दिल्ली एयरपोर्ट पर दबोचा गया बांग्लादेशी छात्र, हिंदू पुलिस अफसर का हत्यारा था

Bangladeshi Student Arrested: बांग्लादेशी पुलिस ऑफिसर संतोष चौधरी की हत्या का मुख्य आरोपी अहमद रजा हसन दिल्ली एयरपोर्ट पर पकड़ा गया. खुद को छात्र बताने वाला आरोपी चकमा देकर फिनलैंड भागने की फिराक में था. इमिग्रेशन विभाग ने उसे हिरासत में लेकर वापस बांग्लादेश भेज दिया है.

Bangladeshi Student Arrested: दिल्ली एयरपोर्ट से एक बड़ी खबर सामने आई है. बांग्लादेश में एक हिंदू पुलिस ऑफिसर की बेरहमी से हत्या करने वाला मुख्य आरोपी अहमद रजा हसन मेहदी दिल्ली में पकड़ा गया है. मेहदी यहां से चकमा देकर यूरोप (फिनलैंड) भागने की फिराक में था, लेकिन इमिग्रेशन विभाग ने उसे धर दबोचा. अधिकारियों के अनुसार, जरूरी कानूनी कार्रवाई के बाद उसे वापस बांग्लादेश डिपोर्ट (भेज) कर दिया गया है.

सोशल मीडिया पर कुबूला था गुनाह

मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों के अनुसार, मेहदी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था. इस वीडियो में वह खुद पुलिस थाने के अंदर बैठकर गर्व से सब-इंस्पेक्टर संतोष चौधरी की हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए दिखाई दे रहा था. इनपुट मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उसे फ्लाइट पकड़ने से ठीक पहले इंटरसेप्ट कर लिया.

कौन थे शहीद सब-इंस्पेक्टर संतोष चौधरी?

सब-इंस्पेक्टर संतोष चौधरी अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे. उनकी शादी को अभी एक साल भी नहीं हुआ था कि 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना सरकार गिरने के दौरान भड़की हिंसा में उनकी जान ले ली गई.

दिल दहला देने वाली घटना: हबीबगंज के बनियाचांग थाने पर भीड़ ने हमला किया था. रिपोर्ट्स के अनुसार, संतोष चौधरी को पीट-पीटकर मार डाला गया और फिर जला दिया गया. बाद में उनका शव एक पेड़ से लटका मिला.

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़: संतोष की मौत के तीन महीने बाद उनकी पत्नी ने एक बेटे को जन्म दिया. जिस पिता को अपने बच्चे का चेहरा देखना था, वह नफरत की भेंट चढ़ गए.

क्यों भड़की थी बांग्लादेश में हिंसा?

बांग्लादेश में यह पूरा विवाद सरकारी नौकरियों में मिलने वाले ‘कोटा सिस्टम’ को लेकर शुरू हुआ था. इसमें 1971 के मुक्ति योद्धाओं के परिवारों को 30% आरक्षण दिया जा रहा था. छात्रों ने इसके खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया, जो बाद में इतना हिंसक हो गया कि प्रधानमंत्री शेख हसीना को देश छोड़कर भागना पड़ा.

अल्पसंख्यकों को बनाया गया निशाना

5 अगस्त को जब तख्तापलट हुआ, तो उस दौरान कई जगहों पर लूटपाट और आगजनी हुई. बीबीसी बांग्ला की एक रिपोर्ट (जिसे बाद में वापस ले लिया गया था) और बांग्लादेश पोस्ट के अनुसार, हिंदू ऑफिसर संतोष चौधरी को खास तौर पर टारगेट किया गया था. आंदोलन की आड़ में अल्पसंख्यकों और उनके मंदिरों पर भी हमले की खबरें सामने आई थीं.

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लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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