बांग्लादेश में गोपालगंज-3 से नहीं लड़ पाएंगे गोविंद, हिंदू नेता से डरा यूनुस महकमा, शेख हसीना वाली सीट पर हुआ खेल

Bangladesh Election Gopalganj-3 Hindu Candidate: बांग्लादेश चुनाव आयोग ने शेख हसीना की गोपालगंज-3 वाली ऐतिहासिक सीट पर हिंदू नेता एडवोकेट गोविंद चंद्र प्रमाणिक का नामांकन पत्र खारिज कर दिया है. प्रमाणिक जातीय हिंदू महाजोट के एक गुट के महासचिव हैं. इस सीट पर शेख हसीना 1980 से लगातार जीत दर्ज करती आ रही थीं.

Bangladesh Election Gopalganj-3 Candidate Hindu Leader: बांग्लादेश चुनाव आयोग ने जातीय हिंदू महाजोट के एक गुट के महासचिव और हिंदू नेता एडवोकेट गोविंद चंद्र प्रमाणिक का नामांकन पत्र आगामी चुनावों के लिए रद्द कर दिया है. प्रमाणिक ने गोपालगंज-3 संसदीय सीट से चुनाव लड़ने के लिए नामांकन दाखिल किया था. यह सीट पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना द्वारा प्रतिनिधित्व की जा चुकी एक अहम निर्वाचन क्षेत्र मानी जाती है. चुनावी नियमों के अनुसार, इस सीट से निर्दलीय उम्मीदवार को 1% कम से कम 3,086 मतदाताओं के हस्ताक्षरयुक्त सहमति पत्र जमा करने होते हैं. सत्यापन के दौरान बांग्लादेश चुनाव आयोग के अधिकारियों को दस्तावेजों में गड़बड़ियां मिलीं. कई हस्ताक्षरों की पुष्टि नहीं हो सकी, जिसके चलते नामांकन पत्र को अमान्य घोषित कर दिया गया. अब प्रमाणिक ने चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ अपील करने की घोषणा की है.

फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए गोविंद चंद्र प्रमाणिक ने एएनआई से कहा, “मैं चुनाव आयोग के इस निर्णय के खिलाफ अपील करूंगा.” उन्होंने भरोसा जताया कि अपील प्रक्रिया के दौरान इस त्रुटि को ठीक किया जा सकता है. यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब बांग्लादेश में तारिक रहमान की वापसी से बीएनपी का चुनाव अभियान उफान पर है. ऐसे में शेख हसीना की छोड़ी हुई सीट पर अगर हिंदू समुदाय का जीतता है, तो बांग्लादेश के कट्टरपंथियों के लिए हार जैसी महसूस हो सकती है. इस सीट पर हिंदू मतदाताओं की संख्या अच्छी खासी है. हसीना इस सीट पर 1980 से लगातार जीतती आ रही थीं.

हिंदुओं पर बढ़ रहे हमले

बांग्लादेश में यह ऐसे समय में हो रहा है, जब हिंदू समुदाय के लिए हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. बीते कुछ हफ्तों में अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों और बढ़ती असुरक्षा को लेकर कई रिपोर्टें सामने आई हैं.  हाल ही में एक दर्दनाक घटना ने देशभर का ध्यान खींचा, जब खोकोन दास नामक एक हिंदू युवक की नए साल की पूर्व संध्या पर आग लगाए जाने के बाद मौत हो गई. आरोप है कि हमलावरों ने पहले उस पर धारदार हथियारों से हमला किया, फिर उसके शरीर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी.

जान बचाने के प्रयास में खोकोन दास सड़क किनारे स्थित एक तालाब में कूद गया. उसकी चीखें सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद हमलावर फरार हो गए. स्थानीय लोगों ने उसे बचाकर पहले शरीयतपुर सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे प्राथमिक उपचार दिया गया. बाद में हालत बिगड़ने पर उसी रात उसे ढाका रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

तीन आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

इस मामले में बांग्लादेश की विशेष सुरक्षा बल रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) ने तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. RAB-8 और ढाका स्थित खुफिया विंग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, RAB-14, CPC-2 किशोरगंज कैंप की एक टीम ने, कंपनी कमांडर एएसपी शाहजहान के नेतृत्व में, शनिवार देर रात करीब 1 बजे एक अभियान चलाकर किशोरगंज के बाजितपुर इलाके से नामजद आरोपियों सोहाग, रब्बी और पलाश को गिरफ्तार किया. शरीयतपुर के पुलिस अधीक्षक रौनक जहां ने बताया कि मौत से पहले खोकोन दास ने हमले के लिए जिम्मेदार लोगों के नाम बताए थे.

लगातार हुए हिंदुओं पर हमले

यह हमला बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए हमले की बढ़ती कड़ी ही है. इससे पहले दीपू चंद्र दास नाम के फैक्ट्री कर्मचारी को पीट-पीटकर मार डाला गया, लेकिन जनता का मन इससे भी नहीं भरा, उन्होंने दीपू को पेड़ से बांधकर आग लगा दिया. इसके बाद भी हत्याओं और हमलों का सिलसिला नहीं रुका. हिदुओं के घरों पर हमले किए गए, घर के बाहर से ताला लगाकर उनमें आग लगा दी गई. अमृत मंडल नाम के एक युवक की धारदार हथियार से हमला करके जान ले ली गई. यह सब बांग्लादेश में चुनावों के ऐलान होने के बाद से हो रहा है. 

12 फरवरी को होंगे चुनाव

5 अगस्त 2024 को शेख हसीना सरकार का पतन होने के बाद से मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार चल रही है, वे इस शासन के मुख्य सलाहकार हैं. डेढ़ वर्षों से भी अधिक समय बीत जाने के बाद 12 फरवरी 2026 को चुनावों का ऐलान किया गया है. इस चुनाव के साथ मोहम्मद यूनुस द्वारा पेश किए गए जुलाई नेशनल चार्टर पर भी जनमत संग्रह किया जाएगा. यानी जनता को एक साथ दो वोट डालने होंगे. 

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