सैकड़ों की भीड़ तमाशबीन, हिंदू युवक की मॉब लिंचिंग में गिरफ्तार हुए सिर्फ 7, यूनुस ने दी जानकारी

Bangladesh Hindu Man lynching 7 People Arrested: बांग्लादेश की रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) ने हिंदू युवक की मॉब लिंचिंग के मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है. बांग्लादेश सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने यह जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए दी.

By Anant Narayan Shukla | December 20, 2025 2:38 PM

Bangladesh Hindu Man lynching 7 People Arrested: बांग्लादेश के मैमनसिंह जिले के भालुका में एक हिंदू युवक की मॉब लिंचिंग की गई. इसके बाद उसे पेड़ से बांधकर आग लगा दी गई. आरोप लगाया गया कि दीपू चंद्र दास नाम के एक आम गरीब मजदूर ने ईशनिंदा की थी. हालांकि वह पुलिस थाने में था, लेकिन अंत में मामला उसकी मौत पर ही खत्म हुआ. उस्मान हादी की मौत के साए में दीपू की मौत कहीं दब गई, लेकिन दबाव पड़ने पर इस मामले पर कार्रवाई की गई है. बांग्लादेश की रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) ने हिंदू युवक की मॉब लिंचिंग के मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है. बांग्लादेश सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने यह जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए दी.

 RAB-14 ने अलग-अलग स्थानों पर अभियान चलाकर इन सभी को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपियों के नाम हैं- मोहम्मद लिमोन सरकार (19), मोहम्मद तारिक हुसैन (19), मोहम्मद मानिक मिया (20), एरशाद अली (39), निजुम उद्दीन (20), आलमगीर हुसैन (38) और मोहम्मद मिराज हुसैन अकोन (46). देश के सबसे बड़े अल्पसंख्यक संगठन बांग्लादेश हिंदू-बौद्ध-ईसाई यूनिटी काउंसिल ने इस हत्या की कड़ी निंदा करते हुए इसे सांप्रदायिक सौहार्द को खतरे में डालने वाला जघन्य कृत्य बताया. बयान में आगे कहा गया कि काउंसिल इस जघन्य घटना की कड़ी निंदा और विरोध करती है तथा दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और उन्हें उदाहरणात्मक सजा दिए जाने की मांग करती है.

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यूनुस सरकार ने कहा- ऐसी हिंसा की जगह नहीं

पीड़ित दीपू चंद्र दास (27) एक गारमेंट्स फैक्ट्री में काम करता था और सनातन धर्म का अनुयायी था. उसे 18 दिसंबर को मैमनसिंह जिले के भालुका इलाके में पीट-पीटकर मार डाला गया. पुलिस के अनुसार, यह हत्या कथित रूप से ईशनिंदा के आरोपों के बाद की गई. मोहम्म यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने भी इस लिंचिंग की सख्त शब्दों में निंदा की. सरकार ने एक अलग बयान में कहा, “हम मैमनसिंह में एक हिंदू व्यक्ति की मॉब लिंचिंग की पूरे दिल से निंदा करते हैं. नए बांग्लादेश में इस तरह की हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है. इस जघन्य अपराध के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.”

हादी की मौत के बाद हिंसा बर्दाश्त नहीं- यूनुस प्रशासन

वहीं यूनुस सरकार ने राजनीतिक कार्यकर्ता शरीफ उस्मान बिन हादी की हत्या के बाद पैदा हुई व्यापक अशांति पर अपनी पहली विस्तृत प्रतिक्रिया दी है. सरकार ने व्यापक अपील में कहा कि वह हिंसा, धमकी, आगजनी और संपत्ति के विनाश के सभी रूपों की कड़े और स्पष्ट शब्दों में निंदा करती है और चेतावनी दी कि ऐसी कार्रवाइयां बांग्लादेश के लोकतांत्रिक परिवर्तन को पटरी से उतार सकती हैं.  बयान में आगे कहा गया कि यह हमारे देश के इतिहास का एक निर्णायक क्षण है. हम अराजकता फैलाने और शांति को नकारने वालों को इस प्रक्रिया को विफल नहीं होने दे सकते.

पत्रकारों पर हमले में न्याय दिलाने का किया वादा

उस्मान हादी की मौत के बाद मीडिया संस्थानों द डेली स्टार, प्रोथोम आलो और न्यू एज के ऊपर हमला किया गया. इस दौरान पत्रकारों का जीवन खतरे में पड़ गया. उनके लिए सांस लेना भी मुश्किल हो गया था. अंतरिम सरकार ने एकजुटता जताते हुए कहा कि पत्रकारों के साथ हम खड़े हैं. आपने जिस आतंक और हिंसा का सामना किया है, उसके लिए हमें गहरा दुख है. देश ने आतंक के सामने आपके साहस और धैर्य को देखा है. पत्रकारों पर हमले सच पर हमले हैं. हम आपको पूर्ण न्याय दिलाने का वादा करते हैं.

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