पेरिस: इस्लामिक स्टेट आतंकवादी संगठन को गुपचुप तरीके से वित्त मुहैया करने वाले नेटवर्क का मुकाबला करने के लिए चर्चा करने और तंत्र विकसित करने को लेकर विश्व की बडी आर्थिक शक्तियों के साथ भारत यहां प्रथम वैश्विक बैठक में भाग ले रहा है.दुर्दांत आतंकवादी संगठन को हाल में हुए पेरिस हमले के लिए जिम्मेदार […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
पेरिस: इस्लामिक स्टेट आतंकवादी संगठन को गुपचुप तरीके से वित्त मुहैया करने वाले नेटवर्क का मुकाबला करने के लिए चर्चा करने और तंत्र विकसित करने को लेकर विश्व की बडी आर्थिक शक्तियों के साथ भारत यहां प्रथम वैश्विक बैठक में भाग ले रहा है.दुर्दांत आतंकवादी संगठन को हाल में हुए पेरिस हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है जिसमें कम से कम 129 लोग मारे गए थे.
वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) सचिवालय कार्यालय में 12 दिसंबर से 14 दिसंबर के बीच बैठक हो रही है और इसमें वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व एक अंतर मंत्रालयी टीम शरीक हो रही है. एफएटीएफ सचिवालय ने इस बात की पुष्टि की है कि भारतीय अधिकारी उस चर्चा का हिस्सा होंगे जिसका लक्ष्य आईएसआईएस के प्रभाव से सदस्य देशों के आर्थिक और बैंकिंग चैनलों को सुरक्षित करना है.
एफएटीएफ ने बताया, ‘‘भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वित्त मंत्रालय करेगा जिसमें संबद्ध मंत्रालयों और एजेंसियों की भागीदारी होगी.’ दिल्ली में वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय खुफिया इकाई के अधिकारी वार्ता के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे. उन्होंने बताया कि विभिन्न जांच एजेंसियों की निगरानी के तहत ऐसे कुछ उदाहरण हैं जिनसे संकेत मिलता है कि आईएसआईएस को धन भारत के जरिये होकर पहुंच सकता है अगर भारत में उसका स्रोत नहीं भी है तो. इस समस्या से निपटने के लिए वार्ता में एक औपचारिक प्रस्ताव करने की उम्मीद है.