बांग्लादेश की अंतरिम सरकार से एक और इस्तीफा, एक हफ्ते में दो दिग्गजों ने छोड़ा मोहम्मद यूनुस का साथ

Bangladesh Interim Government: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार से इस्तीफे का दौर जारी है. गृह मंत्रालय के मुख्य सलाहकार के विशेष सहायक खुदा बख्श चौधरी के इस्तीफे के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय के विशेष सहायक सैदुर रहमान ने अपना पद छोड़ दिया है.

Bangladesh Interim Government: बांग्लादेश में चुनावों का ऐलान होने के बाद से अंतरिम सरकार में भगदड़ मची हुई है. मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में चल रही सरकार से लगातार इस्तीफे हो रहे हैं. अब स्वास्थ्य मंत्रालय के मुख्य सलाहकार के विशेष सहायक सैदुर रहमान ने अपना पद छोड़ दिया है. यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार पर कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक मामलों को संभालने के तरीके को लेकर बढ़ते दबाव का सामना करना पड़ रहा है. रहमान एक सप्ताह के भीतर अंतरिम सरकार से इस्तीफा देने वाले दूसरे वरिष्ठ अधिकारी बन गए हैं.

‘डेली स्टार’ अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश के कैबिनेट विभाग ने मंगलवार की रात एक राजपत्र अधिसूचना जारी कर कहा कि राष्ट्रपति ने रहमान का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है. हालांकि, उनके इस्तीफे के पीछे का स्पष्ट कारण फिलहाल सामने नहीं आया है. इस मामले में बांग्ला दैनिक ‘प्रोथोम आलो’ ने रहमान के हवाले से बताया कि, “मैंने लगभग एक महीने पहले ही इस्तीफा दे दिया था और इसे मंगलवार को औपचारिक रूप से स्वीकार किया गया. मेरी सरकारी सेवा का कार्यकाल मंगलवार को समाप्त हो गया.”

पहले गृह मंत्रालय के मुख्य सलाहकार ने दिया था इस्तीफा

सैदुर रहमान, जो बंगबंधु शेख मुजीब मेडिकल यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति रह चुके हैं. उनको पिछले साल नवंबर में राज्य मंत्री के समकक्ष पद देते हुए मुख्य सलाहकार के विशेष सहायक के रूप में नियुक्त किया गया था. रहमान का इस्तीफा, गृह मंत्रालय के मुख्य सलाहकार के विशेष सहायक खुदा बख्श चौधरी के इस्तीफे के तुरंत बाद आया है. चौधरी ने 24 दिसंबर को पद छोड़ दिया था. उनके इस्तीफे की पृष्ठभूमि में छात्र कार्यकर्ता शरीफ उस्मान बिन हादी की हत्या और मैमनसिंह में एक हिंदू युवक दीपू चंद्र दास के कथित ईशनिंदा मामले में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या किए जाने जैसी घटनाए हैं. इनके बाद यूनुस सरकार की कानून-व्यवस्था संभालने की क्षमता पर आलोचना बढ़ती जा रही है.

चुनावों की घोषणा, लेकिन मतगणना की तारीख का ऐलान नहीं

इन इस्तीफों से यह संकेत मिलता है कि अंतरिम सरकार में वरिष्ठ पदों पर कार्यरत अधिकारियों के बीच भी असंतोष और दबाव की स्थिति बन रही है, खासकर ऐसे समय में जब देश में सामाजिक और धार्मिक तनाव उच्च स्तर पर है. सैदुर के इस्तीफे के बाद अंतरिम सरकार में अस्थिरता और गहरा गई है. हालांकि चुनावों में भी  ज्यादा समय नहीं बचा है. 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद, 12 फरवरी 2026 को बांग्लादेश में नई सरकार के लिए चुनाव होने हैं. हालांकि इन चुनावों के बाद मतगणना की तारीख नहीं तय की गई है, जिससे अंतरिम सरकार की नीयत पर विश्लेषकों ने चिंता जताई है. 

पीटीआई भाषा के इनपुट के साथ.

ये भी पढ़ें:-

उस्मान हादी को 5 लाख टका दिए थे, फिर दुबई क्यों भागा? हत्या के संदिग्ध आरोपी का नया खुलासा 

मातृभूमि का एकीकरण कोई रोक नहीं सकता, ताइवान पर जस्टिस मिशन के बाद गरजे शी जिनपिंग

फिनलैंड ने जब्त किया रूस का कार्गो शिप, समुद्र के नीचे केबल को नुकसान पहुंचाने का लगाया आरोप

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >