते हुए यह हमला किया. अपने बयान में BLA ने इस हमले को बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना की सुरक्षा व्यवस्था पर ‘बड़ा प्रहार’ बताया और एक बार फिर प्रांत में पाकिस्तान सरकार और सेना की मौजूदगी का विरोध दोहराया. बीएलए ने बिलाल शाहवानी उर्फ सईन को इस ऑपरेशन का कमांडर बताया गया है.
पाकिस्तान की ओर से नहीं जारी हुआ आधिकारिक आंकड़ा
हालांकि, पाकिस्तानी सेना की ओर से अभी तक इस हमले में हुए नुकसान या BLA के दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. कुछ पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार इस घटना में मरने वालों की संख्या 47 है. वहीं, बलूच लिबरेशन आर्मी ने पाकिस्तानी सरकारी मीडिया पर हताहतों की वास्तविक संख्या को छिपाने का भी आरोप लगाया है. संगठन ने इस बात पर जोर दिया है कि वह ट्रेन एक विशेष सैन्य ट्रेन थी, जिस पर नागरिकों का प्रवेश या उसके आवागमन मार्ग के पास जाना प्रतिबंधित था.
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