बेंजामिन नेतन्याहू का भारत दौरा टला, आतंकी हमले के बाद बढ़ी सुरक्षा चिंता, साल में तीसरी बार हुआ ऐसा

Benjamin Netanyahu India visit postponed: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बार फिर भारत की अपनी प्रस्तावित यात्रा स्थगित कर दी है. उन्होंने इस साल तीसरी बार अपनी भारत यात्रा को टाला है. लाल किले के पास हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा स्थिति को लेकर गंभीर चिंताएँ जताई गई हैं. अब सुरक्षा मूल्यांकन के आधार पर अगले वर्ष किसी नई तिथि की तलाश करेंगे.

Benjamin Netanyahu India visit postponed: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बार फिर भारत की अपनी प्रस्तावित यात्रा स्थगित कर दी है. उन्होंने इस साल के दिसंबर में निर्धारित अपनी भारत यात्रा पर नहीं आने का फैसला किया है. बताया जा रहा है कि नई दिल्ली में हाल ही में लाल किले के पास हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा स्थिति को लेकर गंभीर चिंताएँ जताई गई हैं. इस हमले में 15 लोगों की जान चली गई और दर्जनों लोग घायल हुए थे. इस घटना के बाद दिसंबर में नेतन्याहू की प्रस्तावित यात्रा अभी के लिए रोक दी गई है. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि नेतन्याहू किस नई तारीख को भारत आ सकते हैं.

i24 न्यूज की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सुरक्षा एजेंसियों के मूल्यांकन को देखते हुए नेतन्याहू का दौरा रद्द कर दिया गया है. i24NEWS ने सूत्रों के हवाले से बताया कि नेतन्याहू ने आखिरी बार 2018 में भारत की आखिरी यात्रा की थी और इस बार पीएम मोदी से मिलने वाले थे, लेकिन अब सुरक्षा मूल्यांकन के आधार पर अगले वर्ष किसी नई तिथि की तलाश करेंगे. नेतन्याहू ने 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात में द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाइयों तक ले जाने पर जोर दिया था. इसके बाद उनकी भारत यात्रा को लेकर कई बार अटकलें लगाई गईं, लेकिन वे फिर भी नई दिल्ली नहीं पहुंचे.

सात साल पहले किया था भारत का दौरा

पीएम मोदी 2017 में तेल अवीव गए थे, इस प्रकार वे यहूदी राष्ट्र का दौरा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने. उसके बाद नेतन्याहू ने जनवरी 2018 में भारत की यात्रा की थी. दोनों नेताओं के बीच की घनिष्ठता भारतीय और इजरायली मीडिया में अक्सर चर्चा का विषय रही है. इजरायल में राजनीतिक अस्थिरता और बाद में गाजा संघर्ष भड़कने की वजह से 2019 से ही इजरायल के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा लंबित है. यात्राओं की तारीख कई बार तय हुई, लेकिन इसके बावजूद नेतन्याहू की आगे की यात्राएँ लगातार बाधित होती रहीं.

नेतन्याहू का भारत दौरा बार-बार टला

यह इस वर्ष तीसरी बार है जब इजरायली नेता ने भारत के लिए निर्धारित किसी दौरे को रद्द किया है. इससे पहले, नेतन्याहू ने 9 सितंबर को भारत की एक दिवसीय यात्रा रद्द कर दी थी, यह कहते हुए कि इजराइल में 17 सितंबर को होने वाले अभूतपूर्व पुनर्निर्वाचन के कारण उनकी समय-सारणी प्रभावित है. इससे पहले भी उन्होंने अप्रैल चुनावों से पहले दौरा रद्द किया था. नेतन्याहू की 2019 में भी भारत यात्रा स्थगित हुई थी. वहीं वर्ष 2022 में तत्कालीन प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट का भारत दौरा तय हुआ था, लेकिन उनके कोविड पॉजिटिव पाए जाने के कारण वह यात्रा भी रद्द हो गई थी.

अगले वर्ष संभावित नई तारीख

नेतन्याहू और मोदी के बीच व्यक्तिगत स्तर पर अच्छे समीकरण माने जाते हैं, इसलिए उनका भारत आना दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा था. लेकिन फिलहाल नेतन्याहू ने अपनी यात्रा स्थगित कर दी है. रिपोर्टों में कहा गया है कि सुरक्षा समीक्षा पूरी होने के बाद अगले साल एक नई तारीख पर विचार किया जा सकता है. यह तारीख दोनों देशों के अधिकारियों की आपसी सहमति से तय होगी.

पीयूष गोयल से 23 नवंबर को मिले थे नेतन्याहू

कुछ दिनों पहले ही इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार तीन दिवसीय भारत दौरे पर आए थे. उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की थी और राजनीतिक, आर्थिक व सुरक्षा सहयोग पर विस्तृत बातचीत की थी. गिदोन का यह दौरा नेतन्याहू की संभावित भारत यात्रा की तैयारी के रूप में देखा जा रहा था. हालांकि अब नेतन्याहू की इस वर्ष की यात्रा टल चुकी है. हालांकि दौरे के टलने से पहले नेतन्याहू ने भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाका की. उन्होंने इसे ट्वीट करते हुए लिखा था कि इजरायल और भारत अपनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत कर रहे हैं, अधिक निवेश, अधिक नवाचार और भारत से इजरायल होते हुए यूरोप तक एक मजबूत आर्थिक गलियारा बना रहे हैं. हम मिलकर आर्थिक शक्ति का निर्माण कर रहे हैं.

गाजा में हमास के सफाए पर जुटे हैं नेतन्याहू

नेतन्याहू का भारत दौरा इजरायल में व्यापक रूप से ऐसे प्रयास के रूप में देखा जा रहा था, जिसके जरिए वह अपनी अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता दिखाना चाहते थे. जुलाई में, नेतन्याहू की राजनीतिक पार्टी ने ऐसे बैनर लगाए थे जिनमें पीएम मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ नेतन्याहू की तस्वीरें थीं, ताकि उन्हें अलग लीग के नेता के रूप में प्रस्तुत कर समर्थन जुटाया जा सके. हालांकि नेतन्याहू इस समय गाजा शांति के प्रयासों में लगे हुए हैं. ट्रंप के 20 सूत्रीय शांति समझौते का पहला चरण लागू हो गया है. बाकी चरणों के लिए वे तेजी से जुटे हैं. उन्होंने गाजा में हमास के खात्मे को लेकर पूरी तरह से प्रतिबद्धता दर्शाई है. 

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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